चाय की चुस्कियों की मिठास कहीं बढ़ा न दे सियासी शुगर! नायब सैनी संग कुलदीप शर्मा की चाय पर चर्चा से मची हलचल

हरियाणा में कुलदीप शर्मा और मुख्यमंत्री नायब सैनी की चाय पर मुलाकात चर्चा में है। हुड्डा से मतभेद, ओम बिरला और रामबिलास शर्मा की तस्वीर ने भी खींचा ध्यान।

चाय की चुस्कियों की मिठास कहीं बढ़ा न दे सियासी शुगर! नायब सैनी संग कुलदीप शर्मा की चाय पर चर्चा से मची हलचल

➤ कुलदीप शर्मा और CM नायब सैनी की चाय पर मुलाकात ने हरियाणा के सियासी गलियारों में बढ़ाई चर्चा

➤ हुड्डा से मतभेदों की चर्चाओं के बीच सामने आई तस्वीर, रिश्तों की मिठास के साथ सियासी शुगर का भी सवाल

➤ रामबिलास शर्मा, ओम बिरला और हुड्डा की आत्मीय मुलाकात ने सम्मेलन में पेश की अलग तस्वीर


चंडीगढ़। राजनीति में चाय सिर्फ चाय नहीं होती, कई बार इसकी चुस्कियों के साथ सियासी संदेश भी तलाशे जाने लगते हैं। रिश्तों में मिठास घुलना अच्छी बात है, लेकिन जब यही मिठास सियासत में कुछ ज्यादा नजर आने लगे तो राजनीतिक शुगर बढ़ने की चर्चा भी शुरू हो जाती है। हरियाणा के पंचकूला में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की चाय पर हुई मुलाकात ने कुछ ऐसा ही माहौल बना दिया। दोनों नेताओं की सहज बातचीत और साथ बैठकर चाय पीने की तस्वीर ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा। खास बात यह है कि यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब कुलदीप शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच मतभेदों की चर्चाएं पहले से ही राजनीतिक गलियारों में मौजूद हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि चाय की इस मुलाकात में सिर्फ आपसी शिष्टाचार की मिठास थी या इसके राजनीतिक मायने भी तलाशे जाने चाहिए। फिलहाल किसी नए राजनीतिक समीकरण या दलगत बदलाव की पुष्टि नहीं है, लेकिन तस्वीर ने चर्चा के लिए पर्याप्त मसाला जरूर दे दिया है।

हुड्डा से मतभेदों की चर्चा, इधर CM सैनी के साथ चाय की चुस्कियां।

पंचकूला में हरियाणा विधानसभा की ओर से आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन में कुलदीप शर्मा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठकर चाय पीते नजर आए। तस्वीर में दोनों नेता एक-दूसरे से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री सैनी के साथ कुलदीप शर्मा की इस सहज मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया।

कुलदीप शर्मा इन दिनों कांग्रेस के भीतर अपने राजनीतिक रुख और बयानों को लेकर चर्चा में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ उनके मतभेदों की बातें भी सार्वजनिक राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही हैं।

ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का भाजपा के मुख्यमंत्री के साथ इस तरह आत्मीय अंदाज में नजर आना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बना। हालांकि, राजनीतिक कार्यक्रमों में अलग-अलग दलों के नेताओं का मिलना और बातचीत करना लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है। इसलिए इस मुलाकात को किसी राजनीतिक बदलाव का संकेत मानने के बजाय मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखना ज्यादा उचित होगा।

पारिवारिक रिश्तों के कारण भी चर्चा में रहते हैं कुलदीप शर्मा

कुलदीप शर्मा के पारिवारिक संबंध भी हरियाणा की राजनीति में चर्चा का विषय रहे हैं। उनके समधी पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा और समधन विधायक शक्ति रानी शर्मा भाजपा की राजनीति से जुड़े हैं। विनोद शर्मा के बेटे कार्तिकेय शर्मा भाजपा के समर्थन से राज्यसभा सदस्य बने थे। कार्तिकेय शर्मा, कुलदीप शर्मा के दामाद हैं।

इसके अलावा, कुलदीप शर्मा अपने बेटे चाणक्य पंडित के लिए करनाल लोकसभा सीट से कांग्रेस का टिकट मांग रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बाद उनके राजनीतिक रुख और कांग्रेस के भीतर उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं होती रही हैं।

अब मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ चाय पर हुई मुलाकात ने इन चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है। हालांकि, इन पारिवारिक संबंधों या मुलाकात के आधार पर किसी राजनीतिक नजदीकी अथवा भविष्य की रणनीति का निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।

रामबिलास शर्मा के पास पहुंचे ओम बिरला, हुड्डा ने भी थामा हाथ

सम्मेलन में केवल कुलदीप शर्मा और मुख्यमंत्री नायब सैनी की तस्वीर ही चर्चा में नहीं रही। पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुलाकात ने भी लोगों का ध्यान खींचा।

व्हीलचेयर पर बैठे रामबिलास शर्मा का हाल जानने के लिए ओम बिरला उनके पास पहुंचे। इस दौरान रामबिलास शर्मा ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसी बीच भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी वहां पहुंच गए। तस्वीर में ओम बिरला ने रामबिलास शर्मा का एक हाथ थाम रखा था, जबकि दूसरा हाथ हुड्डा ने पकड़ रखा था।

इस दृश्य ने अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के नेताओं के बीच व्यक्तिगत सम्मान और सौहार्द की तस्वीर पेश की। रामबिलास शर्मा और हुड्डा के बीच पुराने राजनीतिक प्रसंग भी इस मुलाकात को चर्चा के लिहाज से खास बनाते हैं।

सम्मेलन में जुटे कई पीढ़ियों के जनप्रतिनिधि

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के निर्देशन में 2 नवंबर को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में जनप्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया। यह आयोजन संविधान पखवाड़े के तहत किया गया, जिसमें प्रदेश के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य हरियाणा की विधायी परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों के अनुभवों को साझा करना था। 

सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। इस दौरान पुराने और नए जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर आने का अवसर मिला।

इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला सम्मेलन में नजर नहीं आए, जबकि उनके विधायक बेटे अर्जुन चौटाला और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला कार्यक्रम में शामिल हुए।

मिठास रिश्तों की या बढ़ती सियासी शुगर?

कुल मिलाकर सम्मेलन की दो तस्वीरों ने हरियाणा की राजनीति में अलग-अलग तरह की चर्चा छेड़ दी। एक तस्वीर में कुलदीप शर्मा और मुख्यमंत्री नायब सैनी चाय की चुस्कियां लेते नजर आए तो दूसरी में ओम बिरला और भूपेंद्र हुड्डा रामबिलास शर्मा के साथ आत्मीयता दिखाते दिखाई दिए।

राजनीति में व्यक्तिगत संबंध और राजनीतिक विचारधाराएं हमेशा एक जैसी नहीं होतीं। नेता सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे से मिलते हैं, बातचीत करते हैं और सम्मान भी देते हैं। लेकिन जब किसी नेता के अपने दल में मतभेदों की चर्चा चल रही हो और वह दूसरे दल के मुख्यमंत्री के साथ सहज अंदाज में दिखाई दे, तो तस्वीर के राजनीतिक मायने तलाशे जाने लगते हैं।

अब सवाल यही है कि चाय की इन चुस्कियों में सिर्फ रिश्तों की मिठास थी या हरियाणा की सियासत में शुगर बढ़ने की नई वजह भी छिपी है। फिलहाल तस्वीर चर्चा में है और राजनीतिक गलियारों में इसके मायनों पर बातचीत जारी है।