विदेश से भारत आने वालों के लिए जरूरी खबर, अब हर अंतरराष्ट्रीय यात्री को भरना होगा Air Suvidha फॉर्म

विदेश से भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को Air Suvidha फॉर्म भरना होगा। जानिए 21 दिनों की यात्रा जानकारी, स्वास्थ्य सवाल और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया।

विदेश से भारत आने वालों के लिए जरूरी खबर, अब हर अंतरराष्ट्रीय यात्री को भरना होगा Air Suvidha फॉर्म

➤ इबोला संक्रमण के खतरे को देखते हुए भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन अनिवार्य

➤ भारतीय नागरिक, OCI कार्डधारक और विदेशी यात्री सभी के लिए लागू होगा नियम, राष्ट्रीयता या यात्रा इतिहास से छूट नहीं

➤ भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे यात्री, एयरपोर्ट पर दिखानी होगी डाउनलोड की गई पावती


नई दिल्ली। विदेश से हवाई यात्रा करके भारत आने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक जरूरी बदलाव सामने आया है। भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अब Air Suvidha 2.0 पोर्टल पर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य है। इबोला वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य निगरानी मजबूत करने के लिए यह व्यवस्था लागू की है। यह नियम भारतीय पासपोर्ट धारकों, ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों और विदेशी नागरिकों पर समान रूप से लागू है। यात्रियों को अपनी यात्रा, संपर्क और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देनी होगी। फॉर्म भारत पहुंचने से अधिकतम 24 घंटे पहले भरा जा सकता है। इसे फ्लाइट में सवार होने से पहले पूरा करने की सलाह दी गई है, ताकि भारत पहुंचने पर इमिग्रेशन और स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अनिवार्य है फॉर्म

सरकार की ओर से लागू व्यवस्था के तहत भारत आने वाले किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्री को इस फॉर्म से छूट नहीं दी गई है। चाहे यात्री भारतीय नागरिक हो, OCI कार्डधारक हो या किसी दूसरे देश का नागरिक, सभी को अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देनी होगी।

यह नियम यात्रियों की राष्ट्रीयता और उनके पिछले यात्रा रिकॉर्ड की परवाह किए बिना लागू बताया गया है। इसका उद्देश्य विदेश से आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति और पिछले 21 दिनों की यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त करना है, ताकि संक्रमण के संभावित मामलों की समय रहते पहचान की जा सके।

क्या है Air Suvidha 2.0 पोर्टल?

Air Suvidha 2.0 एक ऑनलाइन हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने 25 जून 2026 को इसका उन्नत संस्करण शुरू किया था। इसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के सहयोग से विकसित किया गया है।

इस पोर्टल का उद्देश्य भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहले से प्राप्त करना और संभावित संक्रमण के जोखिम वाले यात्रियों की पहचान करना है। इसके माध्यम से यात्रियों की जानकारी एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन और स्वास्थ्य निगरानी से जुड़ी एजेंसियों के साथ साझा की जा सकती है। 

फॉर्म में देनी होगी पिछले 21 दिनों की यात्रा की जानकारी

Air Suvidha फॉर्म भरते समय यात्रियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी के साथ यात्रा और स्वास्थ्य से जुड़े कई सवालों के जवाब देने होंगे। इसमें मुख्य रूप से निम्न जानकारियां मांगी जाती हैं।

  • यात्री का पूरा नाम, उम्र, पासपोर्ट नंबर और राष्ट्रीयता।

  • फ्लाइट नंबर, भारत पहुंचने की तारीख और समय।

  • पिछले 21 दिनों में जिन देशों की यात्रा की गई है, उनकी जानकारी।

  • यात्रा के दौरान जिन देशों में ट्रांजिट या फ्लाइट बदलने के लिए ठहराव हुआ, उसका विवरण।

  • भारत पहुंचने के बाद ठहरने का पूरा पता और संपर्क नंबर।

  • इबोला से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करने से जुड़ी जानकारी।

  • बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, दस्त, गले में दर्द और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षणों से संबंधित जानकारी।

कैसे भरें Air Suvidha का ऑनलाइन फॉर्म?

यात्रियों को भारत पहुंचने से अधिकतम 24 घंटे पहले तक ऑनलाइन सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने की सुविधा है। सरकार ने सलाह दी है कि इसे वेब चेक-इन के दौरान या फ्लाइट में सवार होने से पहले ही पूरा कर लिया जाए।

फॉर्म भरने की प्रक्रिया इस प्रकार है।

  1. Air Suvidha 2.0 पोर्टल पर जाकर Self-Declaration Form का विकल्प चुनें।

  2. अपना नाम, उम्र, पासपोर्ट नंबर, राष्ट्रीयता और फ्लाइट से जुड़ी जानकारी दर्ज करें।

  3. पिछले 21 दिनों में की गई विदेश यात्राओं और ट्रांजिट स्टॉप का विवरण भरें।

  4. भारत में ठहरने का पता, मोबाइल नंबर और अन्य संपर्क जानकारी दें।

  5. इबोला के संभावित संपर्क और बीमारी से जुड़े लक्षणों के सवालों का सही जवाब दें।

  6. सभी जानकारियों की जांच करने के बाद फॉर्म सबमिट करें और मिलने वाली पावती डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।

एयरपोर्ट पर दिखानी होगी डाउनलोड की गई पावती

फॉर्म जमा करने के बाद यात्रियों को मिलने वाली पावती यानी Acknowledgement अपने पास सुरक्षित रखनी होगी। भारत पहुंचने पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा स्वास्थ्य डेस्क या इमिग्रेशन काउंटर पर अधिकारी इसे दिखाने के लिए कह सकते हैं।

सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था में एयरपोर्ट पर अलग से कागजी फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। ऑनलाइन जमा की गई जानकारी संबंधित स्वास्थ्य और इमिग्रेशन एजेंसियों तक पहुंच जाएगी। इससे जरूरत पड़ने पर जोखिम वाले यात्रियों की पहचान और आगे की जांच में मदद मिलेगी।

फॉर्म भरने का मतलब क्वारंटीन होना नहीं

यात्रियों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि Air Suvidha फॉर्म जमा करने का मतलब यह नहीं है कि हर यात्री को मेडिकल जांच या क्वारंटीन से गुजरना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आगे की स्वास्थ्य जांच यात्री की ओर से दी गई जानकारी और उसकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर की जा सकती है।

यदि भारत आने के बाद किसी यात्री में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, दस्त, गले में दर्द या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। 

क्यों उठाया गया यह कदम?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई 2026 को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में इबोला/बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था। इसके बाद भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य निगरानी और संक्रमण की पहचान से जुड़े उपाय मजबूत किए।

Air Suvidha 2.0 इसी व्यवस्था का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य संभावित जोखिम वाले यात्रियों की समय रहते पहचान करना और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर बनाना है।