मसल्स बनाने के चक्कर में ये गलती न करें,प्रोटीन पाउडर से पहले जानें ये जरूरी बातें
मसल्स बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर जरूरी नहीं। जानें अंडे, दूध, दाल, पनीर और सोयाबीन से प्रोटीन कैसे पाएं और संतुलित डाइट क्यों जरूरी है।
मसल्स बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर जरूरी नहीं, अंडे-दूध और दाल से भी पूरी हो सकती है जरूरत
➤ तेजी से बॉडी बनाने के चक्कर में सप्लीमेंट लेने से पहले रहें सावधान, कुछ उत्पादों में स्टेरॉयड होने का खतरा
➤ 60 किलो वजन वाले वयस्क को सामान्य रूप से रोजाना करीब 48 ग्राम प्रोटीन की जरूरत
जिम जाकर मजबूत शरीर और उभरी हुई मांसपेशियां बनाने का शौक आजकल काफी लोगों में बढ़ रहा है। कई लोग जल्दी मसल्स बनाने और वर्कआउट के बाद शरीर की रिकवरी के लिए प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन प्रोटीन सप्लीमेंट को बिना जांचे-परखे लेना और जरूरत से ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर तेजी से मसल्स बढ़ाने के नाम पर बिकने वाले कुछ उत्पादों में स्टेरॉयड जैसे हानिकारक पदार्थ होने की आशंका रहती है। ऐसे में केवल जिम ट्रेनर की सलाह या आकर्षक पैकेजिंग देखकर किसी सप्लीमेंट का इस्तेमाल करना सही तरीका नहीं है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन जरूरी है, लेकिन इसकी पूर्ति केवल पाउडर से करना आवश्यक नहीं है। अंडे, चिकन, मछली, दूध, दही, पनीर, दाल, सोयाबीन और टोफू जैसे खाद्य पदार्थ भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। इसके साथ पर्याप्त कैलोरी वाला संतुलित भोजन, नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अच्छी नींद मसल्स बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। शरीर को मजबूत बनाने के लिए जल्दबाजी के बजाय नियमितता और संतुलित दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है।
शरीर बनाने के लिए रोज कितना प्रोटीन चाहिए?
प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत में मदद करता है। वर्कआउट के दौरान मांसपेशियों पर पड़ने वाले दबाव के बाद उनकी रिकवरी के लिए भी प्रोटीन की जरूरत होती है। हालांकि, हर व्यक्ति की प्रोटीन की आवश्यकता एक जैसी नहीं होती। यह उम्र, शरीर के वजन, शारीरिक गतिविधि, ट्रेनिंग और स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करती है।
सामान्य रूप से एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन शरीर के प्रत्येक किलोग्राम वजन के हिसाब से लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। उदाहरण के तौर पर, 60 किलो वजन वाले व्यक्ति के लिए यह मात्रा करीब 48 ग्राम प्रतिदिन बैठती है।
नियमित रूप से जिम करने वाले और मांसपेशियों का आकार बढ़ाने की कोशिश कर रहे लोगों को इससे अधिक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। हालांकि, कितनी मात्रा उपयुक्त रहेगी, यह उनकी ट्रेनिंग और व्यक्तिगत जरूरतों पर निर्भर करता है।
यह समझना भी जरूरी है कि प्रोटीन शरीर के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन अपने आप अधिक मसल्स नहीं बनाता। इसलिए अपनी जरूरत समझकर भोजन और सप्लीमेंट का चुनाव करना चाहिए।
नॉनवेज खाने वालों के लिए प्रोटीन के अच्छे विकल्प
जो लोग नॉनवेज खाते हैं, उनके लिए अंडे, चिकन और मछली प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इन खाद्य पदार्थों को संतुलित डाइट में शामिल करके शरीर को मांसपेशियों के निर्माण के लिए जरूरी पोषण दिया जा सकता है।
प्रमुख नॉनवेज स्रोतों में प्रोटीन की मात्रा इस प्रकार हो सकती है।
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अंडा: एक बड़े अंडे में लगभग 6-7 ग्राम प्रोटीन होता है।
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चिकन: 100 ग्राम चिकन से लगभग 25-31 ग्राम तक प्रोटीन मिल सकता है।
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मछली: 100 ग्राम पकी मछली में लगभग 20-25 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। कुछ मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड का भी अच्छा स्रोत हैं।
इन खाद्य पदार्थों से प्रोटीन लेने के साथ भोजन में अन्य जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना भी अहम है। केवल प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने पर ध्यान देने के बजाय पूरी डाइट को बेहतर बनाना चाहिए।
शाकाहारी हैं तो इन चीजों से पूरी करें प्रोटीन की जरूरत
प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा लेने के लिए नॉनवेज खाना जरूरी नहीं है। शाकाहारी भोजन में भी कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जिन्हें नियमित डाइट में शामिल करके शरीर की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है।
शाकाहारी प्रोटीन के प्रमुख स्रोत इस प्रकार हैं।
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दाल: एक कटोरी पकी दाल में लगभग 6-9 ग्राम प्रोटीन होता है।
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पनीर: 100 ग्राम पनीर से लगभग 15-20 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है।
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सोयाबीन और टोफू: ये दोनों प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं और शाकाहारी डाइट में उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।
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चना और राजमा: इनमें प्रोटीन के साथ फाइबर भी मिलता है। इन्हें अनाज के साथ खाने से अमीनो एसिड का संतुलन बेहतर होता है।
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मूंगफली, बादाम और सीड्स: इनसे प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट भी मिलते हैं। हालांकि, इनमें कैलोरी अधिक हो सकती है, इसलिए इनकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
इन विकल्पों को रोजमर्रा के भोजन में शामिल करके प्रोटीन की जरूरत पूरी करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। अपनी पसंद, जरूरत और भोजन की कुल मात्रा के अनुसार इनका चुनाव करना बेहतर रहता है।
क्या प्रोटीन पाउडर से जल्दी बनती हैं मांसपेशियां?
प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों को उम्मीद रहती है कि इससे कम समय में मसल्स का आकार बढ़ जाएगा। लेकिन मांसपेशियों का विकास केवल प्रोटीन पाउडर पर निर्भर नहीं करता। इसके लिए नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त भोजन, सही रिकवरी और अच्छी नींद भी जरूरी हैं।
प्रोटीन पाउडर कुछ लोगों के लिए उनकी दैनिक जरूरत पूरी करने का सुविधाजनक विकल्प हो सकता है, लेकिन हर किसी को इसकी आवश्यकता नहीं होती। यदि संतुलित भोजन से पर्याप्त प्रोटीन मिल रहा है, तो केवल बॉडी बिल्डर जैसा दिखने के लिए सप्लीमेंट लेना जरूरी नहीं है।
सप्लीमेंट खरीदते समय उसके घटकों और गुणवत्ता की जानकारी लेना अहम है। तेजी से मसल्स बनाने के दावे करने वाले उत्पादों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। कुछ उत्पादों में स्टेरॉयड जैसे हानिकारक पदार्थ होने की आशंका भी हो सकती है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
मजबूत शरीर के लिए डाइट, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और नींद पर दें ध्यान
मसल्स बनाने के लिए केवल अधिक प्रोटीन खाना पर्याप्त नहीं है। शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देने वाला संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और रिकवरी के लिए जरूरी आराम भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के साथ अपनी डाइट में प्रोटीन के प्राकृतिक स्रोत शामिल करें। भोजन में विविधता रखें और शरीर की जरूरत के अनुसार मात्रा तय करें। पर्याप्त नींद लें, क्योंकि मांसपेशियों की रिकवरी और शारीरिक विकास के लिए आराम जरूरी है।
सबसे अहम बात यह है कि तेजी से शरीर बनाने के बजाय लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रहने का लक्ष्य रखें। बिना जरूरत सप्लीमेंट लेने या किसी उत्पाद के बड़े-बड़े दावों से प्रभावित होने के बजाय संतुलित खानपान और नियमित व्यायाम को प्राथमिकता दें।
Akhil Mahajan