एक गिलास में 3 सुपरफूड्स,एबीसी जूस के फायदे और जरूरी सावधानियां
एबीसी जूस सेब, चुकंदर और गाजर से बनता है। जानिए इसके पोषक तत्वों के फायदे, दिल, आंखों, त्वचा और पाचन पर असर और सेवन में जरूरी सावधानियां।
सेब, चुकंदर और गाजर से बनता है एबीसी जूस, एक गिलास में मिलते हैं कई पोषक तत्व
➤ दिल, आंखों, इम्युनिटी और त्वचा के लिए हो सकता है फायदेमंद, पाचन को भी मिल सकता है सहारा
➤ डायबिटीज के मरीज सेवन से पहले लें डॉक्टर की सलाह, जूस के बजाय साबुत फल-सब्जियां खाना ज्यादा बेहतर
अच्छी सेहत के लिए संतुलित खानपान जरूरी है। रोजाना की डाइट में फल और सब्जियां शामिल करने से शरीर को कई आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। एबीसी जूस भी ऐसा ही एक विकल्प है, जिसे सेब (Apple), चुकंदर (Beetroot) और गाजर (Carrot) को मिलाकर तैयार किया जाता है। इन तीनों चीजों में मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को पोषण देने में मदद कर सकते हैं।
सेब में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। चुकंदर प्राकृतिक नाइट्रेट और फोलेट का अच्छा स्रोत है, जबकि गाजर में बीटा-कैरोटीन भरपूर मात्रा में होता है। शरीर बीटा-कैरोटीन को विटामिन ए में बदलता है। यही वजह है कि इन तीनों का मिश्रण इम्युनिटी, हृदय स्वास्थ्य, आंखों और त्वचा की सेहत के लिहाज से उपयोगी माना जाता है। हालांकि, इसके फायदे संतुलित खानपान और सीमित सेवन के साथ ही जुड़े हैं।
इम्युनिटी मजबूत रखने में मददगार हो सकता है एबीसी जूस
सेब और गाजर में मौजूद पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के सामान्य कामकाज में मदद करते हैं। इस जूस में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायक हो सकते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में एबीसी जूस को शामिल करना पोषण के लिहाज से अच्छा विकल्प हो सकता है।
चुकंदर के प्राकृतिक नाइट्रेट से दिल को मिल सकता है फायदा
एबीसी जूस में मौजूद चुकंदर हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पोषक तत्व प्रदान करता है। इसमें प्राकृतिक नाइट्रेट पाए जाते हैं, जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने में मदद करते हैं। इससे रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है।
हालांकि, केवल एबीसी जूस पीने से ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी ठीक नहीं होती। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरी चिकित्सकीय सलाह भी महत्वपूर्ण हैं।
आंखों की रोशनी और त्वचा के लिए भी उपयोगी
गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में विटामिन ए में बदलता है। विटामिन ए आंखों की सामान्य कार्यक्षमता और अच्छी दृष्टि बनाए रखने के लिए जरूरी है। इस वजह से एबीसी जूस के जरिए गाजर के पोषक तत्व भी शरीर को मिलते हैं।
वहीं, सेब, चुकंदर और गाजर में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की सेहत को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। संतुलित डाइट के साथ इनका सेवन त्वचा को जरूरी पोषण देने में सहायक हो सकता है।
पाचन के लिए साबुत फल खाना ज्यादा फायदेमंद
सेब में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर पाया जाता है। यह आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के लिए फायदेमंद होता है और पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
हालांकि, जूस निकालने की प्रक्रिया में फल और सब्जियों का काफी फाइबर अलग हो जाता है। ऐसे में सिर्फ जूस पीने के बजाय सेब, चुकंदर और गाजर को साबुत या अन्य उपयुक्त रूप में खाना भी जरूरी है। साबुत फल और सब्जियों से फाइबर का बेहतर लाभ मिल सकता है।
क्या रोजाना पी सकते हैं एबीसी जूस? इन बातों का रखें ध्यान
आहार विशेषज्ञों के अनुसार, एबीसी जूस को सीमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है। यह इम्युनिटी और पाचन को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है, लेकिन इसका अधिक सेवन जरूरी नहीं कि ज्यादा फायदा पहुंचाए।
इस जूस में फलों और सब्जियों की प्राकृतिक शुगर होती है। इसके अलावा कुछ लोगों को इसके किसी घटक से एलर्जी भी हो सकती है। इसलिए सेवन करते समय अपनी सेहत और जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है।
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को एबीसी जूस की मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए। जूस में मौजूद प्राकृतिक शुगर भी ब्लड शुगर पर असर डाल सकती है।
एबीसी जूस कोई बीमारी का इलाज या डिटॉक्स का जादुई उपाय नहीं
एबीसी जूस को सेहत के लिए पौष्टिक पेय माना जा सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी के इलाज या शरीर को डिटॉक्स करने का जादुई तरीका नहीं समझना चाहिए। बेहतर पोषण के लिए जूस के साथ-साथ साबुत फल और सब्जियां खाना भी जरूरी है।
Akhil Mahajan