कर्मयोगी रैंकिंग में हरियाणा देशभर में नंबर-1, 60.72 स्कोर; फ्रंटलाइन कर्मियों को 30 सितंबर तक ऑनबोर्ड करने के निर्देश
iGOT कर्मयोगी रैंकिंग में हरियाणा ने 60.72 स्कोर के साथ देशभर में पहला स्थान हासिल किया। फ्रंटलाइन कर्मियों को 30 सितंबर तक ऑनबोर्ड करने के निर्देश दिए गए।
➤ iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म की कैटेगरी B में हरियाणा पहले स्थान पर
➤ हरियाणा का 60.72 कंपोजिट स्कोर, कर्नाटक 60.47 और तेलंगाना 60.39 पर
➤ 30 सितंबर तक सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश
पंचकूला। कर्मचारियों की कार्यकुशलता और कैपेसिटी बिल्डिंग के मामले में हरियाणा ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से संचालित iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म की ताजा प्रदर्शन रैंकिंग में हरियाणा ने कैटेगरी B, यानी 1 लाख से 5 लाख कर्मचारियों वाले राज्यों की श्रेणी में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। हरियाणा ने 60.72 का कंपोजिट स्कोर हासिल किया है। इस रैंकिंग में कर्नाटक 60.47 स्कोर के साथ और तेलंगाना 60.39 स्कोर के साथ हरियाणा के पीछे रहे। रैंकिंग सामने आने के बाद मुख्य सचिव कार्यालय के प्रशिक्षण विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों को प्लेटफॉर्म पर कर्मचारियों की भागीदारी और प्रशिक्षण से जुड़े जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से यह कार्रवाई कर्मयोगी भारत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) छवि भारद्वाज द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर की जा रही है। पत्र के आधार पर सभी प्रशासनिक सचिवों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्य में सरकारी कर्मचारियों की क्षमता निर्माण और लगातार सीखने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
फ्रंटलाइन कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी से जोड़ने के निर्देश
राज्य सरकार से कहा गया है कि सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए। इसके साथ ही 30 सितंबर 2026 तक राज्य में मौजूद सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों की कुल संख्या की पुष्टि करने के लिए भी कहा गया है।
फ्रंटलाइन कर्मचारियों को प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड करने का उद्देश्य उन्हें उपलब्ध प्रशिक्षण और सीखने के संसाधनों से जोड़ना है। प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में जरूरी कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
हर महीने कम से कम एक घंटे की ट्रेनिंग
सरकारी कर्मचारियों के लिए लगातार सीखने और अपनी दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी कर्मचारियों को iGOT प्लेटफॉर्म पर हर महीने कम से कम 1 घंटे का कोर्स या प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके माध्यम से कर्मचारियों को उनके काम से जुड़े विषयों के साथ-साथ बदलती जरूरतों और नई तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। नियमित प्रशिक्षण को कर्मचारियों की क्षमता निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।
क्षेत्रीय और हिंदी भाषा में तैयार होंगे लोकल कोर्स
हरियाणा सरकार ATI यानी हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान के सहयोग से राज्य की योजनाओं, नीतियों, नियमों और मिशनों से जुड़े डोमेन कोर्स तैयार करेगी। इन कोर्स को क्षेत्रीय और हिंदी भाषा में तैयार करने की योजना है, ताकि कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण सामग्री को अधिक उपयोगी और आसानी से समझने योग्य बनाया जा सके।
इन कोर्स को तैयार करने के लिए ATI की डिजिटल लर्निंग लैब और कंटेंट स्टूडियो का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राज्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने और उसे iGOT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
AI और साइबर सुरक्षा समेत 700 से ज्यादा कोर्स उपलब्ध
iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के मार्केटप्लेस पर 700 से अधिक एडवांस कोर्स मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं। इन कोर्स में जेनरेटिव AI, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं।
सरकारी कर्मचारियों को इन आधुनिक विषयों से जुड़े प्रशिक्षण का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विशेष रूप से साइबर सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है।
साइबर सुरक्षा निपुण बैज हासिल करना होगा
कर्मचारियों के लिए ‘फाउंडेशन ऑफ साइबर सेफ्टी इन पब्लिक सर्विस’ कोर्स पूरा करना अनिवार्य किया जा रहा है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद कर्मचारियों को ‘साइबर सुरक्षा निपुण’ बैज हासिल करना होगा।
इस पूरी प्रक्रिया के तहत iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर कर्मचारियों की प्रशिक्षण भागीदारी बढ़ाने, उनकी क्षमता विकसित करने और आधुनिक विषयों से जुड़े ज्ञान को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
Akhil Mahajan