होर्डिंग्स पर अपनी तस्वीर न देख भड़के पूर्व सीएम हुड्डा, कार्यक्रम छाेड़कर निकले, मनाने दौड़े अधिकारी ताे बोले "यह सरासर बदतमीजी है"
पंचकूला में जनप्रतिनिधि सम्मेलन के होर्डिंग्स पर तस्वीर नहीं देखकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा नाराज हो गए। अधिकारियों ने मनाने की कोशिश की, लेकिन वह लौट गए।
➤ सम्मेलन में पहुंचे हुड्डा की नजर होर्डिंग्स पर पड़ी, तस्वीर गायब देख लौटने लगे
➤ अधिकारियों ने पीछे जाकर मनाया, पूर्व सीएम बोले- यह सरासर बदतमीजी है
➤ हुड्डा के जाते ही बीबी बत्रा और आफताब अहमद भी कार्यक्रम से बाहर निकले
पंचकूला में हरियाणा विधानसभा के एक बड़े आयोजन की तैयारियां थीं। मंच सजा था, प्रदेश की चार पीढ़ियों के जनप्रतिनिधियों को एक साथ जुटना था और कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री तक की मौजूदगी प्रस्तावित थी। लेकिन सम्मेलन शुरू होने से पहले ही ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पूरे आयोजन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कार्यक्रम में पहुंचे, लेकिन होर्डिंग्स पर अपनी तस्वीर नहीं देखकर इस कदर नाराज हुए कि समारोह में शामिल हुए बिना ही वापस लौटने लगे। उन्हें रोकने और मनाने के लिए अधिकारी पीछे-पीछे पहुंचे, मगर हुड्डा की नाराजगी कम नहीं हुई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "यह सरासर बदतमीजी है।"
जिस सम्मेलन में होना था दिग्गजों का जमावड़ा, वहीं हुड्डा ने बना दी अलग चर्चा
हरियाणा विधानसभा की ओर से सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में जनप्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसका मकसद प्रदेश के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर संवैधानिक मूल्यों, हरियाणा की विकास यात्रा और विकसित हरियाणा के लक्ष्य पर चर्चा करना था।
आयोजन को खास बनाने के लिए प्रदेश की चार पीढ़ियों के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। लेकिन कार्यक्रम में पहुंचे हुड्डा की नाराजगी के कारण सम्मेलन शुरू होने से पहले ही राजनीतिक चर्चा का रुख बदल गया।
अधिकारी मनाते रहे, हुड्डा ने नहीं बदला फैसला
कार्यक्रम स्थल पर होर्डिंग्स पर अपनी तस्वीर नहीं होने को लेकर हुड्डा ने कड़ी आपत्ति जताई। वह वहां से लौट गए। अधिकारियों को जब उनकी नाराजगी का पता चला तो वे उन्हें मनाने के लिए पीछे पहुंचे। इस दौरान हुड्डा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह विशेष कार्यक्रम के लिए आए थे और उनके साथ ऐसा व्यवहार करना ठीक नहीं है।
हुड्डा के वापस जाने के बाद कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा और आफताब अहमद भी कार्यक्रम से निकल गए। इस घटनाक्रम ने आयोजन से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया।
233 जनप्रतिनिधियों के जुटने की थी तैयारी
विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के अनुसार, सम्मेलन में अब तक 57 वर्तमान और 176 पूर्व विधायकों ने शामिल होने की सहमति दी थी। इस तरह कुल 233 जनप्रतिनिधियों के एकत्र होने की उम्मीद थी।
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल प्रो. असीम घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी प्रस्तावित थी।
सात बार विधायक रहे अनिल विज और कादियान भी थे खास आकर्षण
सम्मेलन में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, कंवर पाल गुर्जर, कुलदीप शर्मा और डॉ. रघुवीर सिंह कादियान सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होने वाले थे। सात-सात बार विधायक रह चुके कैबिनेट मंत्री अनिल विज और डॉ. रघुवीर सिंह कादियान की मौजूदगी भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण थी।
इसके अलावा छह बार विधायक रह चुके भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह और कैप्टन अजय सिंह यादव के भी पहुंचने की संभावना थी।
एक मंच पर दिखनी थी बुजुर्गों की विरासत और युवाओं की ऊर्जा
सम्मेलन में वरिष्ठतम पूर्व विधायकों में शामिल गणपत राय और ओपी भारद्वाज भी भाग लेने वाले थे। दोनों का जन्म वर्ष 1935 में हुआ था। महिला जनप्रतिनिधियों में प्रमुख उद्योगपति सावित्री जिंदल की उपस्थिति भी खास मानी जा रही थी।
नई पीढ़ी की ओर से प्रदेश के सबसे युवा विधायक आदित्य सुरजेवाला और सबसे युवा महिला विधायक विनेश फौगाट प्रतिनिधित्व करने वाली थीं।
इस तरह सम्मेलन में अनुभव, राजनीतिक विरासत और युवा नेतृत्व का संगम देखने की तैयारी थी। हालांकि, आयोजन की शुरुआत से पहले हुड्डा की नाराजगी ने एक अलग ही चर्चा छेड़ दी।
Akhil Mahajan