हरियाणा के ग्रुप-डी कर्मचारियों को बड़ी राहत, काडर बदलने पर नहीं जाएगी सीनियरिटी; सरकार ने किया स्पष्ट
हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारियों की काडर बदलने पर सीनियरिटी को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की। 5 से 20 अक्टूबर तक दोबारा विकल्प देने का मौका मिलेगा।
➤ काडर बदलने पर हर कर्मचारी की सीनियरिटी खत्म होना जरूरी नहीं
➤ 5 से 20 अक्टूबर तक दोबारा विकल्प देने के लिए खुलेगा पोर्टल
➤ अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार तय होगी कर्मचारियों की सीनियरिटी
चंडीगढ़। हरियाणा में विज्ञापन संख्या 4/2018 के तहत चयनित चतुर्थ श्रेणी यानी ग्रुप-डी कर्मचारियों के काडर और सीनियरिटी को लेकर बना संशय अब दूर हो गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कॉमन काडर बदलने से हर कर्मचारी की सीनियरिटी प्रभावित होना जरूरी नहीं है। कर्मचारियों को काडर बदलने को लेकर अपना विकल्प देने का एक और मौका दिया जा रहा है। इसके लिए पोर्टल 5 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक दोबारा खोला जाएगा। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद उन कर्मचारियों को राहत मिली है, जो इस गलत धारणा के कारण असमंजस में थे कि काडर बदलते ही उनकी सीनियरिटी हर हाल में समाप्त हो जाएगी।
मानव संसाधन विभाग ने 17 जुलाई को ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था। इसमें कर्मचारियों को दो विकल्प दिए गए थे। कर्मचारी या तो कॉमन काडर में बने रह सकते थे और हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2018 के तहत शासित हो सकते थे, या फिर कॉमन काडर से बाहर निकलकर संबंधित विभाग के सेवा नियमों के तहत सेवाएं जारी रखने का विकल्प चुन सकते थे।
इस विकल्प के लिए पोर्टल को पहले 15 अगस्त को बंद कर दिया गया था। इसके बाद सरकार के संज्ञान में आया कि पोर्टल के विकल्प मॉड्यूल में ऐसा संदेश दिखाई दे रहा था, जिससे कर्मचारियों में यह धारणा बनी कि काडर बदलने की स्थिति में उनकी सीनियरिटी समाप्त हो जाएगी। यह संदेश उन कर्मचारियों के बीच भी भ्रम का कारण बना, जिन्हें हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग यानी HSSC की ओर से मूल रूप से किसी विभाग का आवंटन किया गया था।
कई कर्मचारियों ने इसी धारणा के तहत अपना विकल्प चुना कि काडर बदलने पर उनकी सीनियरिटी हर हाल में खत्म हो जाएगी। अब सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दोबारा विकल्प देने का अवसर देने का फैसला किया है, ताकि कर्मचारी अपनी वास्तविक स्थिति को समझते हुए काडर के संबंध में निर्णय ले सकें।
जो कर्मचारी कॉमन काडर में बने रहने का विकल्प चुनते हैं, उनकी सेवाएं हरियाणा समूह-डी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें अधिनियम-2018, समय-समय पर संशोधित रूप में, के तहत संचालित होंगी। ऐसे कर्मचारियों की सीनियरिटी HSSC की ओर से तैयार संयुक्त योग्यता सूची के अनुसार निर्धारित की जाएगी।
सरकार ने उन कर्मचारियों की स्थिति भी स्पष्ट की है, जिनकी नियुक्ति HSSC की अनुशंसाओं के तहत किसी विभाग में हुई थी और जिन्हें 24 जून 2019 के माध्यम से विभाग परिवर्तन का एक बार का अवसर दिया गया था। सीनियरिटी तय करने के उद्देश्य से ऐसे कर्मचारियों का वही विभाग प्रारंभिक विभाग माना जाएगा, जहां उनकी नियुक्ति मूल रूप से हुई थी।
यदि ऐसा कर्मचारी 2024 के सामान्य स्थानांतरण अभियान के दौरान स्थानांतरित हुए बिना उसी विभाग में सेवा जारी रखता है और कॉमन काडर से बाहर रहने का विकल्प चुनता है, तो उसकी सीनियरिटी उस विभाग पर लागू HSSC योग्यता या चयन सूची और संबंधित सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित की जाएगी।
वहीं, उन कर्मचारियों के लिए स्थिति अलग होगी, जिनकी नियुक्ति शुरुआत में किसी एक विभाग में हुई थी, लेकिन बाद में 2024 के सामान्य तबादला अभियान के दौरान उन्हें किसी दूसरे विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया। यदि ऐसा कर्मचारी अब वर्तमान विभाग में ही रहने का विकल्प चुनता है, तो वर्तमान विभाग में सीनियरिटी निर्धारित करने के उद्देश्य से उसे नव नियुक्त कर्मचारी माना जाएगा।
ऐसे कर्मचारी को संबंधित सेवा नियमों के अनुसार उस विभाग की सीनियरिटी सूची में सबसे नीचे रखा जाएगा। इसका अर्थ है कि वर्तमान विभाग में जिस तारीख को उसने कार्यभार संभाला, उस समय उस काडर में कार्यरत सभी कर्मचारियों के नीचे उसकी सीनियरिटी निर्धारित होगी।
सरकार के स्पष्टीकरण से यह बात सामने आती है कि काडर बदलने और सीनियरिटी खत्म होने का नियम सभी कर्मचारियों के लिए एक जैसा नहीं है। कर्मचारी की मूल नियुक्ति, विभाग परिवर्तन, 2019 में मिले अवसर और 2024 के सामान्य तबादला अभियान में हुए स्थानांतरण जैसी परिस्थितियों के आधार पर सीनियरिटी निर्धारित की जाएगी।
ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि काडर और सीनियरिटी का सीधा संबंध उनकी सेवा में आगे की स्थिति से है। पहले पोर्टल पर दिखाई दे रहे संदेश के कारण कर्मचारियों के बीच भ्रम पैदा हुआ था और कई कर्मचारी सीनियरिटी को लेकर चिंतित थे। अब सरकार ने इस स्थिति को स्पष्ट करते हुए उन्हें दोबारा विकल्प देने का अवसर दिया है।
अब 5 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक पोर्टल दोबारा खुलने के दौरान कर्मचारी काडर से संबंधित अपना विकल्प दे सकेंगे। इससे उन कर्मचारियों को भी अपने विकल्प पर दोबारा विचार करने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने पहले सीनियरिटी को लेकर बनी धारणा के आधार पर फैसला लिया था।
कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात यही है कि कॉमन काडर बदलने मात्र से हर कर्मचारी की सीनियरिटी खत्म नहीं होगी। सीनियरिटी का निर्धारण संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति और विभागीय स्थिति के अनुसार लागू नियमों के आधार पर किया जाएगा। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद ग्रुप-डी कर्मचारियों के बीच काडर परिवर्तन और सीनियरिटी को लेकर बना भ्रम काफी हद तक स्पष्ट हुआ है।
Akhil Mahajan