एंटीऑक्सीडेंट्स क्यों जरूरी? जानें शरीर में क्या करते हैं
एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। जानें इनके फायदे, शरीर में भूमिका और आंवला, सब्जियों, मेवों से मिलने वाले स्रोत।
एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं
➤ आंवला, अमरूद, संतरा, रंग-बिरंगी सब्जियां, मेवे और ग्रीन टी हैं इनके प्रमुख स्रोत
➤ त्वचा, रोग प्रतिरोधक क्षमता, आंखों और दिल की सेहत के लिए अहम माने जाते हैं एंटीऑक्सीडेंट्स
सेहत अच्छी रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार जरूरी है। शरीर को रोजाना प्रोटीन, विटामिन और कई तरह के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को खानपान पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। इन पोषक तत्वों के बीच एंटीऑक्सीडेंट्स की भी अहम भूमिका है।
आजकल त्वचा को स्वस्थ रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और लंबे समय तक सेहतमंद रहने के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स की चर्चा होती है। ये ऐसे पदार्थ हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। फ्री रेडिकल्स शरीर की सामान्य गतिविधियों के दौरान भी बनते हैं। इनके और एंटीऑक्सीडेंट्स के बीच संतुलन बिगड़ने पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
अच्छी बात यह है कि शरीर खुद भी कुछ एंटीऑक्सीडेंट बनाता है और भोजन से भी इन्हें प्राप्त किया जा सकता है। आंवला, अमरूद, संतरा, रंग-बिरंगी सब्जियां, मेवे और ग्रीन टी जैसे खाद्य पदार्थ इनके प्रमुख स्रोत हैं।
सबसे पहले समझिए क्या होते हैं एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स
एंटीऑक्सीडेंट्स ऐसे पदार्थ हैं जो ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को नियंत्रित करने और फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। शरीर में इनकी भूमिका कोशिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा मानी जाती है।
फ्री रेडिकल्स अस्थिर अणु होते हैं, जो शरीर की सामान्य जैविक प्रक्रियाओं और बाहरी कारकों के कारण बन सकते हैं। शरीर में इनकी मौजूदगी सामान्य है, लेकिन जब फ्री रेडिकल्स और उन्हें नियंत्रित करने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स के बीच संतुलन बिगड़ता है, तो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा हो सकता है।
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स का संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। शरीर अपनी जरूरत के अनुसार कुछ एंटीऑक्सीडेंट खुद बनाता है, जबकि कई एंटीऑक्सीडेंट और उनसे जुड़े पोषक तत्व हमें भोजन से मिलते हैं।
अध्ययनों में एंटीऑक्सीडेंट्स को कई पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने में संभावित रूप से मददगार पाया गया है। हालांकि, इनका प्रभाव व्यक्ति की सेहत, खानपान और अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।
त्वचा से लेकर इम्युनिटी तक, शरीर में क्या काम करते हैं एंटीऑक्सीडेंट्स?
एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। अलग-अलग एंटीऑक्सीडेंट शरीर में अलग-अलग भूमिकाएं निभाते हैं। इनका संबंध त्वचा की सेहत, कोशिकाओं की सुरक्षा और रोग प्रतिरोधक क्षमता सहित कई जैविक प्रक्रियाओं से है।
विटामिन-C त्वचा के लिए क्यों है जरूरी?
विटामिन-C एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है। यह कोलेजन प्रोटीन के निर्माण में मदद करता है। कोलेजन त्वचा के लिए जरूरी है और शरीर के कई ऊतकों की संरचना बनाए रखने में भूमिका निभाता है। आंवला, अमरूद और संतरा जैसे फल विटामिन-C के अच्छे स्रोत हैं।
विटामिन-E कोशिकाओं की सुरक्षा में करता है मदद
विटामिन-E भी एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है। यह कोशिकाओं की झिल्ली को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में भूमिका निभाता है। बादाम, सूरजमुखी के बीज और दूसरे मेवों से विटामिन-E प्राप्त किया जा सकता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए भी अहम
विटामिन-C और विटामिन-E जैसे पोषक तत्व शरीर की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में मदद करते हैं। इससे शरीर को संक्रमण और अन्य बीमारियों से लड़ने में सहायता मिलती है। हालांकि, एंटीऑक्सीडेंट्स को बीमारियों से बचाव की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
रोजमर्रा के खानपान से कैसे पूरा करें एंटीऑक्सीडेंट्स की जरूरत?
एंटीऑक्सीडेंट्स प्राप्त करने के लिए हमेशा महंगे खाद्य पदार्थों या सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं होती। रोजाना के संतुलित आहार में फल, सब्जियां, मेवे और कुछ पेय शामिल करके इनकी पूर्ति में मदद मिल सकती है।
1. आंवला, अमरूद, संतरा और जामुन
इन फलों से विटामिन-C और दूसरे उपयोगी पौध-आधारित यौगिक मिलते हैं। विटामिन-C शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है।
2. गाजर, टमाटर, पालक और दूसरी सब्जियां
रंग-बिरंगी सब्जियों में अलग-अलग एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इन्हें नियमित रूप से भोजन में शामिल करना संतुलित आहार का हिस्सा है।
3. बादाम, सूरजमुखी के बीज और मेवे
इनमें विटामिन-E और अन्य पोषक तत्व होते हैं। सीमित मात्रा में इनका सेवन रोजाना के पौष्टिक आहार को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
4. ग्रीन टी
ग्रीन टी और कुछ अन्य चाय में पॉलीफेनॉल पाए जाते हैं। इन यौगिकों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।
इन खाद्य पदार्थों को अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है। किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तरह के फल, सब्जियां और पौष्टिक चीजें खाना बेहतर है।
दिल की सेहत के लिए कैसे फायदेमंद हो सकते हैं एंटीऑक्सीडेंट्स?
एंटीऑक्सीडेंट्स और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध को लेकर कई अध्ययन किए गए हैं। कुछ एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इससे धमनियों और हृदय की सेहत को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
ऑक्सीडेटिव नुकसान धमनियों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में पौष्टिक आहार के जरिए एंटीऑक्सीडेंट्स प्राप्त करना स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, केवल एंटीऑक्सीडेंट्स का सेवन हृदय रोगों से बचाव की गारंटी नहीं देता। संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और अन्य स्वस्थ आदतें भी जरूरी हैं।
आंखों की सेहत में भी भूमिका निभाते हैं कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स
कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स आंखों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं। इनमें ल्यूटिन और जियाजैंथिन प्रमुख हैं। ये आंखों के कुछ हिस्सों में पाए जाने वाले पौध-आधारित यौगिक हैं और आंखों को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में भूमिका निभाते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियों और दूसरी पौष्टिक चीजों से ऐसे यौगिक प्राप्त किए जा सकते हैं। आंखों की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार के साथ नियमित जांच और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सलाह भी महत्वपूर्ण है।
क्या एंटीऑक्सीडेंट्स के लिए सप्लीमेंट लेना जरूरी है?
एंटीऑक्सीडेंट्स की जरूरत पूरी करने के लिए सबसे पहले संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए। आंवला, अमरूद, संतरा, सब्जियां, मेवे और ग्रीन टी जैसे खाद्य पदार्थ भोजन में शामिल किए जा सकते हैं।
सप्लीमेंट्स की जरूरत हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती। बिना जरूरत या विशेषज्ञ की सलाह के अधिक मात्रा में विटामिन सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को पोषक तत्वों की कमी है या वह सप्लीमेंट लेने के बारे में सोच रहा है, तो डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
निष्कर्ष: एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। त्वचा, आंखों, हृदय और रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी प्रक्रियाओं में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। रोजमर्रा के भोजन में अलग-अलग फल, सब्जियां, मेवे और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना एंटीऑक्सीडेंट्स प्राप्त करने का व्यावहारिक तरीका है।
Akhil Mahajan