छात्रा से मारपीट के मामले में प्रिंसिपल सस्पेंड, 'पागल' कहने पर गुस्साया था छात्र; पापा बुला रहे हैं कहकर कमरे में ले गया और फिर...
पंचकूला के सरकारी स्कूल में छह साल की बच्ची से मारपीट के मामले में प्रिंसिपल और दो शिक्षिकाएं सस्पेंड हुईं। बच्ची का PGI चंडीगढ़ में इलाज जारी है।
➤ KG की बच्ची से मारपीट के मामले में प्रिंसिपल नीलू निलंबित, पहले दो जेबीटी शिक्षिकाएं भी हो चुकी हैं सस्पेंड
➤ पिता के बुलाने का बहाना बनाकर बच्ची को कमरे में ले गया था तीसरी कक्षा का छात्र, CCTV में कैद हुई घटना
➤ बच्ची का PGI चंडीगढ़ में इलाज जारी, सरकार उठाएगी पूरा खर्च; जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित
पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में छह साल की KG छात्रा के साथ हुई मारपीट के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार शाम को स्कूल की प्रिंसिपल नीलू को निलंबित कर दिया गया। इससे पहले शनिवार देर रात जेबीटी शिक्षिकाओं पूजा रानी और सिमरनजीत कौर को भी सस्पेंड किया जा चुका है। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और स्टाफ की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, घायल बच्ची का चंडीगढ़ PGI में इलाज चल रहा है और फिलहाल उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। मामले में तीसरी कक्षा के आठ वर्षीय छात्र को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश करने के बाद अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है। सरकार ने बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है और मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
'पागल' कहने पर नाराज हुआ था छात्र, पिता के बुलाने का बहाना बनाकर कमरे में ले गया
परिजनों के साथ स्कूल पहुंचे एक व्यक्ति के मुताबिक, 28 अक्टूबर को घटना वाले दिन आरोपी छात्र ने शुरुआत में बच्ची के साथ शरारत की थी। इससे परेशान होकर बच्ची ने उसे 'पागल' कह दिया और उसकी शिकायत करने की बात कही। आरोप है कि कुछ समय बाद छात्र बच्ची के पास पहुंचा और उससे कहा कि उसके पिता उसे ऊपर कमरे में बुला रहे हैं।
बच्ची उसकी बात पर भरोसा करके पहली मंजिल पर चली गई। वहां छात्र ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस पूछताछ में भी बच्चे ने कथित तौर पर 'पागल' कहे जाने से नाराज होकर हमला करने की बात बताई। घटना स्कूल के CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मारपीट की यह घटना करीब 96 सेकेंड तक चली।
बच्ची के सिर पर ईंट से किए गए वार, नाक की हड्डी में फ्रैक्चर
मामले में सामने आया कि तीसरी कक्षा के आठ वर्षीय छात्र ने छह साल की बच्ची पर ईंट से हमला किया था। बच्ची के सिर पर कई वार किए गए, जिससे उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। उसकी नाक की हड्डी भी टूट गई।
घटना का पता तब चला, जब ऑटो चालक बच्ची को घर ले जाने के लिए स्कूल पहुंचा, लेकिन वह वहां नहीं मिली। इसके बाद उसने परिवार को सूचना दी। बच्ची के पिता और चाचा स्कूल पहुंचे और उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान आरोपी छात्र पार्क में खेलता मिला। परिजनों के पूछने पर उसने बताया कि बच्ची ऊपर कमरे में पड़ी है और उसके साथ मारपीट हुई है।
PGI में चल रहा इलाज, मां तीन दिन से बेटी के पास
घायल बच्ची को इलाज के लिए चंडीगढ़ PGI में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, 31 अक्टूबर की रात बच्ची ने अपनी मां के हाथ से खाना भी खाया।
बच्ची की मां पिछले तीन दिनों से अस्पताल में उसके पास मौजूद है। बेटी की हालत को लेकर परिवार चिंतित है और उसके पूरी तरह स्वस्थ होने का इंतजार कर रहा है। बच्ची को शारीरिक चोटों के साथ मानसिक डर का भी सामना करना पड़ रहा है। परिवार की प्राथमिकता फिलहाल उसका इलाज और देखभाल है।
आरोपी छात्र के व्यवहार को लेकर पहले भी शिकायतें होने की बात
मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी छात्र के व्यवहार को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। इसके बाद शिक्षकों ने छात्र और उसके परिजनों को चेतावनी दी थी। अब घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि पहले मिली शिकायतों के बावजूद स्कूल स्तर पर क्या कदम उठाए गए थे और बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कहां चूक हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी छात्र की अधिक उम्र के लड़कों के साथ उठने-बैठने और मोबाइल पर गेम खेलने की बात भी सामने आई है। उसके हिंसक ऑनलाइन गेम खेलने की जानकारी भी दी गई है। हालांकि, इन बातों की घटना से सीधी भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्कूल स्टाफ पर अभिभावकों ने लगाए गंभीर आरोप
31 अक्टूबर को घटना के विरोध में स्कूल के बाहर अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और बच्चों को लेने समय से पहले पहुंचे कुछ अभिभावकों के बीच बहस भी हुई। पुलिस उन्हें स्कूल गेट से हटने के लिए कह रही थी, जबकि अभिभावक वहीं मौजूद रहना चाहते थे।
कुछ अभिभावकों ने स्कूल स्टाफ पर आरोप लगाया कि कर्मचारी बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के बजाय ऑनलाइन शॉपिंग और अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना वाले दिन महिला शिक्षिकाएं मेहंदी लगवाने में व्यस्त थीं। अभिभावकों का दावा है कि घटना के समय प्रिंसिपल स्कूल में मौजूद नहीं थीं। ये आरोप अभिभावकों की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी जांच होनी बाकी है।
प्रिंसिपल और दो शिक्षिकाएं सस्पेंड, पहले ही दर्ज हो चुका है केस
मामले में स्कूल की प्रिंसिपल नीलू को रविवार शाम निलंबित कर दिया गया। इससे पहले जेबीटी शिक्षिकाओं पूजा रानी और सिमरनजीत कौर को भी निलंबित किया जा चुका है। प्रिंसिपल और क्लास टीचर के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया गया था।
आठ वर्षीय छात्र को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश करने के बाद अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है। चूंकि आरोपी भी नाबालिग है, इसलिए उसके मामले में किशोर न्याय व्यवस्था के तहत प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
एडीसी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के आदेश पर पंचकूला के डीसी सतपाल शर्मा ने मामले की जांच के लिए एडीसी विवेक की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में पिंजौर के बीईओ, सार्थक स्कूल की प्रिंसिपल और सेक्टर-19 स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल निर्मल ढुल को शामिल किया गया है।
कमेटी स्कूल में हुई घटना, शिक्षकों की जिम्मेदारी, पहले मिली शिकायतों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी। सरकार ने बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात भी कही है।
इस घटना के बाद सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना के समय स्कूल में क्या परिस्थितियां थीं और जिम्मेदारी के स्तर पर कहां चूक हुई।
Akhil Mahajan