आईएन मेहता बने हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन, अधिवक्ताओं की मांगें सरकार के समक्ष उठाने का ऐलान

हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल को नया नेतृत्व मिला। आईएन मेहता चेयरमैन, शिवानी शर्मा वाइस चेयरमैन और विक्रांत चंदेल BCI प्रतिनिधि चुने गए।

आईएन मेहता बने हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन, अधिवक्ताओं की मांगें सरकार के समक्ष उठाने का ऐलान

➤ आईएन मेहता को बार काउंसिल का चेयरमैन चुना गया
➤ शिवानी शर्मा वाइस चेयरमैन, विक्रांत चंदेल बने BCI प्रतिनिधि
➤ अधिवक्ताओं के लिए पांच-पांच लाख रुपये सहायता और लॉ भवन की मांग उठेगी


शिमला। हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल को करीब 133 दिनों के इंतजार के बाद नया नेतृत्व मिल गया है। बुधवार को बार काउंसिल के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI के प्रतिनिधि का चुनाव संपन्न हुआ। वरिष्ठ अधिवक्ता आईएन मेहता को बार काउंसिल का चेयरमैन चुना गया, जबकि शिवानी शर्मा वाइस चेयरमैन निर्वाचित हुईं। वहीं, विक्रांत चंदेल को बार काउंसिल ऑफ इंडिया में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। पदभार संभालने के बाद आईएन मेहता ने प्रदेश के अधिवक्ताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाने की बात कही है।

नए चेयरमैन आईएन मेहता ने कहा कि प्रदेश में करीब 15 हजार अधिवक्ता प्रैक्टिस कर रहे हैं, लेकिन कई स्थानों पर अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, लाइब्रेरी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं से जुड़े इन मुद्दों को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष उठाया जाएगा।

आईएन मेहता ने कहा कि बार काउंसिल की अगली बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक बार एसोसिएशन के लिए पांच-पांच लाख रुपये की सहायता, अधिवक्ताओं के ठहरने के लिए लॉ भवन और मेडिकल इंश्योरेंस योजना जैसी मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में अधिवक्ता अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर उन्हें आवश्यक सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। चैंबर और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए बार काउंसिल की ओर से इन मांगों को प्राथमिकता के साथ सरकार के सामने रखने की तैयारी की जा रही है।

आईएन मेहता ने यह भी कहा कि अब तक किसी भी सरकार ने अधिवक्ताओं के हित में कोई विशेष योजना या अनुदान उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे में बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को व्यवस्थित तरीके से उठाने और सरकार के समक्ष उनकी मांगें रखने की दिशा में काम किया जाएगा।

बुधवार को हुए चुनाव में कुल 21 मतदाताओं ने भाग लिया। इनमें बार काउंसिल के 18 निर्वाचित सदस्य, दो मनोनीत सदस्य और हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता शामिल थे। इन्हीं सदस्यों ने चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और BCI प्रतिनिधि का चुनाव किया।

हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के 18 सदस्यों के चुनाव की अधिसूचना 17 फरवरी 2026 को जारी हुई थी। इसके बाद 20 अप्रैल को मतदान हुआ था और 20 मई 2026 को चुनाव परिणाम घोषित किए गए थे। इसके बाद बार काउंसिल के नए पदाधिकारियों के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हुई।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत बार काउंसिल में दो महिला सदस्यों को भी को-ऑप्ट किया गया था। इसके बाद चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई।

अब नए नेतृत्व के सामने प्रदेश के करीब 15 हजार अधिवक्ताओं से जुड़े बुनियादी सुविधाओं और कल्याण संबंधी मुद्दों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। आईएन मेहता ने पदभार संभालने के बाद जिन मांगों को सरकार के समक्ष रखने की बात कही है, उनमें प्रत्येक बार एसोसिएशन के लिए आर्थिक सहायता, लॉ भवन और मेडिकल इंश्योरेंस योजना प्रमुख हैं।