प्रदूषण में इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं? डाइट में शामिल करें ये हेल्दी फूड्स

बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच इम्यूनिटी स्वस्थ रखने के लिए जानें कौन-से फल, सब्जियां, मेवे और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ अपनी डाइट में शामिल करना फायदेमंद है।

प्रदूषण में इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं? डाइट में शामिल करें ये  हेल्दी फूड्स

बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए संतुलित खानपान जरूरी

➤ आंवला, अमरूद, हरी सब्जियां, बादाम और अखरोट से मिलते हैं इम्यूनिटी के लिए जरूरी पोषक तत्व

➤ हल्दी-अदरक, प्रोटीन युक्त भोजन और पर्याप्त पानी भी जरूरी, लेकिन प्रदूषण से बचाव का विकल्प नहीं

Health Tips: देश के कई हिस्सों में लगातार बढ़ रहा वायु प्रदूषण लोगों की सेहत के लिए चिंता का कारण बन रहा है। हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक कण आंखों, गले और फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे माहौल में केवल बाहरी सावधानियां बरतना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को स्वस्थ बनाए रखने के लिए खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित और पौष्टिक आहार शरीर को आवश्यक विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध कराने में मदद करता है। हालांकि, कोई भी खाद्य पदार्थ प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से पूरी तरह सुरक्षा नहीं दे सकता।

खराब एयर क्वालिटी के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजमर्रा की डाइट में कुछ खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इनमें विटामिन C से भरपूर फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, मेवे, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ, हल्दी और अदरक प्रमुख हैं। इसके साथ शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना भी जरूरी है।

आइए जानते हैं कि प्रदूषण के बीच शरीर की सामान्य इम्यूनिटी को स्वस्थ रखने के लिए किन खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना चाहिए और इनके सेवन से कौन-से पोषक तत्व मिलते हैं।

1. विटामिन C से भरपूर फल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में मददगार

बढ़ते प्रदूषण के दौरान शरीर को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिए विटामिन C से भरपूर फलों को डाइट में शामिल करना अच्छा विकल्प है। आंवला, अमरूद, संतरा, नींबू और कीवी जैसे फलों में विटामिन C पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।

यह विटामिन शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा यह एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा प्रदान करने में भी मदद करता है।

रोजाना मौसमी फलों का सेवन करना सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, केवल एक ही फल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग फलों को भोजन का हिस्सा बनाना बेहतर है।

इन बातों का रखें ध्यान। फलों का जूस पीने के बजाय साबुत फल खाने को प्राथमिकता दें। अपनी डाइट में आंवला, अमरूद, संतरा और दूसरे मौसमी फलों को शामिल करें, ताकि शरीर को विभिन्न पोषक तत्व मिल सकें।

2. पालक, मेथी और ब्रोकोली से मिलेंगे विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट

हरी पत्तेदार सब्जियां संतुलित भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पालक, मेथी, ब्रोकोली और दूसरी हरी सब्जियों में विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।

ये पोषक तत्व शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को बनाए रखने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने में योगदान देते हैं।

प्रदूषण के दौरान खानपान का ध्यान रखने वाले लोगों के लिए हरी सब्जियां अच्छा विकल्प हो सकती हैं। इन्हें रोजमर्रा के भोजन में शामिल करने से शरीर को विभिन्न जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।

कैसे करें सेवन। भोजन में नियमित रूप से हरी सब्जियां शामिल करें। इन्हें पकाने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है। केवल हरी सब्जियों तक सीमित रहने के बजाय अलग-अलग रंगों की सब्जियों को भी डाइट का हिस्सा बनाएं।

3. बादाम और अखरोट से मिलेगा विटामिन E और हेल्दी फैट

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बादाम और अखरोट जैसे मेवे भी उपयोगी हैं। इनमें हेल्दी फैट, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक प्रकार ALA पाया जाता है, जबकि बादाम विटामिन E का अच्छा स्रोत माना जाता है। ये पोषक तत्व संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

मेवों को सुबह के नाश्ते या भोजन के बीच सीमित मात्रा में खाया जा सकता है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा मेवे खाने के बजाय संतुलित मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।

इन सावधानियों को न भूलें। बिना ज्यादा नमक वाले मेवों को प्राथमिकता दें। यदि किसी व्यक्ति को बादाम, अखरोट या अन्य मेवों से एलर्जी है तो संबंधित मेवों का सेवन नहीं करना चाहिए।

4. दाल, चना, राजमा और सोयाबीन से शरीर को मिलेगा जरूरी प्रोटीन

शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों के निर्माण तथा मरम्मत के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व है। इसलिए संतुलित भोजन में प्रोटीन के पर्याप्त स्रोत शामिल करना महत्वपूर्ण है।

दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, अंडे और दूध जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें नियमित भोजन में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषण उपलब्ध कराया जा सकता है।

विशेष रूप से शाकाहारी लोगों के लिए दाल, चना, राजमा और सोया उत्पाद प्रोटीन प्राप्त करने के उपयोगी विकल्प हैं।

कितना प्रोटीन लेना चाहिए। भोजन में रोजाना दाल या प्रोटीन के किसी अन्य स्रोत को शामिल करें। प्रोटीन की मात्रा व्यक्ति की उम्र और शारीरिक जरूरत के अनुसार संतुलित होनी चाहिए।

5. हल्दी और अदरक के फायदे हैं, लेकिन प्रदूषण से बचाव का पक्का प्रमाण नहीं

भारतीय रसोई में हल्दी और अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। दोनों में ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जिनके सूजन और एंटीऑक्सीडेंट से जुड़े संभावित प्रभावों को लेकर शोध किए गए हैं।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हल्दी या अदरक खाने से वायु प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से बचाव हो जाएगा, इसका कोई पक्का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

इन्हें संतुलित भोजन के हिस्से के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन प्रदूषण से सुरक्षा के उपायों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

कैसे करें इस्तेमाल। हल्दी को सामान्य मात्रा में दाल, सब्जियों और सूप में शामिल किया जा सकता है। अदरक का इस्तेमाल भोजन बनाने या चाय में किया जा सकता है।

ध्यान रहे कि बिना डॉक्टर की सलाह के हल्दी या अदरक के सप्लीमेंट अधिक मात्रा में नहीं लेने चाहिए।

6. पर्याप्त पानी पीना जरूरी, लेकिन इससे फेफड़ों का प्रदूषण साफ होने का दावा गलत

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। पानी शरीर के सामान्य कामकाज में मदद करता है और शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हालांकि, प्रदूषण के दौरान पानी पीने को लेकर कुछ गलत धारणाएं भी हैं। यह दावा सही नहीं है कि ज्यादा पानी पीने से प्रदूषण के बारीक कण शरीर से बाहर निकल जाते हैं या फेफड़ों को प्रदूषित हवा से सुरक्षा मिलती है।

इसलिए जरूरत से ज्यादा पानी पीने के बजाय शरीर की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी लेना चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान। पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी पिएं। मौसम, शारीरिक गतिविधियों और शरीर की जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा तय करें। सूप जैसे तरल खाद्य पदार्थ भी संतुलित डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।

प्रदूषण के दौरान केवल अच्छी डाइट नहीं, सही सावधानियां भी हैं जरूरी

बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच संतुलित खानपान शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है। विटामिन C से भरपूर फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, अखरोट, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ और पर्याप्त पानी शरीर की सामान्य जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हैं।

हालांकि, अच्छी डाइट का मतलब यह नहीं है कि शरीर प्रदूषण के नुकसान से पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा। पौष्टिक भोजन प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में योगदान देता है, लेकिन प्रदूषित हवा में मौजूद हानिकारक कणों के संपर्क को रोकने का विकल्प नहीं है।

इसलिए खराब एयर क्वालिटी के दौरान खानपान का ध्यान रखने के साथ प्रदूषण से बचाव संबंधी जरूरी सावधानियों को अपनाना भी महत्वपूर्ण है।