हरियाणा में अडाणी समूह लगाएगा ₹25,000 करोड़? 6,500 नौकरियों की उम्मीद, सरकार के साथ हुआ बड़ा समझौता

अडाणी समूह हरियाणा में 25,000 करोड़ रुपये के सांकेतिक निवेश की योजना बना रहा है। इससे करीब 6,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर बनने का अनुमान

हरियाणा में अडाणी समूह लगाएगा ₹25,000 करोड़? 6,500 नौकरियों की उम्मीद, सरकार के साथ हुआ बड़ा समझौता

➤ हरियाणा में अडाणी समूह की ₹25,000 करोड़ के सांकेतिक निवेश की योजना

➤ निवेश से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 6,500 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान

➤ गांधीनगर में हरियाणा सरकार और अडाणी समूह के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर


हरियाणा में बड़े औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसरों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। अडाणी समूह हरियाणा में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का सांकेतिक निवेश करने की योजना बना रहा है। इस प्रस्तावित निवेश से राज्य में करीब 6,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। इस योजना को आगे बढ़ाने और कारोबारी गतिविधियों के विस्तार के लिए समूह ने हरियाणा सरकार से सहयोग मांगा है। गुजरात के गांधीनगर में हरियाणा सरकार और अडाणी समूह के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस पहल को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, अडाणी समूह के प्रबंध निदेशक राजेश अडाणी और निदेशक प्रणव अडाणी मौजूद रहे। समझौते पर हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन सेंटर के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं आईएएस अधिकारी यश गर्ग ने भी हस्ताक्षर किए।

₹25,000 करोड़ के निवेश से हरियाणा में क्या बदलेगा

अडाणी समूह की प्रस्तावित निवेश योजना को हरियाणा में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। योजना के तहत लगभग 25,000 करोड़ रुपये के सांकेतिक निवेश का प्रस्ताव है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में निवेश की परियोजनावार हिस्सेदारी, अलग-अलग क्षेत्रों में प्रस्तावित इकाइयों और निवेश की समयसीमा का विवरण नहीं दिया गया है।

इस पहल का प्रमुख उद्देश्य राज्य में कारोबारी गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाना है। प्रस्तावित निवेश के सफल क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 6,500 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।

6,500 रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद

प्रस्तावित निवेश से रोजगार सृजन को लेकर भी उम्मीदें जताई गई हैं। अनुमान के मुताबिक, इस पहल से लगभग 6,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बन सकते हैं। प्रत्यक्ष रोजगार में संबंधित परियोजनाओं और कारोबारी संचालन से जुड़े पद शामिल हो सकते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष रोजगार से अन्य संबंधित गतिविधियों में अवसर पैदा होने की संभावना रहती है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन रोजगार अवसरों का जिलेवार वितरण क्या होगा और किन क्षेत्रों में कितने पद सृजित किए जाएंगे। वास्तविक रोजगार सृजन परियोजनाओं के क्रियान्वयन और निवेश की प्रगति पर निर्भर करेगा।

गांधीनगर में एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए गुजरात के गांधीनगर में हरियाणा सरकार और अडाणी समूह के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, अडाणी समूह के प्रबंध निदेशक राजेश अडाणी और निदेशक प्रणव अडाणी उपस्थित रहे।

हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन सेंटर के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं आईएएस अधिकारी यश गर्ग ने भी समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के जरिए प्रस्तावित निवेश को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और समूह के बीच सहयोग का आधार तैयार करने की पहल की गई है।

हरियाणा सरकार से मांगा सहयोग

अडाणी समूह ने प्रस्तावित कारोबारी विस्तार और निवेश योजना को सफल बनाने के लिए हरियाणा सरकार से सहयोग मांगा है। बड़े निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में सरकारी विभागों के साथ समन्वय महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इस पहल के आगे बढ़ने पर राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 25,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा सांकेतिक निवेश योजना से जुड़ा है। परियोजनाओं का विस्तृत स्वरूप, निवेश की समयसीमा और रोजगार सृजन का चरणबद्ध खाका सामने आने के बाद ही इसके वास्तविक प्रभाव का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।