करनाल के नायक शेर सिंह का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार, पत्नी के दावे ने बढ़ाया विवाद
करनाल के नायक शेर सिंह का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार हुआ। महिला के पत्नी होने के दावे के बाद परिवार और पंचायत ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
➤ सड़क हादसे में घायल नायक शेर सिंह की 20 अक्टूबर को इलाज के दौरान मौत हुई
➤ बुढ़नपुर बांगर में राजकीय सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया
➤ महिला के पत्नी होने के दावे पर परिवार-पंचायत ने जांच तक सेना फंड रोकने की मांग की
करनाल जिले के बुढ़नपुर बांगर गांव के 32 वर्षीय सेना के नायक शेर सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। 12 अक्टूबर को छुट्टी के दौरान भादसो रोड पर सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए शेर सिंह का पंचकूला स्थित कमांडो अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां 20 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। बुधवार रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा और गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान की मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। इसी बीच एक महिला के शेर सिंह की पत्नी होने के दावे से मामला नया मोड़ ले चुका है। परिवार शेर सिंह को अविवाहित बता रहा है, जबकि महिला ने वर्ष 2024 का विवाह प्रमाणपत्र दिखाने का दावा किया है। इस विवाद के बीच परिवार और पंचायत ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छुट्टी के दौरान हुआ था सड़क हादसा
जानकारी के अनुसार, नायक शेर सिंह 12 अक्टूबर को छुट्टी पर घर आए हुए थे। इसी दौरान भादसो रोड पर उनकी बाइक की बुटानखेड़ी निवासी एक साइकिल सवार से टक्कर हो गई। हादसे में साइकिल सवार भी घायल हुआ था। बाइक से गिरने के कारण शेर सिंह को गंभीर चोटें आईं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शेर सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें पंचकूला स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के दौरान 20 अक्टूबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। जवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार रात सेना के जवान उनका पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव पहुंचे। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
2014 में सेना में भर्ती हुए थे
नायक शेर सिंह वर्ष 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। भर्ती के बाद उन्होंने अहमदाबाद स्थित आरटी बेस से प्रशिक्षण लिया। इसके बाद उनकी तैनाती नायक के पद पर 13 फील्ड रेजिमेंट, रुड़की में हुई।
जानकारी के मुताबिक, कंप्यूटर के अच्छे ज्ञान के कारण वह उत्तराखंड के ऋषिकेश रोड स्थित रायवाला में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। सैन्य सेवा के दौरान गांव और परिवार के बीच उनकी अलग पहचान थी। उनके निधन से परिजन और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं।
महिला ने पत्नी होने का दावा किया
जवान की मौत के बाद मामले में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब राज रानी नाम की एक महिला कागजात लेकर सामने आई और उसने शेर सिंह की पत्नी होने का दावा किया। महिला ने वर्ष 2024 का विवाह प्रमाणपत्र दिखाने की बात कही है।
वहीं, शेर सिंह के परिवार का कहना है कि वह अविवाहित थे। परिवार ने महिला के दावे और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विवाह की वैधता और महिला के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पंचायत ने सेना फंड और भुगतान पर रोक की मांग की
विवाह संबंधी दावे के सामने आने के बाद कादराबाद पंचायत की ओर से इंडियन आर्मी, रायवाला, उत्तराखंड में तैनात सूबेदार को पत्र भेजा गया है। पंचायत ने अनुरोध किया है कि मामले की स्थिति स्पष्ट होने तक शेर सिंह से संबंधित सेना फंड, वेतन या अन्य लाभ किसी खाते में जारी न किए जाएं।
पंचायत के पत्र में दावा किया गया है कि राज रानी ने अक्टूबर 2024 में शेर सिंह के साथ कोर्ट में विवाह किया था। साथ ही पत्र में यह भी कहा गया है कि महिला की पहले बुढ़नपुर निवासी सुंदर सिंह से शादी हुई थी।
पत्र के मुताबिक, राज रानी की उम्र करीब 45 से 50 वर्ष बताई गई है और उनके दो बेटे हैं। पंचायत ने यह भी दावा किया है कि सुंदर सिंह की मृत्यु अक्टूबर 2025 में हुई थी। इन्हीं परिस्थितियों को लेकर परिवार और पंचायत ने विवाह की वैधता तथा दस्तावेजों की जांच की मांग उठाई है।
परिवार ने जताई निष्पक्ष जांच की मांग
परिवार का कहना है कि जब तक महिला के दावे और विवाह से जुड़े दस्तावेजों की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक सेना से मिलने वाले आर्थिक लाभ के संबंध में कोई निर्णय नहीं किया जाना चाहिए। पंचायत ने भी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि महिला का विवाह शेर सिंह के साथ वैध रूप से हुआ था या नहीं। इसी तरह सेना से मिलने वाले लाभ पर महिला के दावे को लेकर भी अभी कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
सड़क हादसे की पुलिस जांच जारी
शेर सिंह के साथ हुए सड़क हादसे को लेकर पुलिस ने भी जांच शुरू की थी। जांच अधिकारी धर्मपाल के अनुसार, घायल साइकिल सवार की शिकायत मिलने के बाद मामले में कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही थी।
वहीं, विवाह और सेना के लाभ से जुड़े विवाद पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी आधिकारिक निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में इस पूरे मामले में जांच और संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार में माता-पिता, भाई और दो बहनें
शेर सिंह के परिवार में उनके पिता लखविंद्र सिंह, माता सुखविंद्र, बड़े भाई गुरदीप और दो बहनें हैं। परिवार के सभी भाई-बहनों की शादी हो चुकी है।
एक ओर परिवार जवान बेटे और भाई की मौत के गम में डूबा है, वहीं दूसरी ओर पत्नी होने के दावे ने शोक के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। परिवार और पंचायत की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दस्तावेजों की सत्यता स्पष्ट की जाए, ताकि शेर सिंह से जुड़े सेना फंड और अन्य लाभों को लेकर सही व्यक्ति का अधिकार तय हो सके।
फिलहाल नायक शेर सिंह का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जा चुका है। उनके निधन से गांव में शोक का माहौल है, जबकि पत्नी होने के दावे और सेना से मिलने वाले लाभों को लेकर उठे सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
Akhil Mahajan