जिस सोच ने सिद्धू मूसेवाला की जान ली, वही पंजाब के हर कोने में मौजूद, वही आज पंजाब के हर कोने में मौजूद है
संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला को याद किया, उनके गाने 295, सुरक्षा हटाने और हत्या का जिक्र कर पंजाब की स्थिति पर सवाल उठाए।
➤ संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला को बताया पंजाब की आवाज
➤ बोले- धमकियां मिलने के बावजूद हटाई गई थी सिद्धू की सुरक्षा, दिनदहाड़े हुई हत्या
➤ राहुल गांधी का आरोप- जिस सोच ने सिद्धू को मारा, वही आज पंजाब के हर कोने में मौजूद है
पंजाबी गायक और दिवंगत कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुद्दा एक बार फिर पंजाब की राजनीति में चर्चा के केंद्र में आ गया है। संगरूर में आयोजित इंसाफ रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला को एक प्रतिभाशाली कलाकार और पंजाब की आवाज बताया। राहुल गांधी ने कहा कि जब उनकी पहली मुलाकात सिद्धू मूसेवाला से हुई थी, तब वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे। उन्हें केवल इतना बताया गया था कि सिद्धू एक अच्छे लड़के हैं, संगीतकार हैं और कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, जब उन्होंने सिद्धू का गाना 295 सुना, तब उन्हें एहसास हुआ कि पंजाब का एक बेहतरीन संगीतकार राजनीति में आ रहा है और वह प्रदेश के लिए बड़ा काम कर सकता था।
राहुल गांधी ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला के भीतर पंजाब की आवाज थी। वह अपने गानों के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति, लोगों की भावनाओं और वहां के मुद्दों को दुनिया के सामने रखते थे। उनके अनुसार, सिद्धू केवल एक गायक नहीं थे, बल्कि उनमें राजनीति को समझने और पंजाब के लिए बड़ा योगदान देने की क्षमता भी थी।
धमकियों के बीच सुरक्षा हटाए जाने पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला को मिल रही धमकियों और उनकी सुरक्षा हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि धमकियां मिलने के बावजूद उनकी सुरक्षा हटा दी गई और इसके बाद एक दिन सबके सामने दिनदहाड़े उनकी हत्या कर दी गई।
राहुल गांधी ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सिद्धू के साथ जो हुआ, वह अब पंजाब में फैशन बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सोच ने सिद्धू मूसेवाला की जान ली, वही सोच आज पंजाब के हर कोने में घूम रही है।
पंजाब में प्रतिभाशाली युवाओं की सुरक्षा का मुद्दा
राहुल गांधी के बयान में सिद्धू मूसेवाला की हत्या के साथ पंजाब में युवाओं की सुरक्षा और भय के माहौल का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने हुनर और मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें डराने और धमकाने की प्रवृत्ति चिंताजनक है।
संगरूर की इंसाफ रैली में सिद्धू मूसेवाला का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने उनके संगीत, राजनीतिक संभावनाओं और हत्या की परिस्थितियों को याद किया। उनका पूरा बयान पंजाब में कानून-व्यवस्था और प्रतिभाशाली युवाओं की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
Akhil Mahajan