ट्रिपल म*र्डर केस में 9 दोषी करार, दो महिलाएं बरी
कुरुक्षेत्र के पिंडारसी ट्रिपल मर्डर केस में नौ आरोपी दोषी करार, दो महिलाएं बरी। 2018 में भेड़-बकरियां लूटने के दौरान तीन भेड़ पालकों की मौत हुई थी।
कुरुक्षेत्र के ट्रिपल मर्डर केस में 9 आरोपी दोषी करार, दो महिलाएं बरी
➤ 500 भेड़-बकरियां लूटने के लिए डेरे पर हमला कर तीन भेड़ पालकों को पीटा था
➤ 21 मई 2018 की वारदात में दो बुजुर्गों समेत तीन लोगों की हुई थी मौत
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिंडारसी गांव में करीब आठ साल पहले हुए ट्रिपल मर्डर और भेड़-बकरियां लूटने के मामले में अदालत ने राजस्थान के नौ आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि दो महिला आरोपियों को बरी कर दिया। 21 मई 2018 की रात रेलवे लाइन के पास बने डेरे पर हमला कर तीन भेड़ पालकों को बंधक बनाया गया था और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। इसके बाद आरोपी करीब 400 भेड़ें लूटकर ले गए थे। हमले में तीनों भेड़ पालकों की मौत हो गई थी। अदालत ने दोषियों की सजा पर फैसला मंगलवार तक सुरक्षित रखा है।
21 मई 2018 की रात भेड़ पालकों के डेरे पर किया था हमला
पुलिस जांच के अनुसार, पिंडारसी गांव से बाहर रेलवे लाइन के पास भेड़ पालकों ने अपना डेरा बनाया हुआ था। यहां वाल्मीकि समुदाय के लोग करीब 500 भेड़-बकरियां और दूसरे मवेशी पालकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। गिरोह ने मवेशी लूटने के इरादे से इसी डेरे को निशाना बनाया था।
21 मई 2018 की रात आरोपी डेरे पर पहुंचे। उस समय झुग्गी में 80 वर्षीय अर्जुन सिंह, 55 वर्षीय राजाराम और 30 वर्षीय संदीप मौजूद थे। हमलावरों ने तीनों को बंधक बना लिया। उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर टेप चिपका दी, ताकि वे शोर न मचा सकें।
इसके बाद आरोपियों ने तीनों को लाठियों और डंडों से बुरी तरह पीटा और खेतों के पास बने एक गड्ढे में फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भेड़ों को हांककर ले जाने लगे। इस दौरान करीब 400 भेड़ें लूटकर ले जाने की बात सामने आई थी।
रेलवे लाइन पार कराते समय ट्रेन की चपेट में आईं 50 से 60 भेड़ें
आरोपी जब लूटी गई भेड़ों को रेलवे लाइन पार करा रहे थे, उसी दौरान जयपुर-कुरुक्षेत्र इंटरसिटी ट्रेन वहां आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से 50 से 60 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि कुछ भेड़ें घायल हो गईं।
इसके बाद आरोपी बाकी भेड़ों को कुरुक्षेत्र-कैथल रोड पर खड़े एक ट्रक में भरकर ले गए। अगली सुबह रेलवे ट्रैक पर मृत और घायल भेड़ें देखकर ट्रेन के ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी। इसके बाद गांव के लोगों और भेड़ पालकों को घटना का पता चला।
जब डेरे पर तीनों भेड़ पालक नहीं मिले, तो पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की।
गड्ढे में मिले तीनों भेड़ पालक, अस्पताल में संदीप ने भी तोड़ा दम
तलाश के दौरान तीनों भेड़ पालक खेतों के पास बने गड्ढे में मिले। अर्जुन सिंह और राजाराम की मौत हो चुकी थी, जबकि संदीप गंभीर हालत में था। उसे पहले एलएनजेपी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन बाद में संदीप की भी मौत हो गई।
इस तरह भेड़-बकरियां लूटने के लिए किए गए हमले में तीनों भेड़ पालकों की जान चली गई। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए दो महिलाओं समेत कुल 11 आरोपियों को पकड़ा था।
राजस्थान के नौ आरोपियों को अदालत ने ठहराया दोषी
अदालत ने मामले में राजस्थान के नौ आरोपियों को लूट यानी डकैती के दौरान हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। दो महिला आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में दौसा निवासी रामलाल, उसके दो सगे भाई बत्री और फौरकिया, भरतपुर निवासी कमलेश, जयपुर निवासी यादराम उर्फ बेरा, उसका भाई मुकेश, रमेश, हरकेश उर्फ राकेश और दौसा की मोडा पट्टी निवासी मीरा देवी शामिल हैं।
अदालत ने दोषियों की सजा पर फैसला मंगलवार तक सुरक्षित रखा है। करीब आठ साल पुराने इस मामले में अब सभी की नजरें सजा के ऐलान पर टिकी हैं।
Akhil Mahajan