हिसार की बेटी रितु ने ऑक्सफोर्ड और बैंकॉक में चमकाया नाम, अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश किए शोध पत्र
हिसार की रितु ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और बैंकॉक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत कर संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाई।
हिसार की रितु ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंचों पर हासिल की बड़ी उपलब्धि
➤ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और बैंकॉक की अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शोध पत्रों का हुआ चयन
➤ पंजाब यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग की शोधार्थी रितु ने भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर दी पहचान
हिसार: हरियाणा के हिसार की बेटी रितु ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। हिसार के पीएलए (PLA) की रहने वाली रितु के शोध पत्रों का चयन विश्व के प्रतिष्ठित शैक्षणिक मंचों पर हुआ है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (UK) और बैंकॉक (थाइलैंड) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अपने शोध कार्यों के जरिए संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रतिनिधित्व किया है।
पंजाब यूनिवर्सिटी (PU), चंडीगढ़ के संस्कृत विभाग की शोधार्थी रितु ने 1 अक्टूबर 2026 को बैंकॉक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ऑनलाइन माध्यम से अपना शोध पत्र सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया। उनकी इस उपलब्धि को शहर के लिए बड़ी शैक्षणिक सफलता माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध पत्र का चयन होना उनकी मेहनत, विषय पर पकड़ और अकादमिक रुचि को दर्शाता है।
रितु की उपलब्धियों का सिलसिला यहीं तक सीमित नहीं है। इससे पहले इसी वर्ष जून में विश्व की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (UK) में भी उनके शोध पत्र का चयन हुआ था। इस तरह रितु ने एक ही वर्ष में दो बड़े अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंचों पर अपने शोध कार्यों के माध्यम से पहचान बनाई है।
मनुस्मृति, शुक्रनीति और अर्थशास्त्र का किया तुलनात्मक अध्ययन
रितु ने बैंकॉक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए प्राचीन भारतीय ग्रंथों में दंड व्यवस्था और दंडनीति से जुड़े विषय पर शोध किया। उनके शोध पत्र का विषय ‘दंड एवं दंडनीति: मनुस्मृति, शुक्रनीति एवं अर्थशास्त्र का तुलनात्मक अध्ययन’ रहा।
इस शोध के माध्यम से उन्होंने प्राचीन भारतीय ग्रंथों में दंड व्यवस्था और दंडनीति से जुड़े विचारों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया। भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े इस विषय को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत करना संस्कृत अध्ययन के क्षेत्र में उनकी अकादमिक उपलब्धि को दर्शाता है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में कौटिल्य के प्रबंधन सिद्धांतों पर शोध पत्र चयनित
इसी वर्ष जून में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (UK) में भी रितु के शोध पत्र का चयन हुआ था। इस शोध का विषय ‘कौटिल्य अर्थशास्त्र के प्रबंधन सिद्धांत एवं उनकी आधुनिक निगमीय शासन-प्रणाली (Corporate Governance) में प्रासंगिकता’ था।
इस विषय के जरिए रितु ने कौटिल्य के अर्थशास्त्र में बताए गए प्रबंधन सिद्धांतों और आधुनिक निगमीय शासन प्रणाली के बीच संबंधों की प्रासंगिकता पर अध्ययन किया। प्राचीन भारतीय चिंतन को आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था के संदर्भ में प्रस्तुत करना उनके शोध कार्य की खास विशेषता रही।
दोनों अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अलग-अलग विषयों पर शोध पत्रों का चयन होना रितु की शैक्षणिक यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे संस्कृत भाषा और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े शोध को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला है।
संस्कृत विभाग और परिवार में खुशी का माहौल
रितु की इस दोहरी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से पंजाब यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग में खुशी का माहौल है। विभाग की चेयरपर्सन डॉ. सुनीता शर्मा और अन्य शिक्षकों ने रितु को बधाई दी है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों पर संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रतिनिधित्व करना पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। रितु की उपलब्धि से विभाग के शिक्षकों और शोधार्थियों में भी उत्साह है।
वहीं, बेटी की इस सफलता से उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। रितु के पिता ज्ञानीराम और माता गीता रानी अपनी बेटी की उपलब्धियों से बेहद खुश हैं। परिवार के लिए यह गर्व का क्षण है कि उनकी बेटी ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
गाइड और पंजाब यूनिवर्सिटी के सहयोग को दिया सफलता का श्रेय
रितु ने अपनी इस दोहरी सफलता का श्रेय अपने गाइड (मार्गदर्शक) और पंजाब यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग के सहयोग को दिया है। उन्होंने अपने शोध कार्यों के दौरान मिले मार्गदर्शन और विभाग के सहयोग को इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण बताया है।
हिसार की रहने वाली रितु ने ऑक्सफोर्ड और बैंकॉक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शोध पत्रों के चयन और प्रस्तुति के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता से हिसार के साथ-साथ पंजाब यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग का भी गौरव बढ़ा है।
Akhil Mahajan