मुख्यमंत्री सुक्खू ने मशोबरा बालिका आश्रम में बच्चों संग मनाई दिवाली, बोले- ये मेरे परिवार का हिस्सा

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मशोबरा बालिका आश्रम में चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के साथ दिवाली मनाई और बच्चों को शिक्षा, आवास व आत्मनिर्भरता के लिए सहायता का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने मशोबरा बालिका आश्रम में बच्चों संग मनाई दिवाली, बोले- ये मेरे परिवार का हिस्सा

मुख्यमंत्री सुक्खू ने मशोबरा बालिका आश्रम में बच्चों के साथ मनाई दिवाली

➤ बच्चों को फल, मिठाइयां और पटाखे बांटे, उनके साथ पटाखे जलाकर साझा की खुशियां

➤ बोले- ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ मेरे परिवार का हिस्सा, सरकार निभा रही माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दिवाली का पर्व मशोबरा स्थित बालिका आश्रम में ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के साथ मनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों को फल, मिठाइयां और पटाखे वितरित किए तथा उनके साथ पटाखे जलाकर दिवाली मनाई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि वे उनके लिए सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अपने परिवार का हिस्सा हैं। उनके बेहतर भविष्य, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए प्रदेश सरकार हरसंभव सहायता जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ उनके अपने परिवार का हिस्सा हैं। इसी भावना के साथ वह समय-समय पर विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों में जाकर बच्चों से मुलाकात करते रहते हैं। इन दौरों का उद्देश्य केवल बच्चों के साथ समय बिताना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं, जरूरतों और अपेक्षाओं को करीब से समझना भी है, ताकि उनके समाधान के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास इन बच्चों के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हैं। सरकार उनकी शिक्षा का पूरा खर्च वहन कर रही है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बच्चों को घर बनाने और विवाह संबंधी खर्चों के लिए भी आर्थिक मदद दी जा रही है, ताकि भविष्य में उन्हें किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

बाल देखभाल संस्थानों में बेहतर सुविधाओं पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों को सुरक्षित और बेहतर माहौल देने के उद्देश्य से इन संस्थानों में छात्रावासों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि इन संस्थानों में रहने वाले बच्चों को सुविधाओं की कमी महसूस न हो और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।

उन्होंने कहा कि ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा दिए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने इन बच्चों के माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया है। इसी सोच के तहत उनके सर्वांगीण विकास, सुरक्षा और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई कल्याणकारी योजनाएं और पहलें की जा रही हैं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बच्चों को शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें तथा वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।

मन लगाकर पढ़ाई करें, अच्छे संस्कार अपनाएं और जिम्मेदार नागरिक बनें

मुख्यमंत्री ने बच्चों को जीवन में मेहनत और अनुशासन का महत्व समझाते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने चाहिए और भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने बच्चों को कड़ी मेहनत करने तथा हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार भविष्य में भी उनकी सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं बच्चों के कल्याण और उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की नियमित निगरानी करते हैं, ताकि योजनाओं का लाभ उन्हें सही तरीके से मिल सके और उनकी जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।

इस अवसर पर बालिका आश्रम, मशोबरा की छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सम्मान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। दिवाली के मौके पर मुख्यमंत्री की बच्चों के साथ इस मुलाकात ने त्योहार की खुशियों को साझा करने के साथ उनके प्रति सरकार की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी दर्शाया।