4 हजार की रिश्वत लेते रजिस्ट्री क्लर्क गिरफ्तार, मांगे थे 29 हजार
फतेहाबाद के रतिया तहसील कार्यालय में विजिलेंस टीम ने किसान की शिकायत पर रजिस्ट्री क्लर्क को चार हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
➤ रतिया तहसील कार्यालय में विजिलेंस टीम ने रजिस्ट्री क्लर्क बलविंदर सिंह को 4 हजार रुपये लेते पकड़ा
➤ किसान की दादालाई जमीन का इंतकाल दर्ज करने के बदले 29 हजार रुपये मांगने का आरोप
➤ शिकायत के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई, मामले की जांच जारी
फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद जिले में सरकारी काम के बदले कथित रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। मंगलवार को रतिया तहसील कार्यालय में जिला विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने रजिस्ट्री क्लर्क बलविंदर सिंह को 4 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि क्लर्क ने गांव नवथान निवासी एक किसान की दादालाई जमीन का इंतकाल दर्ज करने के बदले 29 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में बातचीत के दौरान यह रकम 4 हजार रुपये तय हुई। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की और कथित तौर पर तय राशि लेते समय क्लर्क को पकड़ लिया। घटना के बाद तहसील परिसर में हलचल मच गई।
किसान की शिकायत पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, गांव नवथान निवासी किसान नेता गुरदीप सिंह ने जिला विजिलेंस ब्यूरो को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसकी दादालाई जमीन का इंतकाल दर्ज करने के लिए रतिया तहसील कार्यालय में तैनात रजिस्ट्री क्लर्क बलविंदर सिंह ने 29 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, बातचीत के बाद कथित रिश्वत की रकम घटाकर 4 हजार रुपये तय की गई। इसके बाद उसने मामले की जानकारी विजिलेंस अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की तैयारी की।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई की योजना बनाई। इसके तहत ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई और मंगलवार को रतिया तहसील कार्यालय में टीम पहुंची। शिकायतकर्ता की ओर से कथित तौर पर तय रकम सौंपे जाने के बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए क्लर्क को पकड़ लिया।
टीम आरोपी को अपने साथ ले गई। कार्रवाई के दौरान मामले से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया जारी
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी क्लर्क से पूछताछ करने और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने में जुटी रही। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी से जुड़ी शिकायतों पर विजिलेंस की कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, इस मामले में क्लर्क पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
Akhil Mahajan