हरियाणा- रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल टली, साढ़े 4 घंटे की मीटिंग के बाद इन मांगों पर बनी सहमति

हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की 5 नवंबर से प्रस्तावित हड़ताल टली। चंडीगढ़ में साढ़े चार घंटे की बैठक के बाद आठ मांगों पर 25 नवंबर को फिर होगी बातचीत।

हरियाणा- रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल टली, साढ़े 4 घंटे की मीटिंग के बाद इन मांगों पर बनी सहमति

➤ साढ़े 4 घंटे की बैठक के बाद सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच बनी सहमति

➤ त्योहारी सीजन को देखते हुए 5 नवंबर से प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल टालने का फैसला

➤ 350 कर्मचारियों को पक्का करने और दिवाली बोनस सहित आठ मांगों पर 25 नवंबर को फिर होगी चर्चा


हरियाणा में रोडवेज बसों से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। कर्मचारियों की ओर से 5 नवंबर से प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल फिलहाल टल गई है। बुधवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में सरकार और रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच करीब साढ़े चार घंटे तक चली बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी, जबकि आठ मांगों पर आगे बातचीत करने का निर्णय लिया गया है। इन मांगों को लेकर अब 25 नवंबर को परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ दोबारा बैठक होगी।

बैठक में रोडवेज की कुल 12 यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। संयुक्त मोर्चा की ओर से बताया गया कि त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए फिलहाल हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया गया है। कर्मचारियों की हड़ताल होने पर बस सेवाएं प्रभावित होतीं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता। इसी स्थिति को देखते हुए यूनियन ने बातचीत के रास्ते को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।

2016 की भर्ती के तहत 350 कर्मचारियों को पक्का करने की मांग

रोडवेज कर्मचारी यूनियन लंबे समय से 2016 की भर्ती के तहत नियुक्त करीब 350 कर्मचारियों को नियमित करने की मांग कर रही है। यूनियनों का कहना है कि इन कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है। इसके साथ ही कर्मचारी वर्ष 2015 से अब तक का लंबित दिवाली बोनस देने की मांग भी उठा रहे हैं।

यूनियन के मुताबिक, पिछले करीब 10 वर्षों का दिवाली बोनस मिलाकर लगभग 85 करोड़ रुपये बनता है। कर्मचारियों का कहना है कि भर्ती के बाद से उन्हें बोनस का लाभ नहीं मिला है। इसके अलावा कर्मचारियों को तीन इंक्रीमेंट देने की मांग भी बैठक में रखी गई, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।

बोनस और तीन इंक्रीमेंट पर नहीं बनी सहमति

बैठक के दौरान कुछ मांगों पर सहमति बनने के बावजूद दो प्रमुख मुद्दे अभी लंबित हैं। इनमें वर्ष 2015 से अब तक का दिवाली बोनस और कर्मचारियों को तीन इंक्रीमेंट देने की मांग शामिल है। इन दोनों मुद्दों पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।

संयुक्त मोर्चा की ओर से बताया गया कि आठ मांगों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए 25 नवंबर की तारीख तय की गई है। इस बैठक में परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ दोबारा बातचीत होगी। ऐसे में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर आगे होने वाली वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रोडवेज में इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के सैकड़ों पद खाली

कर्मचारी यूनियन ने विभाग में खाली पदों का मुद्दा भी उठाया है। यूनियन के अनुसार, हरियाणा रोडवेज में इंस्पेक्टर के 244 पद और सब इंस्पेक्टर के 614 पद खाली हैं। इससे विभाग में कर्मचारियों की उपलब्धता और कामकाज से जुड़े सवाल भी सामने आते हैं।

यूनियन की ओर से बताया गया कि प्रदेश में रोडवेज की कुल करीब 4,100 बसें हैं। इनमें से लगभग 900 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित हो रही हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि विभाग में नियमित कर्मचारियों की संख्या और खाली पदों से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

रोजाना छह लाख यात्री करते हैं रोडवेज बसों में सफर

कर्मचारी यूनियन के अनुसार, हरियाणा में रोजाना करीब 6 लाख यात्री रोडवेज बसों से सफर करते हैं। त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना तक पहुंच जाती है। ऐसे समय में बस सेवाएं बाधित होने से यात्रियों को अधिक परेशानी हो सकती है।

यूनियन के मुताबिक, हरियाणा रोडवेज की बसें रोजाना करीब 11.38 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं। प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए रोडवेज की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी वजह से हड़ताल टलने के फैसले से यात्रियों को फिलहाल राहत मिली है।

12 यूनियनों को पत्र भेजकर बैठक में बुलाया गया था

ऑल हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के प्रधान अशोक खोखर ने बताया कि बैठक परिवहन विभाग के कमिश्नर अतुल द्विवेदी और डीजी निखिल गजराज के साथ हुई। इसके लिए विभाग की ओर से प्रदेश की 12 यूनियनों को पत्र भेजकर बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था।

खोखर के अनुसार, कर्मचारियों को 3 नवंबर को भी बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन उस दिन यूनियन प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद बुधवार को हुई बैठक में यूनियन पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं।

3 नवंबर को भेजा गया था बैठक का पत्र

परिवहन विभाग के डीजी की ओर से 3 नवंबर को साझा मोर्चा में शामिल सभी यूनियनों को पत्र भेजा गया था। पत्र में बताया गया था कि परिवहन मंत्री की मंजूरी के बाद पिछली बैठक का ब्योरा जारी किया जा चुका है।

इसके साथ ही साझा मोर्चा की सभी यूनियनों के दो-दो प्रतिनिधियों को 4 नवंबर को सुबह 11 बजे वार्ता के लिए बुलाया गया था। बैठक में यूनियनों के पदाधिकारी शामिल हुए और विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई।

फिलहाल हड़ताल टलने से रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने की आशंका खत्म हो गई है। हालांकि कर्मचारियों की कई मांगों पर अंतिम फैसला होना बाकी है। अब सभी की नजर 25 नवंबर को अनिल विज के साथ होने वाली अगली बैठक पर रहेगी, जहां लंबित मांगों पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।