हिमाचल के लाहौल की DC किरण भड़ाना के पिता अतर सिंह भड़ाना की ह*त्या

हरियाणा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या में खनन साइट के रास्ते का विवाद सामने आया। परिवार ने 35 से 40 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई।

हिमाचल के लाहौल की DC किरण भड़ाना के पिता अतर सिंह भड़ाना की ह*त्या

खनन साइट के रास्ते को लेकर चार साल से चल रहा था विवाद, दो महीने पहले हाईकोर्ट ने अतर सिंह भड़ाना के पक्ष में दिया था फैसला

➤ परिवार का आरोप- वारदात से पहले बिजली की लाइन काटी, फिर 30-40 हमलावरों ने किया पथराव

➤ फरीदाबाद के पाली गांव में हुआ अंतिम संस्कार, बेटा अर्जुन भड़ाना ने दी मुखाग्नि

हरियाणा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की राजस्थान में हुई हत्या के मामले में खनन साइट के रास्ते को लेकर चल रहे पुराने विवाद की बात सामने आई है। परिवार की शिकायत के मुताबिक, गांव रायपुर और भौंड़ा के बीच से होकर गुजरने वाले खनन साइट के रास्ते को लेकर करीब चार साल से विवाद चल रहा था। दो महीने पहले हाईकोर्ट ने अतर सिंह भड़ाना के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद इस रास्ते से पत्थर निकालने पर रोक लगा दी गई थी। परिवार का आरोप है कि इसी विवाद के चलते तनाव बढ़ता गया और आखिरकार अतर सिंह की हत्या कर दी गई।

पुलिस के मुताबिक, पूर्व विधायक के शव का पोस्टमॉर्टम करीब दो घंटे तक चला। शुरुआती जांच में सिर पर किसी भारी वस्तु से चोट लगने के निशान मिले। उनके हाथ-पैर टूटे हुए थे और शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें थीं। परिवार की ओर से इस मामले में 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करवाई गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिवार के अनुसार, वारदात से चार दिन पहले अतर सिंह भड़ाना अपने पैतृक गांव फरीदाबाद के पाली में आए थे। वह पूरे परिवार के साथ राधा स्वामी सत्संग में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें राजस्थान स्थित क्रेशर खनन साइट पर कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच झगड़े की जानकारी मिली। इसके बाद वह परिवार के साथ राजस्थान लौट गए और मामले को सुलझा दिया था। अब परिवार ने इसी विवाद को हत्या की वजह बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

सोमवार शाम को पोस्टमॉर्टम के बाद अतर सिंह भड़ाना का उनके पैतृक गांव पाली में अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे अर्जुन भड़ाना ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित नागर और कई अन्य लोग मौजूद रहे।

खनन साइट के रास्ते को लेकर चार साल से चल रहा था विवाद

परिवार के सदस्य अजब सिंह ने राजस्थान पुलिस को बताया कि गांव रायपुर और भौंड़ा के बीच से खनन साइट तक जाने का रास्ता निकलता है। इसी रास्ते को लेकर करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीण पहले इस रास्ते से कथित तौर पर अवैध तरीके से पत्थर निकालते थे।

परिवार के मुताबिक, दो महीने पहले हाईकोर्ट ने अतर सिंह भड़ाना के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद पूर्व विधायक ने इस रास्ते से पत्थर निकालने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। परिवार का आरोप है कि इस फैसले के बाद विवाद और गहरा गया था। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

दो दिन पहले भी हुआ था झगड़ा, कर्मचारी के साथ मारपीट का आरोप

परिवार के सदस्य अजब सिंह ने बताया कि वारदात से दो दिन पहले भी क्रेशर चालू करने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि लेबर के एक कर्मचारी का ग्रामीणों से झगड़ा हो गया था। दुकान से सामान लाने के दौरान कर्मचारी के साथ मारपीट भी की गई थी।

इस घटना के बाद से खनन साइट पर तनाव बना हुआ था। परिवार का कहना है कि इससे पहले हुए झगड़े की शिकायत भी पुलिस को दी गई थी। इसके बावजूद विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ और कुछ समय बाद अतर सिंह भड़ाना पर हमला कर दिया गया।

पहले बिजली की लाइन काटी, फिर पथराव करने का आरोप

परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, रविवार शाम करीब 7 बजे वारदात को अंजाम दिया गया। अजब सिंह ने बताया कि हमलावरों ने हमला करने से पहले बिजली की लाइन काट दी थी। इससे घटनास्थल पर अंधेरा हो गया और अतर सिंह को अपना बचाव करने का मौका नहीं मिल पाया।

परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने जमकर पथराव किया। घटना के समय अतर सिंह के साथ केवल उनके ड्राइवर गगन शर्मा मौजूद थे, जबकि हमलावरों की संख्या 30 से 40 बताई गई है। हमले में अतर सिंह को गंभीर चोटें आईं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों तथा साक्ष्यों के आधार पर होगी।

पत्नी कमलेश का आरोप- पुलिस और प्रशासन को रोज दी सूचना, कार्रवाई नहीं हुई

पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्रेशर लीज का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था और वाटर पंप भी खराब कर दिया गया था। इसके अलावा, लीज पर जाने वाले लोगों को भी वहां से भगा दिया जाता था।

कमलेश के मुताबिक, इन घटनाओं के बारे में पुलिस और प्रशासन को रोजाना सूचना दी जाती थी। उनका आरोप है कि बार-बार जानकारी देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते विवाद पर ध्यान दिया जाता, तो स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती थी। इन आरोपों पर पुलिस और प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।

35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज

नदबई थाना अधिकारी अरुण चौधरी ने बताया कि अतर सिंह भड़ाना के परिजनों की शिकायत पर 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व विधायक के सिर में गंभीर चोटें थीं और शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं।

थाना अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच वैर थाना अधिकारी कर रहे हैं। पुलिस की जांच में घटना की परिस्थितियों, हमले में शामिल लोगों और विवाद से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

24 साल की उम्र में पहली बार बने थे सरपंच

अतर सिंह भड़ाना का राजनीतिक और सामाजिक जीवन भी काफी सक्रिय रहा। उनके अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित नागर और अन्य लोगों ने उन्हें याद किया।

बताया गया कि अतर सिंह वर्ष 1982 में महज 24 साल की उम्र में निर्विरोध सरपंच चुने गए थे। इसके बाद वर्ष 1994 में उन्होंने चुनाव जीतकर दूसरी बार सरपंच का पद संभाला। उनके पिता बुध सिंह भड़ाना भी गांव के सरपंच रहे थे। उनके पिता के नाम पर गांव में छह एकड़ में स्टेडियम बनाया गया है।

फरीदाबाद से राजस्थान तक फैलाया क्रेशर का कारोबार

राजस्थान में कारोबार शुरू करने से पहले अतर सिंह भड़ाना फरीदाबाद में क्रेशर चलाते थे। करीब 30 साल पहले उन्होंने राजस्थान में क्रेशर प्लांट का काम शुरू किया। कुछ समय बाद वह परिवार के साथ राजस्थान चले गए, लेकिन अपने पैतृक गांव से उनका जुड़ाव बना रहा।

गांव में होने वाली शादियों और अन्य कार्यक्रमों में वह लगातार आते-जाते रहते थे। वर्तमान में वह राजस्थान के भरतपुर जिले की बयाना विधानसभा क्षेत्र के गांव शेरगढ़ में बने फार्महाउस पर अपने परिवार के साथ रह रहे थे। परिवार के अनुसार, गांव और कारोबार से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता बनी हुई थी।

बेटा वकील और बेटी किरण भड़ाना IAS

अतर सिंह भड़ाना के परिवार में एक बेटा और चार बेटियां हैं। उनके बेटे अर्जुन भड़ाना पेशे से वकील हैं। उनकी बेटी किरण भड़ाना IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में नियुक्त हैं।

अतर सिंह के दो छोटे भाई भी हैं। इनमें बीर सिंह भड़ाना पायलट रहे हैं, जबकि फतेह सिंह राष्ट्रीय स्तर के एथलीट रहे हैं। अतर सिंह खुद भी अपने समय के अच्छे एथलीट माने जाते थे। खेल और राजनीति के क्षेत्र में उनकी पहचान रही।

हरियाणा और राजस्थान की राजनीति में थी अच्छी पकड़

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने अतर सिंह भड़ाना को याद करते हुए बताया कि उनकी हरियाणा और राजस्थान, दोनों राज्यों की राजनीति में अच्छी पकड़ थी। फरीदाबाद के मौजूदा केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर उनके करीबी दोस्तों में शामिल थे।

इसके अलावा, पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना, पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना, मंत्री विपुल गोयल और मंत्री राजेश नागर सहित दूसरे जिलों के कई नेताओं के साथ भी उनके अच्छे संबंध थे। उनके अंतिम संस्कार में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही।

अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद परिवार ने पुराने खनन विवाद, कथित मारपीट और पहले दी गई शिकायतों को लेकर सवाल उठाए हैं। फिलहाल पुलिस ने 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले में हत्या की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका को लेकर आगे की जानकारी जांच और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगी।