खेल विवि के VC देंगे इस्तीफा,हाईकोर्ट का आदेश, 31 अक्टूबर तक नया कुलपति

खेल विश्वविद्यालय राई के कुलपति तीन सप्ताह में इस्तीफा देंगे। हाईकोर्ट ने सरकार को एक सप्ताह में इस्तीफा स्वीकार कर 31 अक्टूबर तक नई नियुक्ति के निर्देश दिए।

खेल विवि के VC देंगे इस्तीफा,हाईकोर्ट का आदेश, 31 अक्टूबर तक नया कुलपति

खेल विवि के कुलपति 3 सप्ताह के भीतर देंगे इस्तीफा
➤ हाईकोर्ट का आदेश, इस्तीफा मिलते ही एक सप्ताह में स्वीकार करे सरकार
➤ 31 अक्टूबर तक नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

सोनीपत, 1 अक्टूबर (ब्यूरो)। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खेल विश्वविद्यालय, राई के कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कुलपति के पद से इस्तीफा और नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर समय-सीमा तय कर दी है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार कुलपति 3 सप्ताह के भीतर अपना इस्तीफा सौंपेंगे, जबकि राज्य सरकार को इस्तीफा मिलने के एक सप्ताह के भीतर उसे स्वीकार करना होगा। इसके साथ ही 31 अक्टूबर तक नए कुलपति की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुलपति ने कोर्ट के समक्ष कहा कि व्यक्तिगत कारणों से वह पद पर बने रहने की स्थिति में नहीं हैं और तीन सप्ताह के भीतर अपना इस्तीफा सौंप देंगे। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि कुलपति का इस्तीफा मिलने के एक सप्ताह के भीतर उसे स्वीकार किया जाए और 31 अक्टूबर तक नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए।

हाईकोर्ट ने नियुक्ति को लेकर तय की समय-सीमा

यह मामला खेल विश्वविद्यालय, राई के कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान कुलपति के पद से इस्तीफा देने और नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर समय-सीमा तय की गई।

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने 28 सितंबर को याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। याचिका में खेल विवि में कुलपति की नियुक्ति को यूजीसी विनियम-2018 के अनुरूप नहीं बताया गया था। इसके साथ ही कुलपति के वेतन निर्धारण, पेंशन और भत्तों से जुड़े आदेशों को भी चुनौती दी गई थी।

कुलपति बोले- विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया

कुलपति एवं रिटायर्ड डीजीपी (उत्तराखंड) अशोक कुमार ने कहा कि वह निजी कारणों से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय में गुणात्मक सुधार किए और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नियुक्ति सरकार ने की थी और वेतन भी सरकार ने ही निर्धारित किया था। सरकार विवि के फर्स्ट वाइस चांसलर को यूजीसी के निर्धारित मानदंड से इतर भी नियुक्त कर सकती है। कुलपति अशोक कुमार को राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।

नए कुलपति की नियुक्ति में यूजीसी विनियम-2018 का पालन जरूरी

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि नए कुलपति की नियुक्ति यूजीसी विनियम-2018 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए की जाए। इसके लिए कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के डॉ. एस. मोहन बनाम सचिव द चारसर, पांडिचेरी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी मामले में वर्ष 2026 में दिए गए फैसले को भी ध्यान में रखने को कहा है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह आदेश दिया। याचिका में खेल विवि में कुलपति की नियुक्ति को यूजीसी विनियम-2018 के अनुरूप नहीं बताया गया था। इसके साथ ही कुलपति के वेतन निर्धारण, पेंशन और भत्तों से जुड़े आदेशों को भी चुनौती दी गई थी।

इस्तीफा स्वीकार होने तक वरिष्ठतम डीन संभालेंगे जिम्मेदारी

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को खेल विवि के कुलपति का इस्तीफा स्वीकार करने, पद रिक्त होने पर अंतरिम व्यवस्था करने और नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने सहित सभी जरूरी कदम 31 अक्टूबर तक पूरे करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के साथ कोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया।

इस्तीफा स्वीकार होने के बाद पद रिक्त होने की स्थिति में अंतरिम व्यवस्था को लेकर भी हाईकोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय के स्टैट्यूट के नियम-2 में निर्धारित प्रावधान के अनुसार वरिष्ठतम डीन को कुलपति के दायित्वों का निर्वहन सौंपा जाए। यह व्यवस्था नए कुलपति की नियुक्ति तक जारी रहेगी।