पानीपत में आधी रात को जैन मुनि से मिलने पहुंचे CM नायब सैनी, अपने हाथों से खुलवाया व्रत
पानीपत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार देर रात जैन स्थानक पहुंचे और जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज का अभिग्रह पूरा कराया। मुनि मुख्यमंत्री की प्रतीक्षा कर रहे थे।
➤ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार रात करीब 12 बजे गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक पहुंचे
➤ जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज ने मुख्यमंत्री के आने तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करने का लिया था संकल्प
➤ 9 अक्टूबर को कार्यक्रम रद्द होने के बाद जारी था व्रत, मुख्यमंत्री के पहुंचने पर पूरा हुआ अभिग्रह
पानीपत। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार देर रात करीब 12 बजे पानीपत की गांधी मंडी स्थित एसएस जैन सभा के जैन स्थानक पहुंचे। यहां उन्होंने जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज से मुलाकात की और अपने हाथों से उनका अभिग्रह खुलवाया। मुनि ने संकल्प लिया था कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं उनसे मिलने नहीं आएंगे, तब तक वे अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे और अपना व्रत नहीं खोलेंगे। 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री का अभिग्रह महोत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम रद्द हो जाने के बाद मुनि उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे। सोमवार देर रात मुख्यमंत्री के पहुंचने के साथ ही उनका संकल्प पूरा हुआ।
मुख्यमंत्री के आने तक जारी रखा व्रत
एसएस जैन सभा की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार, डॉ. राजेश मुनि महाराज ने 8 अक्टूबर को अभिग्रह लिया था। 9 अक्टूबर को अभिग्रह पूरा होने पर उनके पारणे का कार्यक्रम निर्धारित था। मुख्यमंत्री के आने की सूचना के आधार पर मुनि ने उनके हाथों आहार ग्रहण करके अपना संकल्प पूरा करने का निर्णय लिया था।
हालांकि, 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम ऐन मौके पर रद्द हो गया। इसके बाद मुनि ने अपना उपवास जारी रखा और मुख्यमंत्री के आने तक पारणा नहीं करने का फैसला किया। वह मुख्यमंत्री से मुलाकात होने और उनके हाथों आहार ग्रहण करने की प्रतीक्षा करते रहे।
जैन समाज ने पत्र लिखकर दोबारा बुलाया
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने के बाद जैन समाज की ओर से उन्हें दोबारा आमंत्रित करने के लिए पत्र लिखा गया था। इसमें मुख्यमंत्री से गांधी मंडी स्थित एसएस जैन सभा के जैन स्थानक पहुंचने और मुनि का संकल्प पूरा कराने का आग्रह किया गया था।
इसके बाद सोमवार देर रात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जैन स्थानक पहुंचे। उन्होंने डॉ. राजेश महाराज से मुलाकात की और अपने हाथों से उनका व्रत खुलवाया। इस तरह कई दिनों से मुख्यमंत्री की प्रतीक्षा कर रहे मुनि का अभिग्रह पूरा हुआ।
27 साल की उम्र में ली थी दीक्षा
52 वर्षीय डॉ. राजेश महाराज ने 27 साल की उम्र में दीक्षा ली थी। उनके अनुसार, वह करीब 20 वर्षों में 2,500 अभिग्रह पूरे कर चुके हैं। जैन धर्म में किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए कठिन नियमों का पालन करते हुए संकल्प लेना अभिग्रह कहलाता है। जैन मुनियों के जीवन में तपस्या, संयम और साधना का विशेष महत्व माना जाता है।
डॉ. राजेश महाराज की साधना और अभिग्रह का यह प्रसंग जैन समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री के आने तक व्रत जारी रखने का उनका निर्णय और उसके पूरा होने की घटना इस मुलाकात का प्रमुख पहलू रही।
पांच विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा
डॉ. राजेश महाराज पांच विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा भी करते हैं। उनके अनुसार, वह अब तक 3,500 से अधिक पेंटिंग और ड्राइंग बना चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने पानीपत में 20,870 लोगों से नशामुक्ति के संकल्प पत्र भरवाने की जानकारी भी दी है।
मुख्यमंत्री के देर रात जैन स्थानक पहुंचने और मुनि का अभिग्रह पूरा कराने की यह घटना धार्मिक आस्था, तपस्या और संकल्प से जुड़ी रही। मुनि ने मुख्यमंत्री के आने तक पारणा नहीं करने का निर्णय लिया था, जिसे सोमवार देर रात उनकी मुलाकात के बाद पूरा किया गया।
Akhil Mahajan