हरियाणा में मकान बनाने के नियम बदलने की तैयारी, अब 16.5 मीटर तक ऊंचे बन सकेंगे घर; FAR भी बढ़ेगा

हरियाणा में मकान निर्माण नियम बदलने का प्रस्ताव है। FAR बढ़ाने, 16.5 मीटर ऊंचाई और चार मंजिल तक निर्माण की योजना पर 1 दिसंबर तक सुझाव मांगे गए हैं।

हरियाणा में मकान बनाने के नियम बदलने की तैयारी, अब 16.5 मीटर तक ऊंचे बन सकेंगे घर; FAR भी बढ़ेगा

➤ हरियाणा सरकार का Haryana Building Code-2017 में संशोधन का प्रस्ताव, प्लॉट के आकार के हिसाब से तय होगी निर्माण सीमा

➤ 200 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 75% और बड़े प्लॉट पर 66% तक निर्माण की अनुमति का प्रस्ताव

➤ ग्राउंड फ्लोर के साथ तीन मंजिल और स्टिल्ट पार्किंग पर चार मंजिल बनाने की योजना, 1 दिसंबर तक मांगे सुझाव


चंडीगढ़। हरियाणा में अपना मकान बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार आवासीय भवनों के निर्माण से जुड़े नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। नए प्रस्ताव के तहत अब मकान की ऊंचाई, मंजिलों की संख्या, प्लॉट पर निर्माण का क्षेत्र और अतिरिक्त FAR की सीमा को नए सिरे से निर्धारित किया जा सकता है।

नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने Haryana Building Code-2017 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अनुसार, प्लॉट के आकार के आधार पर निर्माण की अलग-अलग सीमाएं तय करने की योजना है। प्रस्ताव में भवन की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर से बढ़ाकर 16.5 मीटर करने, ग्राउंड फ्लोर के साथ तीन मंजिल बनाने और स्टिल्ट पार्किंग की स्थिति में चार मंजिल तक निर्माण की अनुमति देने का प्रावधान शामिल है। छोटे प्लॉट पर अधिकतम 264 प्रतिशत तक FAR का लाभ देने का भी प्रस्ताव है। हालांकि, अभी ये बदलाव लागू नहीं हुए हैं। सरकार ने आम नागरिकों और संबंधित पक्षों से 1 दिसंबर 2026 तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

Haryana Building Code-2017 में होगा संशोधन

हरियाणा के नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने आवासीय मकानों के निर्माण से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा करते हुए भवन निर्माण संहिता में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है।

इसका उद्देश्य प्लॉट के आकार के अनुसार निर्माण की सीमा, भवन की ऊंचाई और मंजिलों की संख्या से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट करना है। प्रस्ताव में आवासीय प्लॉटों को उनके क्षेत्रफल के आधार पर पांच श्रेणियों में बांटने की व्यवस्था की गई है।

इनमें शामिल हैं।

  • 100 वर्ग मीटर तक के प्लॉट।

  • 100 से 250 वर्ग मीटर तक के प्लॉट।

  • 250 से 350 वर्ग मीटर तक के प्लॉट।

  • 350 से 500 वर्ग मीटर तक के प्लॉट।

  • 500 से 1,000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट।

इस वर्गीकरण के आधार पर अलग-अलग निर्माण मानक निर्धारित करने की योजना है।

छोटे प्लॉट पर 75 प्रतिशत तक निर्माण का प्रस्ताव

प्रस्तावित नियमों में प्लॉट के आकार के अनुसार जमीन पर निर्माण की सीमा तय की गई है। इसके तहत 200 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 75 प्रतिशत और इससे बड़े प्लॉट पर 66 प्रतिशत तक निर्माण की अनुमति देने का प्रस्ताव है।

इसका मतलब है कि छोटे और बड़े प्लॉट के लिए निर्माण का अनुपात अलग-अलग रखा जाएगा। इससे मकान मालिकों को अपने भूखंड के क्षेत्रफल के अनुसार निर्माण की सीमा समझने में आसानी हो सकती है।

हालांकि, वास्तविक निर्माण की अनुमति संबंधित प्लॉट पर लागू अन्य भवन नियंत्रण नियमों और स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही मिलेगी।

ग्राउंड फ्लोर के साथ तीन मंजिल बनाने की अनुमति

नए प्रस्ताव में मकान मालिकों को ग्राउंड फ्लोर के साथ तीन मंजिल तक निर्माण करने की अनुमति देने की योजना है। वहीं, यदि भवन में स्टिल्ट पार्किंग की व्यवस्था की जाती है तो चार मंजिल तक निर्माण का प्रावधान रखा गया है।

इसके अलावा भवन की अधिकतम ऊंचाई बढ़ाने का भी प्रस्ताव है।

निर्माण से जुड़ा प्रावधान

प्रस्तावित व्यवस्था

अधिकतम भवन ऊंचाई

16.5 मीटर

पहले निर्धारित ऊंचाई

15 मीटर

सामान्य निर्माण

ग्राउंड फ्लोर + 3 मंजिल

स्टिल्ट पार्किंग के साथ

4 मंजिल तक

बेसमेंट

एक बेसमेंट का प्रस्ताव

इस बदलाव से उन लोगों को फायदा मिल सकता है जो सीमित जगह में अपने परिवार की जरूरतों के अनुसार मकान बनाना चाहते हैं।

छोटे प्लॉट पर 264 प्रतिशत तक FAR का प्रस्ताव

नए भवन निर्माण नियमों में FAR यानी Floor Area Ratio को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं।

FAR का मतलब है कि किसी प्लॉट के कुल क्षेत्रफल के अनुपात में उसकी सभी मंजिलों पर कितना कुल निर्माण किया जा सकता है। प्रस्ताव में बेस FAR के अलावा निर्धारित शुल्क देकर अतिरिक्त FAR खरीदने की व्यवस्था भी शामिल है।

प्लॉट के आकार के अनुसार प्रस्तावित FAR इस प्रकार है।

प्लॉट का क्षेत्रफल

बेस FAR

अधिकतम प्रस्तावित FAR

100 वर्ग मीटर तक

165%

264%

100 से 250 वर्ग मीटर

145%

264%

250 से 350 वर्ग मीटर

130%

240%

350 से 500 वर्ग मीटर

120%

240%

500 से 1,000 वर्ग मीटर

100%

240%

प्रस्ताव के अनुसार, छोटे प्लॉटों पर अधिकतम 264 प्रतिशत तक FAR का लाभ मिल सकता है। वहीं, बड़े प्लॉटों के लिए अधिकतम सीमा 240 प्रतिशत रखने की योजना है।

यहां यह समझना जरूरी है कि अधिकतम FAR का मतलब प्लॉट की पूरी जमीन पर उतना निर्माण करना नहीं है। FAR सभी मंजिलों के कुल निर्माण क्षेत्र से संबंधित होता है। जमीन पर निर्माण की सीमा, भवन की ऊंचाई और अन्य निर्धारित नियम अलग से लागू होंगे।

मकान बनाने वालों और प्लॉट खरीदने वालों को क्या होगा फायदा

यदि प्रस्तावित संशोधन लागू होते हैं तो इसका असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो हरियाणा में नया मकान बनाने या आवासीय प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं।

प्लॉट के आकार के अनुसार निर्माण की सीमा स्पष्ट होने से मकान की योजना तैयार करने में सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा अधिक FAR और भवन की ऊंचाई बढ़ने से कुछ भूखंडों पर पहले की तुलना में अधिक निर्माण की संभावना बन सकती है।

इसका लाभ मकान मालिकों के साथ आर्किटेक्ट, बिल्डर और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को भी मिल सकता है।

हालांकि, केवल प्रस्तावित FAR या ऊंचाई के आधार पर निर्माण शुरू करना उचित नहीं होगा। संबंधित प्राधिकरण से लागू नियमों और भवन नक्शे की मंजूरी लेना जरूरी रहेगा।

1 दिसंबर तक दे सकते हैं सुझाव और आपत्तियां

नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने प्रस्तावित संशोधनों को लेकर आम नागरिकों और संबंधित पक्षों से सुझाव तथा आपत्तियां आमंत्रित की हैं। इसके लिए 1 दिसंबर 2026 अंतिम तारीख निर्धारित की गई है।

इच्छुक लोग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विभाग के सामने अपनी राय रख सकते हैं। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही संशोधन के अंतिम स्वरूप पर फैसला होगा।

फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है। इसलिए मकान बनाने की योजना बना रहे लोगों को अंतिम अधिसूचना जारी होने तक मौजूदा लागू भवन निर्माण नियमों का ही पालन करना होगा।