पानीपत अस्पताल में हंगामा,मरीज की मौ*त, परिजनों ने उठाए सवाल

पानीपत के मॉडल टाउन स्थित निजी अस्पताल में सुनील कुमार की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया और CCTV फुटेज दिखाने की मांग की।

पानीपत अस्पताल में हंगामा,मरीज की मौ*त, परिजनों ने उठाए सवाल

पानीपत के मॉडल टाउन स्थित निजी अस्पताल में 43 वर्षीय मरीज की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा

➤ परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर घटना के समय की CCTV फुटेज दिखाने की मांग की

➤ अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट ने आरोपों को नकारा, कहा- मरीज को दोबारा अटैक आया था

पानीपत। पानीपत के मॉडल टाउन स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती 43 वर्षीय मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने और मरीज की हालत के बारे में पूरी जानकारी नहीं देने के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने मरीज की तबीयत बिगड़ने और डॉक्टरों के उसके पास पहुंचने के समय की CCTV फुटेज दिखाने की मांग की, तो अस्पताल प्रबंधन ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।

वहीं, अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमन अरोड़ा ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। उनका कहना है कि मरीज को समालखा से गंभीर हालत में रेफर किया गया था। डॉक्टरों ने उसे काफी हद तक रिकवर किया, लेकिन बाद में उसे दोबारा अटैक आया और उसकी मौत हो गई।

ड्यूटी के दौरान सीने में उठा था तेज दर्द

मृतक की पहचान सुनील कुमार (43 वर्ष) के रूप में हुई है। वह करनाल जिले के गांव बाजिदा जाटान का निवासी था और पानीपत की एक निजी कंपनी में काम करता था। सुनील चार बच्चों का पिता था, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा है।

परिजनों के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को ड्यूटी के दौरान दोपहर करीब 3:00 बजे सुनील के सीने में अचानक तेज दर्द उठा। उसकी हालत को देखते हुए साथी कर्मचारी उसे तुरंत पानीपत के मॉडल टाउन स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे हार्ट अटैक आने की जानकारी दी और स्टेंट डालने की बात कहकर इलाज शुरू किया। परिजनों के मुताबिक, शाम करीब 7:00 बजे तक मरीज को स्टेंट डाल दिए गए। इसके बाद परिवार को उम्मीद थी कि उसकी हालत में सुधार होगा।

रात 11 बजे परिजनों से हुई थी मुलाकात

मृतक के भाई और अन्य परिजनों ने बताया कि रात करीब 11:00 बजे वे अस्पताल में भर्ती सुनील से मिलने पहुंचे थे। उस समय सुनील ने खुद परिजनों से कहा था कि वह पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहा है और अब ठीक है।

परिजनों के मुताबिक, सुनील की बात सुनकर उन्हें राहत मिली थी। उन्हें उम्मीद थी कि मरीज धीरे-धीरे स्वस्थ हो जाएगा। लेकिन कुछ घंटे बाद ही स्थिति बदल गई।

परिजनों का कहना है कि रात करीब 2:00 बजे डॉक्टरों ने अचानक उन्हें सूचना दी कि इलाज के दौरान सुनील की मौत हो गई है। कुछ समय पहले मरीज के बेहतर महसूस करने की बात कहने और फिर अचानक मौत की सूचना मिलने से परिवार को संदेह हुआ।

डॉक्टरों ने बताया- दोबारा आया था साइलेंट अटैक

अस्पताल के डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि सुनील को दोबारा साइलेंट अटैक आया था। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज के ब्रेन ने भी काम करना बंद कर दिया था। अस्पताल की ओर से दी गई इस जानकारी के बाद परिजनों ने इलाज के दौरान हुई घटनाओं को लेकर सवाल उठाए।

परिजनों ने मांग की कि जिस समय मरीज की तबीयत दोबारा बिगड़ी और डॉक्टर उसके पास पहुंचे, उस समय की CCTV फुटेज उन्हें दिखाई जाए। उनका कहना था कि फुटेज देखने से घटनाक्रम को समझने में मदद मिलेगी और यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की हालत बिगड़ने पर क्या हुआ था।

आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को CCTV फुटेज दिखाने से साफ इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर परिवार के सदस्यों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।

अस्पताल ने लापरवाही के आरोपों को नकारा

रविंद्रा अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमन अरोड़ा ने कहा कि सुनील कुमार को समालखा से रेफर करके अस्पताल लाया गया था। उन्होंने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी, इसके बावजूद इलाज के दौरान उसे काफी हद तक रिकवर किया गया।

डॉ. अमन अरोड़ा के अनुसार, मरीज को बाद में दोबारा अटैक आया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल की ओर से इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।

इस तरह मामले में एक ओर परिजन इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रबंधन इन आरोपों को खारिज कर रहा है। CCTV फुटेज को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद सामने आया है।

पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग

घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। परिजन चाहते हैं कि मरीज की तबीयत बिगड़ने से लेकर उसकी मौत तक के घटनाक्रम की जांच की जाए और CCTV फुटेज से जुड़े उनके सवालों का जवाब मिले।

फिलहाल परिजनों की ओर से इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं, जबकि अस्पताल ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। मामले में मौत के वास्तविक कारण और इलाज के दौरान हुई घटनाओं को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।