B12 की कमी में खाएं ये 5 चीजें?डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें
विटामिन B12 की कमी में अंडा, दूध, मछली, चिकन और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। जानें इनके बारे में जरूरी जानकारी और सावधानियां।
अंडा, दूध और डेयरी उत्पाद विटामिन B12 के उपयोगी स्रोत
➤ मछली और चिकन को भी संतुलित आहार में किया जा सकता है शामिल
➤ गंभीर कमी में केवल डाइट पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह जरूरी
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन B12 बेहद जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज और डीएनए के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, हाथ-पैर में झनझनाहट, चक्कर या एकाग्रता में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विटामिन B12 मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, जबकि कुछ खाद्य पदार्थों में इसे अलग से मिलाया जाता है। अगर डॉक्टर ने जांच के बाद आपको विटामिन B12 की कमी बताई है, तो खान-पान में इसके अच्छे स्रोतों को शामिल करना मददगार हो सकता है।
हालांकि, कमी ज्यादा होने पर केवल डाइट पर्याप्त नहीं हो सकती। ऐसी स्थिति में डॉक्टर सप्लीमेंट या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं। इसलिए जांच में कमी सामने आने पर केवल खान-पान बदलकर गंभीर कमी का इलाज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
विटामिन B12 की कमी में डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें
1. अंडा
अंडा विटामिन B12 का एक आसान खाद्य स्रोत है। इसे नाश्ते या भोजन में शामिल किया जा सकता है। अंडे की मात्रा व्यक्ति की कुल डाइट और स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार रखनी चाहिए।
जो लोग अंडे का सेवन करते हैं, उनके लिए यह रोजमर्रा के भोजन में विटामिन B12 शामिल करने का एक विकल्प हो सकता है।
2. दूध और डेयरी उत्पाद
दूध, दही और कुछ अन्य डेयरी उत्पाद विटामिन B12 उपलब्ध करा सकते हैं। जो लोग मांस या मछली नहीं खाते, उनके लिए डेयरी खाद्य पदार्थ उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।
डेयरी उत्पादों को अपनी नियमित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, इनकी मात्रा व्यक्ति की कुल डाइट और स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार होनी चाहिए।
3. मछली
कुछ मछलियां विटामिन B12 के अच्छे स्रोत होती हैं। सैल्मन, सार्डिन और टूना जैसी मछलियों में बी12 के साथ प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं।
इसलिए जो लोग मछली खाते हैं, वे इसे संतुलित आहार का हिस्सा बना सकते हैं। मछली के जरिए विटामिन B12 के साथ दूसरे पोषक तत्व भी मिल सकते हैं।
4. चिकन
चिकन में भी विटामिन B12 पाया जाता है। इसलिए इसे भी संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
जो लोग मांसाहारी भोजन लेते हैं, उनके लिए चिकन विटामिन B12 वाले खाद्य विकल्पों में शामिल हो सकता है। हालांकि, भोजन में इसकी मात्रा व्यक्ति की कुल डाइट और स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार रखनी चाहिए।
5. फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ
जो लोग शाकाहारी या वीगन डाइट लेते हैं, उनके लिए कुछ विटामिन B12 से फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ विकल्प हो सकते हैं। उदाहरण के लिए कुछ फोर्टिफाइड अनाज और पौधों से बने दूध के विकल्पों में B12 मिलाया जाता है।
फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट पर पोषण संबंधी जानकारी जरूर देखें, ताकि यह पता चल सके कि उसमें विटामिन B12 मौजूद है या नहीं।
केवल डाइट ही विटामिन B12 की कमी का कारण नहीं
विटामिन B12 की कमी का कारण केवल डाइट नहीं होता। शरीर में इसका अवशोषण कम होना, कुछ स्वास्थ्य स्थितियां या कुछ दवाएं भी इसकी कमी से जुड़ी हो सकती हैं।
इसलिए अगर जांच में विटामिन B12 की कमी सामने आई है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लेना जरूरी है। खासकर गंभीर कमी की स्थिति में केवल खान-पान में बदलाव पर्याप्त नहीं हो सकता।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें उपचार
विटामिन B12 शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है, इसलिए इसकी कमी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अंडा, दूध और डेयरी उत्पाद, मछली, चिकन तथा फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ डाइट में इसके स्रोत हो सकते हैं।
हालांकि, कमी की वजह और स्तर व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए जांच में कमी सामने आने पर डॉक्टर से सलाह लेकर ही आगे का उपचार तय करना बेहतर है। केवल खान-पान के भरोसे गंभीर कमी का इलाज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
Akhil Mahajan