हरियाणा में पूर्व BJP जिलाध्यक्ष की बेटी का JE प्रमोशन रद्द, फर्जी डिप्लोमा मिलने पर क्लर्क पद पर लौटेंगी पिंकी यादव

नारनौल में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दयाराम यादव की बेटी पिंकी यादव का JE प्रमोशन रद्द हुआ। अरनी यूनिवर्सिटी ने डिप्लोमा फर्जी बताया, अब क्लर्क पद पर लौटेंगी।

हरियाणा में पूर्व BJP जिलाध्यक्ष की बेटी का JE प्रमोशन रद्द, फर्जी डिप्लोमा मिलने पर क्लर्क पद पर लौटेंगी पिंकी यादव

पूर्व BJP जिलाध्यक्ष दयाराम यादव की बेटी पिंकी यादव का JE पद पर प्रमोशन रद्द

➤ अरनी यूनिवर्सिटी ने सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा को बताया फर्जी, विभाग ने मांगा था स्पष्टीकरण

➤ क्लर्क पद पर लौटेंगी पिंकी यादव, JE के रूप में मिले अतिरिक्त वेतन की भी होगी गणना

नारनौल। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष दयाराम यादव की बेटी पिंकी यादव का जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) में जूनियर इंजीनियर (JE) के पद पर हुआ प्रमोशन रद्द कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश की अरनी यूनिवर्सिटी से प्राप्त सिविल इंजीनियरिंग के डिप्लोमा के सत्यापन के दौरान उसे फर्जी बताए जाने के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है। अब पिंकी यादव को वापस अपने मूल क्लर्क पद पर ड्यूटी जॉइन करनी होगी।

पिंकी यादव को 10 सितंबर 2025 को क्लर्क से JE (सिविल) के पद पर प्रमोशन मिला था। उन्होंने 11 सितंबर को नए पद पर कार्यभार संभाल लिया था। हालांकि, उनके डिप्लोमा को लेकर शिकायत मिलने के बाद विभाग ने विश्वविद्यालय से प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया। विश्वविद्यालय की ओर से डिप्लोमा फर्जी होने की जानकारी दिए जाने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू की।

चीफ इंजीनियर ने 10 अक्टूबर को पिंकी यादव का प्रमोशन रद्द करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही उन्हें नारनौल में ही अपने मूल क्लर्क पद पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग अब यह भी हिसाब लगा रहा है कि JE के पद पर रहते हुए उन्हें क्लर्क के मुकाबले कितना अतिरिक्त वेतन और भत्ता मिला। नियमानुसार तय होने वाली अतिरिक्त राशि की वसूली या वेतन से समायोजन किया जा सकता है।

दूसरी ओर, पिंकी यादव के पिता और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दयाराम यादव ने अपनी बेटी का बचाव किया है। उनका कहना है कि बेटी के प्रमाणपत्र सही हैं और विभाग ने जल्दबाजी में निर्णय लिया है। उन्होंने इस मामले की दोबारा जांच कराने की बात कही है।

2020 में क्लर्क के पद पर हुई थी भर्ती, 2025 में मिला प्रमोशन

पिंकी यादव की नियुक्ति वर्ष 2020 में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में क्लर्क के पद पर हुई थी। वह सितंबर 2025 तक इसी पद पर काम कर रही थीं। इसके बाद सिविल इंजीनियरिंग के डिप्लोमा के आधार पर उन्हें JE (सिविल) के पद पर प्रमोशन दिया गया।

10 सितंबर 2025 को प्रमोशन का आदेश जारी हुआ और 11 सितंबर को उन्होंने JE के पद पर कार्यभार संभाल लिया। इसके बाद वह नारनौल में जूनियर इंजीनियर के तौर पर काम कर रही थीं।

प्रमोशन के बाद उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को लेकर शिकायत सामने आई। शिकायत में सिविल इंजीनियरिंग के डिप्लोमा की वैधता पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद विभाग ने मामले की जांच के लिए संबंधित विश्वविद्यालय से संपर्क किया।

अरनी यूनिवर्सिटी ने सत्यापन में डिप्लोमा को बताया फर्जी

शिकायत मिलने के बाद विभाग ने हिमाचल प्रदेश के इंदौरा स्थित अरनी यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर पिंकी यादव के सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा का सत्यापन करने को कहा। विश्वविद्यालय ने 28 जुलाई को पत्र भेजकर डिप्लोमा को फर्जी बताया।

विश्वविद्यालय से जवाब मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। चीफ इंजीनियर ने 19 अगस्त को पिंकी यादव को पत्र जारी कर अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था।

विभागीय जानकारी के मुताबिक, पिंकी यादव की ओर से इस संबंध में जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद चीफ इंजीनियर ने प्रमोशन रद्द करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई और 10 अक्टूबर को आदेश जारी कर दिया।

नारनौल में क्लर्क पद पर लौटने के आदेश

प्रमोशन रद्द होने के बाद पिंकी यादव को उनके मूल पद पर वापस भेजा जा रहा है। आदेश के अनुसार, उन्हें नारनौल में ही क्लर्क के पद पर दोबारा ड्यूटी जॉइन करनी होगी।

विभाग ने इस कार्रवाई के साथ प्रमोशन के आधार पर मिले अतिरिक्त वेतन और भत्तों की गणना करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। नारनौल डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को इस संबंध में वेतन का पूरा ब्योरा तैयार करना है।

विभाग यह पता लगाएगा कि पिंकी यादव को 10 सितंबर 2025 से JE के पद पर रहते हुए कुल कितना वेतन और अलाउंस दिया गया। इसके बाद क्लर्क के पद पर मिलने वाले वेतन से तुलना कर अतिरिक्त भुगतान की रकम तय की जाएगी।

अतिरिक्त वेतन की होगी गणना, वसूली या समायोजन संभव

पिंकी यादव का प्रमोशन रद्द होने के बाद विभाग की ओर से वेतन संबंधी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके तहत निम्न प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

  • अतिरिक्त वेतन का ब्योरा: नारनौल डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर 10 सितंबर 2025 से JE के रूप में मिले वेतन और भत्तों का हिसाब तैयार करेंगे।

  • वेतन का अंतर निकलेगा: क्लर्क पद पर मिलने वाले वेतन की तुलना JE पद के वेतन से की जाएगी। इससे अतिरिक्त भुगतान की राशि निर्धारित होगी।

  • राशि की वसूली या समायोजन: नियमानुसार तय अतिरिक्त रकम की वसूली की जाएगी या भविष्य में मिलने वाले वेतन से उसका समायोजन किया जाएगा।

  • दूसरे कर्मचारियों के प्रमोशन पर असर नहीं: विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसी आदेश के साथ प्रमोट हुए अन्य अधिकारियों के प्रमोशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे अपने पदों पर बने रहेंगे।

  • मुख्यालय को भेजनी होगी रिपोर्ट: संबंधित अधिकारियों को 9 अक्टूबर 2026 के आदेश का तत्काल अनुपालन कर विभागीय मुख्यालय को रिपोर्ट भेजनी होगी।

दयाराम यादव ने बेटी का किया बचाव, दोबारा जांच की मांग

पिंकी यादव के पिता दयाराम यादव ने विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी के प्रमाणपत्र पूरी तरह सही हैं और प्रमोशन रद्द करने का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है।

दयाराम यादव के मुताबिक, इस मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी। उनका मानना है कि नए सिरे से जांच होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल विभाग ने विश्वविद्यालय से मिले सत्यापन और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर प्रमोशन रद्द करने का आदेश जारी किया है। मामले में दयाराम यादव की ओर से उठाए गए सवालों और दोबारा जांच की मांग पर आगे क्या निर्णय होता है, इस पर नजर रहेगी।

सरपंच से शुरू हुआ था दयाराम यादव का राजनीतिक सफर

पिंकी यादव के पिता दयाराम यादव भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत गांव बिगोपुर के सरपंच के रूप में की थी। इसके बाद वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

दयाराम यादव ने नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली। इसके बाद वह भाजपा किसान मोर्चा में सक्रिय रहे और संगठन में अपनी भूमिका निभाते रहे।

वर्ष 2021 में उन्हें पार्टी का जिला महामंत्री बनाया गया। इसके बाद 2022 में उन्होंने जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी वह भाजपा के जिलाध्यक्ष थे।

हालांकि, विधानसभा चुनाव के समय पार्टी ने उनकी जगह यतेंद्र राव को नया जिलाध्यक्ष बना दिया। इसके बाद से दयाराम यादव के पास संगठन में कोई आधिकारिक पद नहीं है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के करीबी माने जाते हैं दयाराम यादव

संगठन में फिलहाल कोई आधिकारिक पद नहीं होने के बावजूद दयाराम यादव की राजनीतिक सक्रियता बनी हुई है। उन्हें हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का करीबी माना जाता है। बताया जाता है कि वह उनके साथ मिलकर पार्टी से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहते हैं।

पिंकी यादव के प्रमोशन से जुड़े मामले के सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई और दयाराम यादव की प्रतिक्रिया चर्चा में है। एक ओर विभाग ने विश्वविद्यालय के सत्यापन के आधार पर प्रमोशन रद्द कर मूल पद पर लौटने के आदेश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर उनके पिता ने प्रमाणपत्रों को सही बताते हुए दोबारा जांच की मांग की है।

फिलहाल पिंकी यादव को क्लर्क के पद पर लौटना होगा और JE के रूप में मिले अतिरिक्त वेतन की गणना के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।