पलवल में अग्रवाल समाज के 8 फैसले, मृत्यु भोज और प्री-वेडिंग शूट पर रोक

पलवल की वैश्य अग्रवाल समाज महापंचायत में मृत्यु भोज बंद करने, प्री-वेडिंग शूट, DJ और शराब की स्टॉल पर रोक सहित शादी के खर्च घटाने के आठ फैसले लिए गए।

पलवल में अग्रवाल समाज के 8 फैसले, मृत्यु भोज और प्री-वेडिंग शूट पर रोक

➤ शादी से पहले लड़का-लड़की के साथ घूमने और प्री-वेडिंग शूट पर रोक लगाने का निर्णय

➤ विवाह में DJ और शराब की स्टॉल नहीं लगेगी, मेहमानों की संख्या 300 से 400 तक सीमित

➤ मृत्यु भोज बंद करने और महंगे निमंत्रण कार्ड की जगह WhatsApp संदेश अपनाने पर सहमति


पलवल, 2 नवंबर। शादी-विवाह में बढ़ते दिखावे और सामाजिक परंपराओं के नाम पर होने वाली फिजूलखर्ची को कम करने के लिए पलवल में वैश्य अग्रवाल समाज ने कई अहम फैसले लिए हैं। समाज की महापंचायत में तय किया गया कि शादी से पहले लड़का-लड़की साथ घूमने और प्री-वेडिंग शूट नहीं कराएंगे। विवाह समारोह में तेज आवाज में DJ बजाने और शराब की स्टॉल लगाने पर भी रोक रहेगी। इसके साथ ही मृत्यु भोज बंद करने, महंगे निमंत्रण कार्ड और मिठाई-गिफ्ट भेजने के बजाय WhatsApp संदेश से निमंत्रण देने तथा शादी में मेहमानों की संख्या सीमित रखने जैसे निर्णय लिए गए। रविवार देर शाम हुई इस महापंचायत में पलवल के अलावा फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली से भी समाज के लोग पहुंचे। बैठक में कुल 8 फैसले लिए गए।

महापंचायत का नेतृत्व मंच के संयोजक एवं पूर्व पार्षद बलराम गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि समाज में कई परंपराएं धीरे-धीरे दिखावे का रूप ले चुकी हैं। इनके कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। महापंचायत का उद्देश्य ऐसी प्रथाओं को कम करना और समाज में सादगी, समानता तथा आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।

मृत्यु भोज बंद करने का फैसला

महापंचायत में मृत्यु भोज को पूरी तरह बंद करने पर सहमति बनी। इसके अलावा दाह संस्कार के दौरान अर्थी पर चादरें चढ़ाने की संख्या कम करने का निर्णय लिया गया। तय किया गया कि शोक जताने आने वाले लोग चादर की जगह गोला, घी, कपूर या अन्य जरूरी सामग्री लेकर आएं, ताकि दुख की घड़ी में परिवार को उपयोगी मदद मिल सके।

समाज के पदाधिकारियों का मानना है कि मृत्यु के अवसर पर होने वाला अनावश्यक खर्च शोकाकुल परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालता है। इसलिए ऐसी परंपराओं में बदलाव लाने की जरूरत है।

प्री-वेडिंग शूट और शादी में DJ पर रोक

महापंचायत में शादी से पहले लड़का-लड़की के साथ घूमने और प्री-वेडिंग फोटो शूट कराने पर रोक लगाने का फैसला लिया गया। विवाह समारोह में तेज आवाज में DJ नहीं बजाने पर भी सहमति बनी। बैंक्वेट हॉल के अंदर संगीत बजाने के लिए भी सरकारी ध्वनि सीमा का पालन करने की बात कही गई।

इसके अलावा महंगे निमंत्रण कार्ड छपवाने और उनके साथ मिठाई या उपहार भेजने के बजाय WhatsApp संदेश और फोन कॉल के माध्यम से रिश्तेदारों तथा परिचितों को आमंत्रित करने को बढ़ावा दिया जाएगा।

शादी में 300 से 400 मेहमान ही बुलाने का निर्णय

शादी समारोहों में अनावश्यक भीड़ और खर्च कम करने के लिए दोनों पक्षों को मिलाकर मेहमानों की संख्या 300 से 400 तक सीमित रखने का फैसला लिया गया। समाज के लोगों ने खाने की बर्बादी रोकने के लिए व्यंजनों की संख्या भी 21 से 31 तक सीमित रखने पर सहमति जताई।

इसके साथ ही शादी में खुलेआम शराब की स्टॉल लगाने पर रोक रहेगी। रात के बजाय दिन में फेरे और विवाह समारोह आयोजित करने को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि अनावश्यक खर्च और असुविधा से बचा जा सके।

किन्नर समाज को अधिकतम 5100 रुपये शगुन

महापंचायत में किन्नर समाज को दिए जाने वाले शगुन की राशि को लेकर भी निर्णय लिया गया। बलराम गुप्ता के मुताबिक, शादी-विवाह और बच्चे के जन्म के अवसर पर किन्नर समाज को अधिकतम 5100 रुपये शगुन दिया जाएगा। वहीं, होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर बाजार में शगुन की राशि अधिकतम 500 रुपये तय की गई है।

फैसलों को पहले अपने परिवारों में लागू करेंगे

महापंचायत में शामिल लोगों ने संकल्प लिया कि इन फैसलों को पहले अपने परिवारों में लागू किया जाएगा और इसके बाद घर-घर तक इनका संदेश पहुंचाया जाएगा। समाज के लोगों से अपील की गई कि वे सादगीपूर्ण आयोजनों को अपनाएं और दिखावे के कारण होने वाले आर्थिक बोझ से बचें।

बलराम गुप्ता ने कहा कि इन निर्णयों का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। समाज ऐसी प्रथाओं को कम करना चाहता है, जो परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक बोझ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि सादगी, समानता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी परिवारों का साथ जरूरी है।