हरियाणा की हवा जहरीली, 5 शहरों में AQI 300 पार
दिवाली से पहले हरियाणा के पांच शहरों में AQI 300 पार पहुंचा। बहादुरगढ़ सबसे प्रदूषित रहा। जानिए दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ने की आशंका और मौसम का हाल।
दिवाली से पहले ही हरियाणा की हवा हुई जहरीली, पांच शहरों में AQI 300 पार
➤ प्रदूषण बढ़ने से लोगों की बढ़ी चिंता, सांस और आंखों से जुड़ी परेशानी का खतरा
➤ दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका, मौसम और पटाखों पर रहेंगी नजरें
हरियाणा में दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ानी शुरू कर दी है। प्रदेश के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के 5 शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। झज्जर जिले का बहादुरगढ़ 324 AQI के साथ सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं पंचगांव (गुरुग्राम) में 320, बल्लभगढ़ में 319, मानेसर में 309 और गुरुग्राम में 305 AQI दर्ज किया गया।
स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि दिवाली का त्योहार अभी बाकी है। ऐसे में पटाखों से निकलने वाला धुआं पहले से प्रदूषित हवा को और खराब कर सकता है। इसके साथ ही रात के तापमान में गिरावट, धीमी हवाएं और बारिश की कमी प्रदूषक कणों को वातावरण में लंबे समय तक बनाए रख सकती है। ऐसे हालात में दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, वास्तविक स्थिति उस समय की मौसम परिस्थितियों और प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर निर्भर करेगी।
बहादुरगढ़ में सबसे ज्यादा प्रदूषण, पांच शहरों की हवा बेहद खराब
दिवाली से पहले हरियाणा के पांच शहरों में AQI का 300 पार पहुंचना बताता है कि प्रदूषण का संकट अब तेजी से बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बहादुरगढ़ में 324 AQI दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
पांच शहरों की स्थिति इस प्रकार है:
|
शहर |
AQI |
|---|---|
|
बहादुरगढ़ |
324 |
|
पंचगांव (गुरुग्राम) |
320 |
|
बल्लभगढ़ |
319 |
|
मानेसर |
309 |
|
गुरुग्राम |
305 |
इन सभी शहरों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं अंबाला, करनाल और रोहतक समेत प्रदेश के सात शहरों में भी हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। इससे साफ है कि प्रदूषण का असर केवल एनसीआर से सटे शहरों तक सीमित नहीं है।
AQI 300 पार होने का क्या मतलब, सेहत पर कैसे पड़ता है असर?
वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI के जरिए हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों के स्तर का पता चलता है। CPCB के मानकों के अनुसार, 201 से 300 तक AQI खराब और 301 से 400 तक बेहद खराब श्रेणी में आता है।
ऐसी हवा में लंबे समय तक रहने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। खासकर अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अधिक दिक्कत हो सकती है। आंखों में जलन, गले में परेशानी और सांस फूलने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी प्रदूषण का यह स्तर चिंता का विषय है। जिन शहरों में AQI 300 के पार पहुंच चुका है, वहां लोगों को खुले में लंबे समय तक रहने और अनावश्यक शारीरिक गतिविधियों से बचने की जरूरत है।
मौसम भी बढ़ा सकता है प्रदूषण की परेशानी, बारिश से फिलहाल राहत नहीं
हरियाणा में प्रदूषण बढ़ने के बीच मौसम का मिजाज भी बदल रहा है। नवंबर की शुरुआत के साथ रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि दिन के समय गर्मी का असर बना हुआ है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, नवंबर में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। 3 से 9 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। ऐसे में बारिश के जरिए वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों को कम होने का मौका फिलहाल नहीं मिलेगा।
मौसम की इन परिस्थितियों में धीमी हवा और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषण का असर लंबे समय तक बना रह सकता है।
दिवाली के बाद कितना बढ़ सकता है प्रदूषण?
दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा में PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ा सकता है। पहले से खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों में इसका असर अधिक महसूस हो सकता है।
इसके अलावा वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और औद्योगिक गतिविधियां भी प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं। यदि दिवाली के आसपास हवा की रफ्तार कम रहती है और मौसम शुष्क बना रहता है तो प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो सकते हैं।
इसलिए दिवाली के बाद हरियाणा के शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। हालांकि, यह कहना अभी संभव नहीं है कि किस शहर का AQI कितना पहुंचेगा। इसके लिए त्योहार के बाद CPCB के आंकड़ों और मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखनी होगी।
प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन की कार्रवाई भी तेज
बढ़ते प्रदूषण के बीच हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। सोनीपत में बोर्ड ने CAQM के निर्देशों का कथित उल्लंघन करने वाले 23 औद्योगिक प्रतिष्ठानों, व्यावसायिक संस्थानों और अन्य परियोजना स्थलों की बिजली आपूर्ति काटने के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) को पत्र लिखा है।
इसके अलावा झज्जर जिले के मंडोठी गांव में 4 नवंबर की रात करीब 1 बजे प्लास्टिक, PVC तार और बिजली की केबल जलाने का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान पांच लोगों की पहचान की गई। मौके से तीन वाहन और 101 बैग सामग्री जब्त की गई। इस मामले में आसौदा थाने में FIR नंबर 331 दर्ज की गई है।
इस बार दिवाली के बाद हवा कितनी जहरीली होगी?
फिलहाल हरियाणा के पांच शहरों में AQI 300 के पार पहुंचना दिवाली से पहले ही खतरे की घंटी है। त्योहार के दौरान पटाखों का धुआं, धीमी हवाएं और शुष्क मौसम एक साथ प्रदूषण बढ़ाने वाले कारक बन सकते हैं।
अब निगाहें दिवाली के बाद के AQI आंकड़ों पर रहेंगी। यदि हवा की रफ्तार नहीं बढ़ी और बारिश नहीं हुई तो प्रदूषण से राहत मिलने में समय लग सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में हरियाणा के लोगों के लिए साफ हवा सबसे बड़ी चिंता बन सकती है।
Akhil Mahajan