दिल्ली में 3 मंजिला बिल्डिंग ढही,मलबे से 2 शव मिले, 15 के दबे होने की आशंका

दिल्ली के चांदनी चौक में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई। मलबे से दो शव मिले, 15 लोगों के दबे होने की आशंका, NDRF और दमकल का रेस्क्यू अभियान जारी।

दिल्ली में 3 मंजिला बिल्डिंग ढही,मलबे से 2 शव मिले, 15 के दबे होने की आशंका

दिल्ली के चांदनी चौक में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही, मलबे से दो शव निकाले गए

➤ कम से कम 15 लोगों के दबे होने की आशंका, NDRF और दमकल की टीमें रेस्क्यू में जुटीं

➤ इस साल दिल्ली में इमारत गिरने का छठा बड़ा हादसा, पहले पांच घटनाओं में 21 लोगों की जा चुकी है जान

नई दिल्ली। दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। अब तक दो लोगों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि कम से कम 15 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग, NDRF, दिल्ली पुलिस और MCD की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, हादसा गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सत्तारा में हुआ। इमारत गिरने की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की छह गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। इसके बाद NDRF, दिल्ली पुलिस और MCD की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। बचाव दल मलबा हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी और लोग दबे हो सकते हैं।

हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जमा हो गए। पुलिस ने इलाके को घेरकर सील कर दिया है। बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी परेशानी इमारत तक पहुंचने वाले संकरे रास्ते के कारण आ रही है। इससे भारी मशीनों और राहत दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।

रेस्क्यू टीम पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने चार घायलों को अस्पताल पहुंचाया

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही लोगों ने मलबे से निकाले गए चार लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया था। इसके बाद दमकल और NDRF की टीमों ने बचाव अभियान तेज कर दिया। मलबे से दो शव निकाले जाने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

प्रत्यक्षदर्शी बोले- 3-4 महीने से चल रहा था निर्माण कार्य

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नईम ने बताया कि इमारत पिछले 3-4 महीने से बन रही थी। निर्माण के दौरान इसमें तीन-चार लिंटर डाले जा चुके थे। उनके मुताबिक, सभी लिंटर एक साथ गिर गए, जिससे पूरी इमारत ढह गई। हादसे के समय इमारत में करीब तीन-चार लोग मौजूद थे। उन्होंने बताया कि मलबे से एक शव को बाहर निकालते हुए भी देखा गया।

AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार और MCD को घेरा

चांदनी चौक में इमारत गिरने की घटना को लेकर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार और नगर निगम पर सवाल उठाए हैं। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार और MCD को घेरते हुए X पर कहा कि कई बार सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए जाने के बावजूद दिल्ली में इमारतें गिर रही हैं।

भारद्वाज ने सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग रिश्वत नहीं देते, उनकी इमारतें सील कर दी जाती हैं, जबकि दूसरी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने दमकल विभाग और SDM कार्यालयों में भी वसूली के आरोप लगाए।

इसके साथ ही उन्होंने ग्रेटर कैलाश-2 में दो जिम को सील करने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में भेदभाव और भ्रष्टाचार के कारण ऐसी स्थितियां पैदा हो रही हैं।

इस साल दिल्ली में इमारत गिरने के पांच बड़े हादसों में 21 लोगों की मौत

चांदनी चौक में हुआ हादसा इस साल दिल्ली में इमारत गिरने की छठी बड़ी घटना है। इससे पहले राजधानी के अलग-अलग इलाकों में पांच बड़े हादसे हो चुके हैं। इन घटनाओं में कुल 21 लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में कई छात्र भी शामिल थे। इस साल हुए पांच बड़े हादसों का घटनाक्रम इस प्रकार है।

1. 30 मई: सैदुलाजाब में चार मंजिला व्यावसायिक इमारत गिरी

30 मई को सैदुलाजाब इलाके में वेस्टर्न मार्ग पर चार मंजिला व्यावसायिक इमारत ढह गई थी। इस इमारत में कोचिंग सेंटर, कैफे और ऑफिस चल रहे थे। हादसे के दौरान इमारत का मलबा पास की कैंटीन पर भी गिरा था, जहां छात्र मौजूद थे। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 13 लोग घायल हुए थे।

2. 8 जुलाई: रोहिणी सेक्टर-16 में दो निर्माणाधीन इमारतें ढहीं

8 जुलाई को बारिश के दौरान रोहिणी सेक्टर-16 में दो निर्माणाधीन इमारतें ढह गई थीं। हादसे के बाद कई लोग मलबे में दब गए थे। सूचना मिलने पर बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत अभियान चलाया गया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी।

3. 21 अगस्त: करोल बाग के रेगरपुरा में इमारत का हिस्सा गिरा

21 अगस्त को करोल बाग के रेगरपुरा इलाके में प्यारे लाल रोड पर एक इमारत का हिस्सा ढह गया था। उस समय इमारत को तोड़ने का काम चल रहा था। हादसे में वहां काम कर रहे एक मजदूर की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग घायल हुए थे।

4. 6 सितंबर: सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढही

6 सितंबर को सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। इस इमारत में लड़कों का PG चल रहा था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम किया जा रहा था। घटना के बाद बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी और पांच लोग घायल हुए थे।

5. 7 अक्टूबर: सीमापुरी में चार मंजिला इमारत का अगला हिस्सा गिरा

7 अक्टूबर को सीमापुरी इलाके में चार मंजिला इमारत का अगला हिस्सा ढह गया था। हादसे के दौरान आसपास के लोग भी मलबे की चपेट में आ गए थे। बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर 11 लोगों को बाहर निकाला था। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि आठ लोग घायल हुए थे।

PG और हॉस्टल की निगरानी के लिए वेब पोर्टल बनाने की तैयारी

दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा और छात्रों के रहने की व्यवस्था को लेकर भी सरकार की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार राजधानी में छात्रों के PG आवासों की जानकारी जुटाने के लिए एक वेब पोर्टल शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत अगले 3 दिनों में 100 जगहों की जांच की जाएगी।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने हाई पावर्ड कमेटी (HPC) की दूसरी बैठक के बाद यह जानकारी दी थी। दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की 1133 घटनाएं दर्ज होने का जिक्र भी इस मामले में सामने आया है।