बीबीएमबी में हिमाचल को हक मिलने पर जयराम ठाकुर ने दी बधाई, सुक्खू सरकार पर साधा निशाना

बीबीएमबी में हिमाचल को हक मिलने पर जयराम ठाकुर ने बधाई दी। उन्होंने जीत का श्रेय सामूहिक प्रयासों को देते हुए सुक्खू सरकार पर निशाना साधा।

बीबीएमबी में हिमाचल को हक मिलने पर जयराम ठाकुर ने दी बधाई, सुक्खू सरकार पर साधा निशाना

बीबीएमबी में हिमाचल को हक मिलने पर जयराम ठाकुर ने प्रदेशवासियों को दी बधाई
➤ बोले- तीन दशक की लड़ाई का श्रेय सभी सरकारों और लोगों के सामूहिक प्रयासों को मिलना चाहिए
➤ सुक्खू सरकार पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा पूरा न करने और 125 यूनिट योजना बंद करने का आरोप

शिमला। बीबीएमबी में हिमाचल प्रदेश को उसका हक मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार का आभार जताया। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन दशक से चली आ रही लड़ाई में मिली जीत का श्रेय लेने की राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह जीत किसी एक व्यक्ति या सरकार के प्रयासों का परिणाम नहीं, बल्कि पिछले 30 वर्षों में प्रदेश की अलग-अलग सरकारों और लोगों की सामूहिक मेहनत का नतीजा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने अपने अधिकारों के लिए पिछले तीन दशकों से लगातार संघर्ष किया है। इस दौरान प्रदेश की अलग-अलग सरकारों ने मजबूती के साथ हिमाचल का पक्ष रखा और अपने हक की लड़ाई लड़ी। वर्ष 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने भी हिमाचल के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन संबंधित राज्य इस पर सहमति जताने के लिए तैयार नहीं थे। तत्कालीन सरकारें भी विवाद के समाधान के लिए ऐसा कोई फार्मूला नहीं निकाल पाई थीं, जिससे लंबे समय से चले आ रहे इस मामले का पटाक्षेप हो सके।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 30 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार ने कैशलेस सेटलमेंट का फार्मूला दिया और संबंधित राज्यों के साथ सहमति बनाने के प्रयास किए। इसके बाद ही हिमाचल के हित में यह महत्वपूर्ण फैसला संभव हो पाया। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने हर स्तर पर हिमाचल के हितों का ध्यान रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लंबे समय से चले आ रहे अंतरराज्यीय जल विवादों के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किए गए।

बीबीएमबी की बकाया धनराशि के भुगतान के लिए 20 साल की समयसीमा

जयराम ठाकुर ने कहा कि बीबीएमबी में हिमाचल की बकाया धनराशि चुकाने के लिए संबंधित राज्य 30 साल का समय मांग रहे थे। हालांकि, केंद्र सरकार के प्रयासों के चलते सुप्रीम कोर्ट ने पूरी देनदारी चुकाने के लिए 20 साल की समयसीमा निर्धारित की है। उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश के हित में महत्वपूर्ण फैसला बताया।

उन्होंने कहा कि इस जीत का श्रेय किसी एक व्यक्ति या सरकार को देने के बजाय उन सभी सरकारों और लोगों के सामूहिक प्रयासों को दिया जाना चाहिए, जिन्होंने तीन दशकों तक हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव और प्रसन्नता का अवसर है। ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ नहीं होनी चाहिए।

300 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे को लेकर भी घेरा

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में झूठा श्रेय लेना बंद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने जनता से 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन उसे अब तक पूरा नहीं किया गया। इतना ही नहीं, भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को भी बंद कर दिया गया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि बीबीएमबी में हिमाचल को मिले अधिकारों का श्रेय लेने के बजाय सुक्खू सरकार को जनता से किए गए वादे पूरे करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार भाजपा शासनकाल में शुरू की गई 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को बंद करने के बजाय 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का अपना वादा पूरा करे।

बाइट: जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष।