दक्षिण अफ्रीका में हरियाणा के 24 वर्षीय मर्चेंट नेवी जवान की मौत, परिवार वालों ने उठाए सवाल
भिवानी के मर्चेंट नेवी जवान रोहित की दक्षिण अफ्रीका में मौत पर सवाल उठे। कंपनी ने आत्महत्या बताया, साथी कैप्टन ने हत्या की आशंका जताई।
➤ दक्षिण अफ्रीका में तैनात 24 वर्षीय रोहित की 13 सितंबर को जहाज पर मौत होने की जानकारी परिवार को मिली थी
➤ शिपिंग कंपनी ने आत्महत्या बताया, जबकि साथ काम करने वाले कैप्टन ने हत्या की आशंका जताई
➤ करीब 50 दिन बाद भारत पहुंचे शव का PGI रोहतक में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग, विदेश मंत्रालय से जांच की गुहार
हरियाणा के भिवानी जिले के एक 24 वर्षीय मर्चेंट नेवी जवान की विदेश में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका में जहाज पर तैनात रोहित की मौत को शिपिंग कंपनी ने आत्महत्या बताया है, लेकिन उनके साथ काम करने वाले चरखी दादरी निवासी एक कैप्टन ने इसे हत्या करार दिया है। कंपनी और सहकर्मी के अलग-अलग दावों के बाद परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया है। करीब 50 दिन बाद भारत पहुंचे रोहित के शव को परिजन दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे PGI रोहतक लेकर पहुंचे और दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। परिवार का कहना है कि मौत की असली वजह सामने आनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
2023 में जॉइन की थी मर्चेंट नेवी की नौकरी
रोहित भिवानी जिले के गांव मोहम्मदपुर के रहने वाले थे। उनके चाचा अनिल कुमार के मुताबिक, रोहित ने वर्ष 2023 में चेन्नई की शिपिंग मैनेजमेंट कंपनी डॉल्फिन के माध्यम से मर्चेंट नेवी में नौकरी शुरू की थी। वह जहाज पर एबल सीमैन के पद पर तैनात थे।
परिवार के अनुसार, रोहित की ड्यूटी का कार्यक्रम करीब चार महीने घर और चार महीने जहाज पर रहने का था। वह 22 अगस्त 2026 को ड्यूटी के लिए घर से रवाना हुए थे और 25 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे।
14 सितंबर को परिवार को मिली मौत की सूचना
रोहित के चाचा अनिल कुमार ने बताया कि 14 सितंबर को शिपिंग कंपनी की ओर से परिवार को फोन आया। उन्हें बताया गया कि रोहित ने 13 सितंबर को जहाज के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। यह खबर सुनकर परिवार को गहरा सदमा लगा।
कंपनी की ओर से मौत को आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार के मन में घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठने लगे। परिजनों ने कंपनी से घटना के समय की तस्वीरें और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मांगी। चाचा का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें घटना से जुड़ी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई।
साथी कैप्टन ने बताया हत्या, परिवार ने उठाए सवाल
परिवार के अनुसार, रोहित के साथ जहाज पर काम करने वाले चरखी दादरी निवासी कैप्टन मोहित से भी संपर्क किया गया। चाचा अनिल कुमार का कहना है कि कैप्टन ने रोहित की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया और हत्या की आशंका जताई।
परिवार के मुताबिक, कैप्टन ने दावा किया कि उन्होंने रोहित का शव देखा था और उन्हें गले पर फांसी के निशान दिखाई नहीं दिए। इसी आधार पर उन्होंने घटना को संदिग्ध बताया। हालांकि, यह सहकर्मी का दावा है। मौत की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही हो सकेगी।
करीब 50 दिन बाद भारत पहुंचा शव
परिजनों के अनुसार, रोहित की मौत के बाद शव का विदेश में पोस्टमॉर्टम कराया गया था। करीब 50 दिन बाद शव भारत पहुंचा। परिवार ने शव को दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे PGI रोहतक के डेड हाउस पहुंचाया, ताकि वहां दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया जा सके।
परिवार का कहना है कि उन्हें कंपनी की ओर से मौत के कारणों और घटनास्थल से जुड़ी पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई है। इसी वजह से वे भारत में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराकर मौत की असली वजह जानना चाहते हैं।
विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग
रोहित के चाचा अनिल कुमार ने सरकार और विदेश मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिवार चाहता है कि विदेश में जहाज पर हुई मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी तरह की लापरवाही या अपराध सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।
परिजनों के मुताबिक, रोहित परिवार का छोटा बेटा था। उसका बड़ा भाई राहुल शादीशुदा है। परिवार के लिए यह घटना गहरा सदमा है और वे अपने बेटे की मौत से जुड़े सभी सवालों का जवाब चाहते हैं।
कंपनी और सहकर्मी के दावों की जांच जरूरी
इस मामले में फिलहाल शिपिंग कंपनी की ओर से बताई गई आत्महत्या की वजह और सहकर्मी कैप्टन की ओर से जताई गई हत्या की आशंका के बीच विरोधाभास सामने आया है। परिवार ने दोबारा पोस्टमॉर्टम और निष्पक्ष जांच की मांग की है। मौत की वास्तविक वजह, जहाज पर उस समय क्या हुआ था और कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में क्या जानकारी है, इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Akhil Mahajan