मूंगफली भट्टियों पर रोक की मांग,सिंघाड़े में केमिकल की आशंका, SDM को ज्ञापन

सोनीपत में रक्षक सेना ने अवैध मूंगफली भट्टियों, नमक और सिंघाड़े में मिलावट की आशंका, किरायेदार सत्यापन और कथित पशु क्रूरता मामले में जांच की मांग की।

मूंगफली भट्टियों पर रोक की मांग,सिंघाड़े में केमिकल की आशंका, SDM को ज्ञापन

रक्षक सेना भारत ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका पर जांच की मांग उठाई

➤ अवैध मूंगफली भट्टियां हटाकर स्थानीय भड़भूजों के लिए रेहड़ी जोन बनाने की मांग

➤ किरायेदार सत्यापन अभियान और कथित पशु क्रूरता मामले में निष्पक्ष जांच की मांग

सोनीपत में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर रक्षक सेना-सेवा व सुरक्षा, हरियाणा ने आवाज उठाई है। संगठन ने गुरुवार को SDM सुभाषचंद्र को ज्ञापन सौंपकर कई समस्याओं के समाधान की मांग की। संगठन प्रमुख मनजीत तिहाड़ा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट, अवैध मूंगफली भट्टियों, रेहड़ी व्यवस्था और किरायेदारों के सत्यापन जैसे मुद्दे प्रशासन के सामने रखे।

संगठन ने प्रशासन को इन समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन का समय दिया है। ज्ञापन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कराने से लेकर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और स्थानीय लोगों के रोजगार को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

मूंगफली भूनने वाले नमक और सिंघाड़े में केमिकल की आशंका

ज्ञापन में संगठन ने मूंगफली भूनने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सफेद नमक की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। संगठन की ओर से आशंका जताई गई है कि मूंगफली भूनने में इस्तेमाल होने वाला यह नमक बिना आयोडीन वाला या मिलावटी हो सकता है।

इसके साथ ही बाजार में बिकने वाले सिंघाड़ों को आकर्षक और चमकदार बनाने के लिए सेहत के लिए हानिकारक केमिकल्स के इस्तेमाल की आशंका भी जताई गई है। संगठन ने इन दोनों मामलों को खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए संबंधित विभाग से जांच कराने की मांग की है।

रक्षक सेना ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मूंगफली, नमक और सिंघाड़े के सैंपल लेकर उनकी लैब में जांच करवाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि जांच में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाए।

अवैध भट्टियां हटाकर रेहड़ी जोन बनाने की मांग

संगठन ने शहर में चल रही अवैध मूंगफली भट्टियों का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि इन भट्टियों के कारण स्थानीय पारंपरिक भड़भूजों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि नियमों के तहत अवैध भट्टियों को हटाया जाए और व्यवस्थित तरीके से रेहड़ी जोन बनाए जाएं।

संगठन के अनुसार, इन रेहड़ी जोन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि पारंपरिक रूप से इस काम से जुड़े लोगों को रोजगार का अवसर मिल सके। इसके अलावा प्रत्येक रेहड़ी पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य करने की मांग भी रखी गई है। इससे ग्राहकों को सामान की कीमतों की जानकारी मिल सकेगी और बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी।

पुलिस और नगर निगम के सहयोग से किरायेदारों का सत्यापन कराने की मांग

ज्ञापन में किरायेदार सत्यापन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने पुलिस, नगर निगम और ग्राम पंचायतों के सहयोग से संयुक्त किरायेदार सत्यापन अभियान चलाने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में किरायेदारों के सत्यापन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों को मिलकर अभियान चलाना चाहिए। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

कथित पशु क्रूरता मामले में निष्पक्ष जांच की मांग

रक्षक सेना ने हाल ही में एक मूंगफली विक्रेता द्वारा बेजुबान जानवर के साथ किए गए कथित अप्राकृतिक कृत्य का मामला भी ज्ञापन में शामिल किया। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

संगठन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई करने की अपील की है।

पुलिस आयुक्त और जिला उपायुक्त को भी भेजीं ज्ञापन की प्रतियां

SDM सुभाषचंद्र को ज्ञापन सौंपने के साथ ही संगठन ने इसकी प्रतियां पुलिस आयुक्त ममता सिंह, जिला उपायुक्त नेहा सिंह और नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार को भी भेजी हैं।

इस दौरान संगठन प्रमुख मनजीत तिहाड़ा के साथ प्रवीन चावला, दीपक, सुशील, प्रदीप जाहरी और सतीश जांगड़ा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने प्रशासन से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, अवैध भट्टियों और अन्य उठाए गए मुद्दों पर तय समय में कार्रवाई करने की मांग की है।