पंचगांव देश में नंबर-1,426 AQI के साथ सबसे प्रदूषित, हरियाणा के 5 शहर टॉप-10 में

हरियाणा का पंचगांव 426 AQI के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बना। टॉप-10 में पांच शहर शामिल, NCR में GRAP-3 लागू होने से कई गतिविधियों पर रोक लगी।

पंचगांव देश में नंबर-1,426 AQI के साथ सबसे प्रदूषित, हरियाणा के 5 शहर टॉप-10 में

हरियाणा के पंचगांव में AQI 426, देश के 280 शहरों में सबसे ज्यादा प्रदूषण

➤ देश के टॉप-10 प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर शामिल

➤ NCR में GRAP-3 लागू, निर्माण कार्यों से लेकर पुराने वाहनों पर बढ़ीं पाबंदियां

हरियाणा में प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। प्रदेश के कई शहरों की हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि वे देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हो गए हैं। गुरुग्राम जिले के पंचगांव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 426 दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 280 निगरानी वाले शहरों में पंचगांव की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। इसके साथ ही देश के टॉप-10 प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर शामिल हैं।

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 6 नवंबर को दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। पहले से लागू GRAP-1 और GRAP-2 के साथ अब GRAP-3 की पाबंदियां भी प्रभावी होंगी। इसका सीधा असर हरियाणा के NCR क्षेत्र के 14 जिलों पर पड़ेगा। यहां निर्माण गतिविधियों, पुराने वाहनों, स्टोन क्रशर और खनन कार्यों पर सख्ती बढ़ाई गई है। इसके अलावा गुरुग्राम और फरीदाबाद में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई का विकल्प भी लागू किया गया है।

पंचगांव देश में पहले नंबर पर, बल्लभगढ़ तीसरे स्थान पर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुग्राम जिले के पंचगांव में AQI 426 दर्ज किया गया। इस स्तर के साथ पंचगांव देश के 280 निगरानी वाले शहरों में सबसे अधिक प्रदूषित रहा।

प्रदूषण के मामले में उत्तर प्रदेश का गजरौला 407 AQI के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि हरियाणा का बल्लभगढ़ 397 AQI के साथ देश में तीसरे नंबर पर पहुंच गया। राजधानी दिल्ली का AQI 382 दर्ज किया गया है।

हरियाणा के अन्य शहरों की स्थिति भी चिंताजनक है। गुरुग्राम में AQI 368 और भिवानी में 353 दर्ज किया गया। इस तरह देश के टॉप-10 प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर शामिल हो गए हैं। प्रदेश के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर दिल्ली से भी अधिक बना हुआ है।

हरियाणा के 14 शहरों में हवा बहुत खराब, पंचगांव की स्थिति गंभीर

प्रदेश के अलग-अलग शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर लगातार बिगड़ रहा है। पंचगांव की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं बल्लभगढ़, गुरुग्राम, भिवानी, हिसार, मानेसर, बहादुरगढ़, फरीदाबाद, चरखी दादरी और रोहतक में हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई है।

इसके अलावा अंबाला, धारूहेड़ा, सोनीपत, जींद, कुरुक्षेत्र, पानीपत और नारनौल में भी प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में बना हुआ है।

हालांकि, प्रदेश के कुछ शहरों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। पंचकूला में AQI 59 और पलवल में 135 दर्ज किया गया। सिरसा और फतेहाबाद में भी प्रदूषण की स्थिति अन्य शहरों के मुकाबले बेहतर रही।

NCR में GRAP-3 लागू, हरियाणा के 14 जिलों में बढ़ेंगी पाबंदियां

प्रदूषण के लगातार बढ़ते स्तर को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 6 नवंबर को दिल्ली-NCR में GRAP का तीसरा चरण लागू किया है।

इससे पहले GRAP-1 और GRAP-2 की पाबंदियां लागू थीं। अब इनके साथ GRAP-3 के नियम भी प्रभावी होंगे। हरियाणा के NCR क्षेत्र में शामिल 14 जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा। खास तौर पर निर्माण कार्यों, वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों पर निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी।

GRAP-3 में निर्माण कार्यों पर रोक, धूल उड़ाने वाली गतिविधियां भी बंद

GRAP-3 लागू होने के बाद NCR में कई तरह के निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। इनमें खुदाई, पाइलिंग, तोड़फोड़, ईंट-चिनाई, सड़क निर्माण, पेंटिंग और टाइल कटिंग जैसे काम शामिल हैं। इसके अलावा धूल पैदा करने वाली अन्य निर्माण गतिविधियां भी बंद रहेंगी।

हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, राष्ट्रीय सुरक्षा और कुछ जरूरी सार्वजनिक परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के साथ छूट दी गई है।

स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP-3 के तहत पूरे NCR में स्टोन क्रशर के संचालन और खनन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। इससे हरियाणा के NCR क्षेत्र में इन गतिविधियों पर भी सख्ती रहेगी।

BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल की पुरानी गाड़ियों पर प्रतिबंध

GRAP-3 के तहत पुराने वाहनों को लेकर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल या इससे पुराने उत्सर्जन मानक वाली चार पहिया LMV गाड़ियों पर दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में प्रतिबंध लागू होगा।

हालांकि, दिव्यांग व्यक्तियों के विशेष रूप से अनुकूलित वाहनों को इस आदेश में छूट दी गई है।

गुरुग्राम और फरीदाबाद में पांचवीं तक ऑनलाइन-ऑफलाइन पढ़ाई का विकल्प

प्रदूषण के बीच बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। GRAP-3 के तहत गुरुग्राम और फरीदाबाद में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई का विकल्प अनिवार्य किया गया है।

विद्यार्थी और अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प चुन सकेंगे। इससे बच्चों को स्कूल जाने या घर से पढ़ाई करने के बीच विकल्प मिलेगा।

सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की छूट

GRAP-3 के तहत कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी विकल्प दिया गया है। राज्य सरकारें सरकारी कार्यालयों, नगर निकायों और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही कार्यालय बुलाने का निर्णय ले सकती हैं। बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का विकल्प रहेगा।

इस तरह प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए NCR में निर्माण कार्यों से लेकर वाहनों और कार्यालयों तक कई स्तरों पर पाबंदियां लागू की गई हैं।