दिल्ली की हवा हुई बेहद खराब, सीजन में पहली बार AQI 307 पार; हरियाणा के कई शहरों में भी प्रदूषण बढ़ा
दिल्ली में AQI 307 पहुंचने से हवा बेहद खराब श्रेणी में आ गई। गुरुग्राम, मानेसर और कैथल में भी प्रदूषण बढ़ा, पराली जलाने के आंकड़ों ने चिंता बढ़ाई।
➤ दिल्ली में सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 307 दर्ज, पहली बार इस सीजन में हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंची
➤ गुरुग्राम में AQI 230, मानेसर में 214 और कैथल में 324 दर्ज, हरियाणा के कई शहर प्रदूषण की चपेट में
➤ बारिश के बाद मिली राहत खत्म, अगले दिनों में दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में स्मॉग बढ़ने की आशंका
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। सोमवार, 2 नवंबर को दिल्ली की हवा इस सीजन में पहली बार बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। सुबह से ही राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में धुंध की मोटी परत दिखाई दी और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 307 तक पहुंच गया। पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद हवा में कुछ सुधार आया था, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। अब प्रदूषण का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के साथ हरियाणा के कई शहरों में भी हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम, मानेसर और कैथल में प्रदूषण का स्तर चिंता बढ़ाने वाला रहा। ऐसे में दिल्ली के साथ हरियाणा के लोगों के लिए भी आने वाले दिन वायु गुणवत्ता के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
दिल्ली में पहली बार बेहद खराब श्रेणी में पहुंची हवा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 7:05 बजे दिल्ली का AQI 307 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले रविवार को 24 घंटे का औसत AQI 261 था, जो खराब श्रेणी में आता है। शनिवार को यह स्तर 117 यानी मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया था। शुक्रवार को भारी बारिश के बाद दिल्ली का AQI 60 तक पहुंच गया था। इसके बाद प्रदूषण में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 58 के आंकड़े उपलब्ध थे। इनमें से 36 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। जहांगीरपुरी में AQI 417 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
हरियाणा पर भी दिखने लगा प्रदूषण का असर
दिल्ली के आसपास स्थित हरियाणा के शहरों में भी वायु गुणवत्ता की स्थिति अलग-अलग स्तर पर खराब दर्ज की गई। 2 नवंबर की सुबह उपलब्ध CPCB आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में AQI 230 और मानेसर में 214 दर्ज किया गया। दोनों शहर खराब श्रेणी में रहे। वहीं, फरीदाबाद में AQI 118 दर्ज हुआ, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
हरियाणा के कैथल में स्थिति अधिक चिंताजनक रही, जहां AQI 324 दर्ज किया गया। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है। इससे स्पष्ट है कि प्रदूषण की समस्या केवल दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के दूसरे हिस्सों में भी अलग-अलग स्तर पर इसका असर दिखाई दे रहा है।
गुरुग्राम, मानेसर और कैथल में भी बढ़ी चिंता
दिल्ली से सटे हरियाणा के औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण का बढ़ना विशेष रूप से चिंता का विषय है। गुरुग्राम और मानेसर में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है। वहीं कैथल में AQI 324 दर्ज होने से स्थिति और गंभीर दिखाई दे रही है। फरीदाबाद में फिलहाल अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति रही, लेकिन वहां भी हवा पूरी तरह साफ नहीं कही जा सकती।
इन आंकड़ों से साफ है कि हरियाणा के अलग-अलग जिलों में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं है। दिल्ली-NCR से सटे इलाकों के साथ राज्य के दूसरे शहरों में भी वायु गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी है।
पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामले भी चिंता का विषय
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं के आंकड़े भी सामने आए हैं। नासा के सैटेलाइट आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच पंजाब और हरियाणा में कुल 1,394 खेतों में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें पंजाब में 1,249 और हरियाणा में 145 घटनाएं शामिल हैं। अकेले 1 नवंबर को 171 घटनाएं दर्ज की गईं।
हालांकि, सैटेलाइट से प्राप्त इन आंकड़ों की तुलना पिछले वर्षों से सीधे करना पूरी तरह उचित नहीं होगा, क्योंकि पराली जलाने की घटनाओं का समय भी बदल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कई घटनाएं दोपहर बाद होती हैं, जिससे सैटेलाइट की निगरानी में कुछ मामले दर्ज नहीं हो पाते।
आने वाले दिनों में बढ़ सकता है स्मॉग
मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने चेतावनी दी है कि स्मॉग का मौसम शुरू हो चुका है। उनके अनुसार, हवा की दिशा और कम गति के कारण प्रदूषक वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। उन्होंने अगले 7 से 10 दिनों के दौरान मौसम की अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनने की आशंका जताई है। इससे दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रदूषण बढ़ने की संभावना है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान में भी दिल्ली के लिए 2 और 3 नवंबर को खराब तथा 4 नवंबर को बेहद खराब श्रेणी की संभावना जताई गई थी।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ सकती है परेशानी
वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिल्ली के साथ गुरुग्राम, मानेसर और हरियाणा के अन्य प्रभावित शहरों में भी लोगों को स्थानीय AQI पर नजर रखनी चाहिए। प्रदूषण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में दिल्ली-NCR और हरियाणा के मैदानी क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता पर निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।
Akhil Mahajan