दिल्ली में 11 मेट्रो स्टेशन बंद, धारा 163 लागू

दिल्ली में CEC के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद, न्यू दिल्ली जिले में धारा 163 लागू, सुरक्षा बढ़ी।

दिल्ली में 11 मेट्रो स्टेशन बंद, धारा 163 लागू

➤ नई दिल्ली इलाके के 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट अगले आदेश तक बंद
➤ न्यू दिल्ली जिले में धारा 163 के तहत सभा और प्रदर्शन पर प्रतिबंध
➤ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ी


दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। न्यू दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए उठाया गया है।

इन 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

जिन मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किया गया है, उनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।

हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस, आईएनए, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ऐसे में इन स्टेशनों से दूसरी मेट्रो लाइन में जाने वाले यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलती रहेगी, लेकिन सामान्य प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लागू रहेगा।

न्यू दिल्ली जिले में धारा 163 लागू

पुलिस की ओर से लागू किए गए प्रतिबंधों के तहत बिना पूर्व लिखित अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों की सार्वजनिक सभा, जुलूस, प्रदर्शन, धरना और पिकेटिंग पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा बिना अनुमति नारे लगाने और भाषण देने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

आदेश के तहत बिना अनुमति आग्नेयास्त्र, बैनर, पोस्टर, प्लेकार्ड, लाठी, तलवार, डंडे, ईंट-पत्थर या इस तरह की अन्य वस्तुएं लेकर चलने पर भी रोक लगाई गई है। पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधों का पालन करने और किसी भी अनधिकृत सभा या प्रतिबंधित गतिविधि से दूर रहने की अपील की है।

आदेश का उल्लंघन होने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सख्ती

यह पूरी सुरक्षा व्यवस्था जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले की गई है। पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और अधिवक्ता प्रशांत भूषण की ओर से किया गया है।

प्रस्तावित प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आपत्तियां उठाई जानी हैं। आयोजकों की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी अपनी बातें रखी जा रही हैं।

3 से 4 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और न्यू दिल्ली जिले के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोगों के शामिल होने की संभावना थी। इसी को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई और अनधिकृत भीड़ को रोकने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

यातायात व्यवस्था पर भी असर

सुरक्षा इंतजामों का असर दिल्ली की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, जीपीओ, टॉल्सटॉय मार्ग, जंतर-मंतर रोड, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित या डायवर्ट किया जा सकता है।

दिल्ली में इस दौरान यात्रा करने वाले लोगों को प्रभावित इलाकों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाने की जरूरत होगी। मेट्रो के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद होने से यात्रियों को वैकल्पिक स्टेशनों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

गांधी जयंती के कार्यक्रमों के चलते भी सुरक्षा कड़ी

2 अक्टूबर को राजघाट और विजय घाट पर गांधी जयंती से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय दिल्ली के कई इलाकों में पहले से ही सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और गांधी जयंती के कार्यक्रमों को देखते हुए दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ाई गई है।

फिलहाल प्रशासन का जोर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अनधिकृत भीड़ को रोकने और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने पर है। 11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला अगले आदेश तक लागू रहेगा, जबकि पांच प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा जारी रहेगी।