आकाश आनंद ने मांगी माफी,मायावती से बोले- फिर सेवा का अवसर चाहता हूं
आकाश आनंद ने मायावती से माफी मांगकर बसपा में फिर सेवा का अवसर मांगा। उन्होंने दूसरे दल में जाने से इनकार किया और पार्टी को अपना परिवार बताया।
आकाश आनंद ने मायावती को पत्र लिखकर माफी मांगी और बसपा में फिर सेवा का अवसर मांगा
➤ बोले- किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जाऊंगा, BSP मेरे लिए सिर्फ पार्टी नहीं बल्कि परिवार है
➤ मायावती को राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और बुआ मां बताते हुए मिशन को रिश्तों से ऊपर रखा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी से निष्कासन के बाद आकाश आनंद ने बसपा प्रमुख मायावती के नाम पत्र लिखकर माफी मांगी है। उन्होंने अपने बारे में चल रही राजनीतिक अटकलों को भी स्पष्ट किया और कहा कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं। आकाश आनंद ने कहा कि वह हमेशा बसपा के साथ रहेंगे और पार्टी को अपना परिवार मानते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब सितंबर में मायावती ने उन्हें पार्टी से पूरी तरह अलग करने की घोषणा की थी।
आकाश आनंद ने एक्स पर अपनी बात रखते हुए मायावती से कहा कि वह उनसे क्षमा मांगते हैं। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और बुआ मां बताया। आकाश ने कहा कि राजनीति में उन्होंने जो कुछ सीखा है, वह मायावती के मार्गदर्शन में ही सीखा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका राजनीतिक रास्ता बसपा और उसके मिशन से जुड़ा हुआ है।
दूसरे दल में जाने की अटकलों पर आकाश आनंद ने दिया जवाब
पिछले कुछ दिनों से आकाश आनंद को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया में अलग-अलग तरह की खबरें और अटकलें चल रही थीं। अपने पत्र के जरिए उन्होंने इन चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं, न आज और न कभी।
आकाश आनंद ने कहा कि BSP उनके लिए सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि उनका परिवार है। उन्होंने बसपा के साथ बने रहने की बात दोहराते हुए कहा कि वह पार्टी और उसके मिशन से जुड़े रहना चाहते हैं।
अशोक सिद्धार्थ पर मायावती के फैसले को बताया उचित
आकाश आनंद ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने और उनके राजनीतिक संन्यास के संबंध में मायावती के फैसले को पूरी तरह उचित बताया। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले के साथ खड़े हैं।
आकाश ने कहा कि रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन के हित को रखना उनकी जिम्मेदारी है। सितंबर में अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास के बाद मायावती ने आकाश आनंद को भी पार्टी से पूरी तरह अलग करने की घोषणा की थी।
मायावती से फिर काम करने का अवसर मांगा
आकाश आनंद ने मायावती से दोबारा पार्टी और मिशन की सेवा करने का अवसर देने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ उनके नेतृत्व में फिर से पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है और वह अपने आचरण तथा मेहनत के जरिए इसे साबित करेंगे। आकाश आनंद ने अपने पत्र में बसपा के राजनीतिक मिशन को अपनी राजनीति का आधार बताते हुए कहा कि बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता और मायावती का नेतृत्व ही उनकी राजनीति है।
सितंबर में मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से किया था अलग
आकाश आनंद को लेकर बसपा में पिछले कुछ समय से लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। 3 सितंबर 2026 को मायावती ने उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से हटा दिया था। इसके बाद 10 सितंबर 2026 को उन्हें पार्टी से पूरी तरह अलग करने की घोषणा की गई।
मायावती ने उस समय आकाश आनंद के पार्टी संबंधी रुख और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, मायावती ने आकाश आनंद के उनकी एक पोस्ट को दोबारा साझा नहीं करने को भी मुद्दा बनाया था।
इसके बाद 12 सितंबर 2026 को मायावती ने कहा था कि उनके भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों आकाश आनंद और ईशान आनंद को पार्टी संगठन में कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा।
अब आकाश आनंद की ओर से माफी मांगने और बसपा में फिर काम करने का अवसर मांगने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। आकाश ने अपने पत्र में पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने की संभावनाओं से साफ इनकार किया है।
Akhil Mahajan