रिटायरमेंट से 2 महीने पहले नायब सूबेदार की मौ*त, लेह-लद्दाख में आया हार्ट अटैक

जींद के शादीपुर निवासी नायब सूबेदार नरेश लाठर की लेह-लद्दाख में हार्ट अटैक से मौत हो गई। 22 साल सेना में सेवा दी, दो महीने बाद रिटायरमेंट थी।

रिटायरमेंट से 2 महीने पहले नायब सूबेदार की मौ*त, लेह-लद्दाख में आया हार्ट अटैक

➤ लेह-लद्दाख में तैनात जींद के नायब सूबेदार नरेश लाठर की हार्ट अटैक से मौत

➤ 22 साल तक सेना में दी सेवाएं, महज 2 महीने बाद होने वाली थी रिटायरमेंट

➤ पीछे छोड़ गए पत्नी, 15 साल की बेटी और 13 साल का बेटा; आज गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर

22 साल तक भारतीय सेना में दी सेवाएं, घर लौटने की तैयारी में था परिवार; जींद के शादीपुर गांव में पसरा मातम, पिता के निधन से दो बच्चों के सिर से उठा साया

जींद जिले के जुलाना क्षेत्र के गांव शादीपुर निवासी भारतीय सेना के नायब सूबेदार नरेश लाठर (42) का लेह-लद्दाख में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह पिछले 22 वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में उनकी तैनाती लेह-लद्दाख में थी। सबसे दुखद बात यह है कि नरेश की सेना से सेवानिवृत्ति में महज 2 महीने का समय बाकी था। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द ही नौकरी से रिटायर होकर घर लौटेंगे और अपनों के साथ समय बिताएंगे, लेकिन इससे पहले ही उनके निधन की खबर आ गई। सेना के कमांडर ने बुधवार दोपहर बाद फोन कर परिवार को इसकी सूचना दी। नायब सूबेदार का पार्थिव शरीर वीरवार शाम तक गांव पहुंचने की सूचना है।

नरेश अपने पीछे 39 वर्षीय पत्नी प्रीति, 15 वर्षीय बेटी चाहत और 13 वर्षीय बेटे अरमान को छोड़ गए हैं। बेटी 11वीं और बेटा 9वीं कक्षा में पढ़ता है। पिता के अचानक चले जाने से दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। नरेश के निधन की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। वहीं, गांव शादीपुर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

22 साल तक देश की सेवा की, अब घर लौटने का था इंतजार

नरेश लाठर पिछले 22 वर्षों से भारतीय सेना में कार्यरत थे। वह नायब सूबेदार के पद पर तैनात थे और अपने सैन्य कार्यकाल के दौरान देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते रहे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग लेह-लद्दाख में थी।

करीब दो महीने पहले ही वह छुट्टी लेकर घर आए थे। इसके बाद वह अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही उनकी सेवानिवृत्ति होगी और वह घर पर रहकर पत्नी और बच्चों के साथ समय बिता सकेंगे। हालांकि, किसे पता था कि घर लौटने से पहले ही उनके निधन की खबर परिवार तक पहुंचेगी।

दो महीने बाद होनी थी रिटायरमेंट, पदोन्नति का भी मिला था विकल्प

नरेश के चाचा धर्मबीर लाठर ने बताया कि उन्हें करीब 2 महीने बाद सेना से रिटायरमेंट होना था। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाया था कि 2 साल बाद उनकी पदोन्नति हो जाएगी और वह सेना में अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं।

हालांकि, नरेश ने अपने निर्णय के अनुसार सेवानिवृत्ति लेने का मन बना लिया था। परिवार को भी उनके रिटायर होकर घर लौटने का इंतजार था। इसी बीच बुधवार दोपहर बाद सेना के कमांडर का फोन आया। उन्होंने परिवार को बताया कि नरेश लाठर की हृदय गति रुकने से मौत हो गई है।

यह सूचना मिलते ही परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ समय बाद उनके स्वागत की तैयारियों की उम्मीद थी, वहां अचानक मातम छा गया।

पत्नी गृहिणी, बेटी 11वीं और बेटा 9वीं कक्षा में पढ़ता है

नरेश के परिवार में उनकी 39 वर्षीय पत्नी प्रीति, 15 वर्षीय बेटी चाहत और 13 वर्षीय बेटा अरमान हैं। प्रीति गृहिणी हैं। बेटी चाहत 11वीं कक्षा और बेटा अरमान 9वीं कक्षा में पढ़ता है।

नरेश के अचानक निधन से दोनों बच्चों ने अपने पिता को खो दिया। जिस उम्र में उन्हें पिता के मार्गदर्शन और साथ की सबसे ज्यादा जरूरत है, उसी समय उनके सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार के लिए इस दुख से उबरना आसान नहीं होगा।

सात साल पहले पिता का हो चुका था निधन, तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे थे नरेश

परिवार के अनुसार, नरेश के पिता सतबीर का करीब 7 साल पहले निधन हो गया था। तीन भाई-बहनों में नरेश सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई दिनेश गांव में खेती करते हैं। परिवार में उनकी एक बहन भी हैं।

नरेश के निधन की खबर से गांव शादीपुर में शोक का माहौल है। 22 साल तक सेना में सेवाएं देने वाले नरेश के परिवार और ग्रामीणों को उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार है। सूचना के अनुसार, उनका शव वीरवार शाम तक गांव पहुंचेगा।