हरियाणा में गन्ना किसानों को दिवाली का तोहफा! गन्ने के रेट बढ़ाए: इस बार ₹430, अगले साल ₹450 मिलेंगे

हरियाणा सरकार ने गन्ने का भाव 2026-27 के लिए 430 और 2027-28 के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया। पंजाब में सब्सिडी सहित दर करीब 485 रुपये है।

हरियाणा में गन्ना किसानों को दिवाली का तोहफा! गन्ने के रेट बढ़ाए: इस बार ₹430, अगले साल ₹450 मिलेंगे

➤ हरियाणा में 2026-27 के लिए गन्ने का भाव ₹430 और 2027-28 के लिए ₹450 प्रति क्विंटल तय

➤ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की घोषणा, सरकार के मुताबिक किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

➤ पंजाब में सब्सिडी सहित ₹484.50 प्रति क्विंटल मिल रहा भाव, दोनों राज्यों के बीच बना रहेगा अंतर


हरियाणा के गन्ना किसानों के लिए दिवाली से पहले राज्य सरकार ने गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को बताया कि राज्य में गन्ने की कीमत अगले दो वर्षों के लिए बढ़ाई गई है। वर्ष 2026-27 के पेराई सत्र में किसानों को ₹430 प्रति क्विंटल और वर्ष 2027-28 में ₹450 प्रति क्विंटल मिलेंगे। इससे पहले गन्ने का भाव ₹415 प्रति क्विंटल था। सरकार के अनुसार, नई दरों से किसानों को गन्ने की पैदावार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, पड़ोसी राज्य पंजाब में गन्ना किसानों को राज्य की निर्धारित कीमत और सरकारी सब्सिडी मिलाकर करीब ₹484.50 प्रति क्विंटल मिल रहा है। इस तरह हरियाणा में घोषित नई दरें पंजाब की मौजूदा कुल दर से कम हैं। गन्ने के भाव में बढ़ोतरी से किसानों को कितनी अतिरिक्त आमदनी होगी, यह उनकी जमीन, पैदावार और कुल उत्पादन पर निर्भर करेगा।

दो साल के लिए तय हुए गन्ने के नए रेट

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 29 अक्टूबर को गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी की घोषणा की। घोषित दरों के अनुसार, वर्ष 2026-27 में गन्ने का भाव ₹430 प्रति क्विंटल होगा, जो पिछली दर ₹415 से ₹15 अधिक है। वहीं, वर्ष 2027-28 के लिए गन्ने का भाव ₹450 प्रति क्विंटल तय किया गया है।

इस तरह मौजूदा दर की तुलना में अगले वर्ष निर्धारित भाव ₹35 प्रति क्विंटल अधिक होगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य किसानों को गन्ने की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी आय बढ़ाने में मदद करना है।

किसानों की आमदनी में कितनी बढ़ोतरी होगी

राज्य सरकार के मुताबिक, गन्ने के भाव में इस बढ़ोतरी से किसानों की आमदनी प्रति सीजन लगभग ₹10,000 से ₹11,500 प्रति एकड़ तक बढ़ सकती है। हालांकि, यह अनुमान है और वास्तविक अतिरिक्त आमदनी किसान की पैदावार तथा बेचे गए गन्ने की मात्रा पर निर्भर करेगी।

गन्ने की खेती हरियाणा के कई कृषि क्षेत्रों में किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद रहती है। उत्पादन लागत, खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी जैसे खर्च भी किसानों की वास्तविक कमाई को प्रभावित करते हैं।

पंजाब में सब्सिडी के साथ करीब ₹485 प्रति क्विंटल

गन्ने के भाव को लेकर हरियाणा की तुलना पंजाब से भी हो रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंजाब में राज्य की निर्धारित कीमत यानी एसएपी ₹416 प्रति क्विंटल है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार किसानों को ₹68.50 प्रति क्विंटल की सब्सिडी दे रही है।

इस तरह सब्सिडी सहित पंजाब में गन्ने का कुल भाव ₹484.50 प्रति क्विंटल, यानी लगभग ₹485 बनता है। यह दर हरियाणा के वर्ष 2026-27 के घोषित भाव ₹430 से ₹54.50 अधिक है। वर्ष 2027-28 के लिए हरियाणा की घोषित दर ₹450 होने पर भी पंजाब की मौजूदा कुल दर से ₹34.50 का अंतर रहेगा।

गन्ने के भाव में बढ़ोतरी से किसानों को क्या उम्मीद

हरियाणा सरकार का कहना है कि गन्ने के भाव में बढ़ोतरी से किसानों को बेहतर भुगतान मिलेगा और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, किसानों की वास्तविक आर्थिक स्थिति का आकलन करते समय उत्पादन लागत और दूसरे कृषि खर्चों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

आने वाले पेराई सत्र में नई दरों के लागू होने के बाद किसानों को कितना लाभ मिलता है, यह गन्ने की पैदावार, चीनी मिलों को आपूर्ति और खेती पर होने वाले खर्च पर निर्भर करेगा।