9 हजार रुपये की रिश्वत लेते Dial-112 के दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, स्कूटी छोड़ने के बदले मांगे थे 10 हजार

फरीदाबाद ACB ने पलवल में स्कूटी छोड़ने के बदले 9 हजार रुपये की रिश्वत लेते Dial-112 कांस्टेबल हरीश को गिरफ्तार किया। कांस्टेबल दीपक भी गिरफ्तार हुआ।

9 हजार रुपये की रिश्वत लेते Dial-112 के दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, स्कूटी छोड़ने के बदले मांगे थे 10 हजार

➤ स्कूटी छोड़ने के बदले 10 हजार रुपये मांगने का आरोप
➤ 9 हजार रुपये लेते कांस्टेबल हरीश ट्रैप में गिरफ्तार
➤ कांस्टेबल दीपक को भी पूछताछ के बाद किया गया गिरफ्तार


पलवल/फरीदाबाद: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की फरीदाबाद उपकेंद्र पलवल टीम ने Dial-112 पर तैनात दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने एक व्यक्ति की स्कूटी छोड़ने के बदले उससे रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने 1 अक्टूबर 2026 को पलवल में ट्रैप कार्रवाई की और कांस्टेबल हरीश को शिकायतकर्ता से 9,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मौके पर मौजूद कांस्टेबल दीपक को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। मामले में दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर 2026 को शिकायतकर्ता का अपने परिजनों के साथ विवाद हो गया था। विवाद के बाद वह घर से चला गया। परिजनों की ओर से इस मामले की सूचना Dial-112 पर दी गई थी। बाद में शिकायतकर्ता अपने दोस्त की एक्टिवा स्कूटी पर घर लौट रहा था। इसी दौरान उसे Dial-112 की राइडर टीम दिखाई दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह घबरा गया और स्कूटी लेकर वहां से निकल गया।

रास्ते में स्कूटी का टायर पंचर हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता स्कूटी को वहीं छोड़कर चला गया। दो दिन बाद 30 सितंबर 2026 को कांस्टेबल दीपक ने उसे फोन करके बुलाया। वहां उसकी मुलाकात कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल हरीश से हुई। आरोप है कि दोनों ने स्कूटी उनके कब्जे में होने की बात कहते हुए उसे वापस छोड़ने के बदले 10,000 रुपये की मांग की।

शिकायतकर्ता और पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत के बाद कथित रिश्वत की रकम 9,000 रुपये में तय हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी ACB को दी। शिकायत मिलने पर ACB ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत आरोपों का सत्यापन किया और कार्रवाई की तैयारी शुरू की।

ट्रैप लगाकर कांस्टेबल को पकड़ा

ACB की टीम ने 1 अक्टूबर 2026 को पलवल में वंदेमातरम स्कूल के पीछे निर्माणाधीन मकान के पास ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल हरीश ने शिकायतकर्ता से 9,000 रुपये लिए। इसी दौरान ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने उसके पास से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली।

मौके पर कांस्टेबल दीपक भी मौजूद था। उसे भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। ACB की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और गवाहों की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए जाने की जानकारी दी गई है।

निरीक्षक राजकुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

यह ट्रैप कार्रवाई निरीक्षक राजकुमार, प्रभारी, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, उपकेंद्र पलवल के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई के दौरान राजपत्रित अधिकारी के रूप में अभिषेक, सहायक आबकारी एवं कराधान अधिकारी (आबकारी), कार्यालय उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त, पलवल भी मौजूद रहे।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की आधिकारिक जानकारी के अनुसार पलवल, Faridabad Range के अंतर्गत आता है और पलवल यूनिट का कार्यालय Sector 74, Mirzapur Faridabad में है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियोग संख्या 22, दिनांक 1 अक्टूबर 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में दर्ज किया गया है।

ट्रैप कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए जाने की जानकारी दी गई है। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों और कार्रवाई से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

ACB ने नागरिकों से रिश्वत की शिकायत करने की अपील की

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नागरिकों से सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सूचना देने की अपील की है। ब्यूरो के मुताबिक, भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत के लिए 1064 और 1800-180-2022 टोल-फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा WhatsApp नंबर 94178-91064 पर भी शिकायत भेजी जा सकती है।

ACB के मुताबिक, ट्रैप कार्रवाई के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत प्राप्त होना जरूरी है। शिकायत का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किए जाने के बाद ही ट्रैप कार्रवाई की जाती है।