अंबाला में 1857 शहीद स्मारक का अमित शाह ने किया उद्घाटन, बोले- दुनिया तक पहुंचेगी क्रांतिकारियों की गौरवगाथा

अंबाला में अमित शाह ने 594 करोड़ रुपये से बने 1857 शहीद स्मारक का उद्घाटन किया। स्मारक में 23 दीर्घाएं और आधुनिक तकनीक से इतिहास दिखाया जाएगा।

अंबाला में 1857 शहीद स्मारक का अमित शाह ने किया उद्घाटन, बोले- दुनिया तक पहुंचेगी क्रांतिकारियों की गौरवगाथा

➤ 594 करोड़ रुपये की लागत से 22 एकड़ में बना 1857 क्रांति का शहीद स्मारक

➤ स्मारक में 23 दीर्घाएं, वर्चुअल रियलिटी, होलोग्राम और इंटरएक्टिव प्रोजेक्शन की सुविधा

➤ गांधी ग्राउंड की रैली में अमित शाह ने हरियाणा के विकास कार्यों और केंद्र की योजनाओं का भी किया उल्लेख


अंबाला की ऐतिहासिक धरती पर 1857 की क्रांति के वीरों को समर्पित भव्य शहीद स्मारक का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह स्मारक देश के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल ईंट-पत्थरों से बनी इमारत नहीं, बल्कि उन लाखों ज्ञात-अज्ञात वीरों के बलिदान, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 594 करोड़ रुपये की लागत से 22 एकड़ भूमि पर तैयार इस स्मारक में 23 दीर्घाएं बनाई गई हैं, जहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से 1857 से 1947 तक चले स्वतंत्रता संघर्ष की कहानी को जीवंत तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। उद्घाटन के बाद अमित शाह अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी मौजूद रहे।

594 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ भव्य स्मारक

अमित शाह ने कहा कि अंबाला की जिस ऐतिहासिक भूमि पर 10 मई 1857 को अंग्रेजी शासन के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का बिगुल बजा था, उसी धरती पर इस स्मारक का निर्माण किया गया है। लंबे समय से देखा जा रहा यह सपना अब साकार हुआ है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से 22 एकड़ भूमि पर करीब 594 करोड़ रुपये की लागत से स्मारक तैयार किया गया है। इसमें 23 अलग-अलग दीर्घाएं बनाई गई हैं, जिनके माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पड़ावों और क्रांतिकारियों के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।

शाह ने कहा कि यह स्मारक 1857 से 1947 तक चले 90 वर्षों के संघर्ष को समर्पित है। इसका उद्देश्य देश के युवाओं और किशोरों को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से परिचित कराना और उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत करना है।

सावरकर ने 1857 की क्रांति को बताया था प्रथम स्वतंत्रता संग्राम

अमित शाह ने कहा कि वीर सावरकर ने 1857 की क्रांति को केवल विद्रोह नहीं, बल्कि भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम बताया था। इस संघर्ष में नानासाहेब पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, अजीमुल्ला खान, बेगम हजरत महल और बहादुर शाह जफर जैसे महान योद्धाओं ने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी।

उन्होंने बिहार के वीर बाबू कुंवर सिंह का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि 87 वर्ष की आयु में भी बाबू कुंवर सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किया। गोली लगने के बाद संक्रमण के डर से उन्होंने अपना घायल हाथ स्वयं काटकर मां गंगा को समर्पित कर दिया था। ऐसे वीरों का इतिहास देश की नई पीढ़ी तक पहुंचना जरूरी है।

आधुनिक तकनीक से जीवंत होगी आजादी के संघर्ष की कहानी

शहीद स्मारक की विशेषताओं का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि यहां इतिहास को केवल पढ़ने और देखने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि आधुनिक तकनीक के जरिए उसे जीवंत बनाने का प्रयास किया गया है।

स्मारक में वर्चुअल रियलिटी, होलोग्राम, वर्चुअल दीर्घाएं और इंटरएक्टिव प्रोजेक्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। यहां ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ हरियाणा की समृद्ध कला और संस्कृति को भी प्रदर्शित किया गया है। फुलकारी और सरकंडा शिल्पकला के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।

परिसर में 2500 लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर भी बनाया गया है। यहां आयोजित होने वाला लाइट एंड साउंड शो दर्शकों को 1857 के दौर और आजादी के संघर्ष की घटनाओं से परिचित कराएगा।

अमित शाह ने कहा कि जो देश अपने शहीदों के बलिदान और स्वतंत्रता की कीमत को याद नहीं रखता, वह आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का सही बोध नहीं करा सकता।

हरियाणा के किसानों और खिलाड़ियों की उपलब्धियों का किया जिक्र

गांधी ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने हरियाणा में पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने कृषि, खेल, उद्योग, परिवहन और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में कई पहल की हैं।

उन्होंने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा के किसानों ने देश के खाद्यान्न भंडार भरने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रदेश में 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद, भावांतर भरपाई योजना और पशुपालन क्षेत्र में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने जैसे कदमों का भी उल्लेख किया।

शाह ने कहा कि खेलों में पदक हासिल करने और सेना में जवानों की भागीदारी के मामले में हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण, परिवार पहचान पत्र, ऑनलाइन ट्रांसफर नीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जैसे कदमों को भी सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया।

उन्होंने हरियाणा को धुआं मुक्त बनाने, नशे के खिलाफ अभियान चलाने और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का भी जिक्र किया।

हाइड्रोजन ट्रेन और हवाई सेवाओं का भी किया उल्लेख

केंद्रीय गृह मंत्री ने हरियाणा में परिवहन और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी बात रखी। उन्होंने प्रदेश में पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाने, एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनाने और परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया।

अंबाला में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे की आधारशिला और हवाई संपर्क बढ़ाने की पहल को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही यमुनानगर में करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से गोबर संयंत्र स्थापित करने का जिक्र किया।

1260 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान करीब 1260 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का भी लोकार्पण किया गया। अमित शाह ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से प्रदेश में आवागमन आसान होगा और विकास गतिविधियों को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार हरियाणा के विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है और भाजपा सरकार अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों तथा गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, केंद्रीय प्रभारी स्मृति ईरानी, केंद्रीय सह-प्रभारी डॉ. भोला सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।