जमीन के नीचे दबे थे नोटों से भरे तीन ड्रम, खुदाई में निकली करोड़ों की नकदी; अब उठे कई बड़े सवाल
मकान के भीतर जमीन में दबे तीन ड्रमों से 500 रुपये के नोटों की गड्डियां मिलीं। करोड़ों की नकदी के स्रोत और असली रकम की जांच जारी है।
➤ मकान के भीतर जमीन खोदने पर मिले तीन ड्रम, 500 रुपये के नोटों की गड्डियां बरामद।
➤ शुरुआती अनुमान में चार से पांच करोड़ रुपये की नकदी, लेकिन आधिकारिक गिनती अभी बाकी।
➤ चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ, आयकर विभाग भी जांच में जुटा।
एक मकान के भीतर जमीन की खुदाई के दौरान ऐसा नजारा सामने आया, जिसने पुलिस से लेकर आसपास के लोगों तक को हैरान कर दिया। जमीन के नीचे दबे तीन ड्रम बाहर निकाले गए। जब इन ड्रमों को खोलकर देखा गया तो उनके अंदर 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। शुरुआती जानकारी में इन ड्रमों से करीब चार से पांच करोड़ रुपये की नकदी मिलने की आशंका जताई गई। इतनी बड़ी रकम जमीन के नीचे छिपाकर रखे जाने की खबर फैलते ही इलाके में हलचल मच गई। अब पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी नकदी कहां से आई, किसकी है और इसे जमीन के नीचे ड्रमों में भरकर क्यों छिपाया गया था।
एक सूचना के बाद शुरू हुई तलाशी
मामले की शुरुआत पुलिस को मिली एक सूचना से हुई। पुलिस को बताया गया था कि एक मकान के भीतर जमीन में बड़ी मात्रा में नकदी दबाकर रखी गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों की निगरानी में मकान के अलग-अलग हिस्सों की जांच की गई। इसी दौरान जमीन के भीतर दबे तीन प्लास्टिक ड्रम दिखाई दिए। जब उन्हें बाहर निकालकर खोला गया तो उनमें नोटों के बंडल मिले। पुलिस ने पूरी बरामदगी की कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई और नकदी को सील कर सुरक्षित रखवा दिया।
चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
नकदी मिलने के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रमों में रखी रकम किसकी है और इसे वहां कब से छिपाकर रखा गया था। जांच एजेंसियां यह भी जानना चाहती हैं कि नकदी का संबंध किसी चोरी या अन्य आपराधिक गतिविधि से तो नहीं है। फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों को अंतिम रूप से साबित नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
नोटों की गिनती के लिए पहुंची आयकर विभाग की टीम
बरामद नकदी की मात्रा को देखते हुए आयकर विभाग को भी सूचना दी गई। 29 अक्टूबर की शाम आयकर विभाग की छह सदस्यीय टीम करेंसी गिनने वाली मशीन लेकर संबंधित थाने पहुंची। टीम ने बरामद नोटों की गिनती और रकम के स्रोत से जुड़ी जांच शुरू की। हालांकि, 30 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस और आयकर विभाग ने अभी तक नकदी की कुल रकम का आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया था। ऐसे में चार-पांच करोड़ रुपये या इससे अधिक की चर्चाओं को फिलहाल शुरुआती अनुमान ही माना जाना चाहिए।
परिवार की संपत्ति भी जांच के दायरे में
मीडिया रिपोर्टों में स्थानीय लोगों के हवाले से बताया गया है कि संबंधित परिवार ने पिछले कुछ वर्षों में गांव में जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदी थीं। एक मकान के निर्माण और अन्य सामान की खरीद का भी जिक्र सामने आया है। पुलिस इन जानकारियों के आधार पर परिवार की आर्थिक स्थिति और संपत्ति के स्रोत की पड़ताल कर रही है। हालांकि, ग्रामीणों की ओर से किए गए दावों और बरामद नकदी के बीच कोई सीधा संबंध अभी आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं हुआ है।
एक पुराने विवाद के बाद पुलिस तक पहुंची थी सूचना
रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार से जुड़े लोगों का कुछ दिन पहले विवाद भी हुआ था। एक अलग मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस जांच कर रही थी। इसी दौरान मकान में बड़ी मात्रा में नकदी छिपाए जाने की सूचना मिलने की बात सामने आई। पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई की और खुदाई के दौरान तीन ड्रम बरामद किए। हालांकि, पुराने विवाद और नकदी मिलने के बीच क्या संबंध है, यह अभी जांच का विषय है।
अब जांच में तलाशे जा रहे हैं इन सवालों के जवाब
इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं। ड्रमों में कुल कितनी नकदी थी? पैसा कहां से आया? इसे जमीन के नीचे छिपाने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या बरामद रकम का संबंध किसी आपराधिक गतिविधि से है? पुलिस और आयकर विभाग इन सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नकदी की गिनती और जांच पूरी होने के बाद ही बरामद रकम तथा उसके स्रोत को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आखिर कहां मिला जमीन के नीचे छिपा नोटों का खजाना?
अब उस जगह का नाम भी जान लीजिए, जहां मकान के भीतर जमीन खोदने पर नोटों से भरे तीन ड्रम मिले। यह मामला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव का है। इसी गांव में एक मकान के भीतर जमीन में दबाए गए तीन ड्रमों से 500 रुपये के नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। फिलहाल नकदी की गिनती और उसके स्रोत की जांच जारी है। इस मामले में सबसे बड़ा रहस्य अभी भी यही है कि आखिर इतनी बड़ी रकम जमीन के नीचे किसने और किस मकसद से छिपाई थी।
Akhil Mahajan