भिवानी के आदर्श महाविद्यालय में सजा सृजन मेला, छात्राओं ने हुनर और रचनात्मकता से दिखाया आत्मनिर्भरता का दम

भिवानी के आदर्श महाविद्यालय में सृजन मेले का आयोजन हुआ। छात्राओं ने कपड़ों की डिजाइनिंग, अचार और खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाकर प्रतिभा दिखाई।

भिवानी के आदर्श महाविद्यालय में सजा सृजन मेला, छात्राओं ने हुनर और रचनात्मकता से दिखाया आत्मनिर्भरता का दम

➤ आदर्श महाविद्यालय में छात्राओं की प्रतिभा को मंच देने के लिए आयोजित हुआ सृजन मेला

➤ कपड़ों की डिजाइनिंग, अचार और खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाकर छात्राओं ने दिखाया अपना हुनर

➤ डायरेक्टर भवानी वाला बोले- ऐसे आयोजन छात्राओं की रचनात्मकता निखारने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में सहायक


हर प्रतिभा को निखरने के लिए एक मंच की जरूरत होती है और जब हुनर को अवसर मिलता है तो आत्मनिर्भरता की राह भी आसान होने लगती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए भिवानी के आदर्श महाविद्यालय में छात्राओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और कौशल को सामने लाने के उद्देश्य से सृजन मेले का आयोजन किया गया। मेले में कॉलेज की छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और अलग-अलग तरह के स्टॉल लगाकर अपनी कला और हुनर का प्रदर्शन किया। किसी ने अपने हाथों से तैयार किए कपड़ों की डिजाइनिंग को प्रदर्शित किया तो किसी ने घर पर तैयार किए गए अचार और विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए। छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि शिक्षा के साथ-साथ वे स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के उत्साह और उनकी मेहनत देखने को मिली। कॉलेज के डायरेक्टर भवानी वाला ने बताया कि संस्थान में हर साल इस तरह के आयोजन किए जाते हैं। इस बार कार्यक्रम को सृजन मेला नाम दिया गया है, ताकि छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और उनके अंदर छिपे हुनर को निखारने का अवसर मिल सके।

कपड़ों की डिजाइनिंग से लेकर अचार और खाद्य पदार्थों के लगाए स्टॉल

सृजन मेले में छात्राओं ने अपनी रुचि और कौशल के अनुसार अलग-अलग स्टॉल तैयार किए। इनमें हाथों से तैयार किए गए कपड़ों की डिजाइनिंग, अचार और विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के स्टॉल प्रमुख रहे। छात्राओं ने अपने उत्पादों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया और अपनी मेहनत तथा रचनात्मक सोच का परिचय दिया।

इस आयोजन में छात्राओं ने केवल अपनी कला का प्रदर्शन ही नहीं किया, बल्कि यह भी दिखाया कि वे अपने हुनर को स्वरोजगार का माध्यम बना सकती हैं। इस तरह के मंच से उन्हें अपने कौशल को पहचानने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।

हर साल आयोजित होते हैं ऐसे कार्यक्रम

आदर्श महाविद्यालय के डायरेक्टर भवानी वाला ने बताया कि कॉलेज में इस प्रकार के कार्यक्रम हर साल आयोजित किए जाते हैं। इस बार आयोजन का नाम 'सृजन मेला' रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना और उनके भीतर छिपे हुनर को सामने लाना है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्राओं को अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने का मौका मिलता है। इसके साथ ही उन्हें नए अनुभव प्राप्त होते हैं, जो उनके व्यक्तित्व और कौशल विकास में सहायक होते हैं।

शिक्षा के साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का संदेश

सृजन मेले में लगाए गए स्टॉल के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ अपने हुनर को भी आगे बढ़ाना जरूरी है। कपड़ों की डिजाइनिंग, अचार और खाद्य पदार्थ तैयार करने जैसे कार्यों के जरिए वे अपने कौशल को नए अवसरों में बदल सकती हैं।

ऐसे आयोजनों से छात्राओं को अपनी रुचि पहचानने, नए प्रयोग करने और अपनी रचनात्मकता को दूसरों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

कुल मिलाकर, आदर्श महाविद्यालय का सृजन मेला छात्राओं की प्रतिभा और हुनर को प्रोत्साहित करने की एक सराहनीय पहल रहा। इस आयोजन ने शिक्षा के साथ रचनात्मकता, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के महत्व को भी सामने रखा।