PM मोदी, ज्ञानेश कुमार और अमित शाह को छोड़ेंगे नहीं: राहुल गांधी

इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। पीयूष गोयल ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सरकार का पक्ष रखा।

PM मोदी, ज्ञानेश कुमार और अमित शाह को छोड़ेंगे नहीं: राहुल गांधी

➤ राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को इंडिया गठबंधन का मिशन बताया

➤ राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक, आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा

➤ दिल्ली पुलिस ने करीब 500 सोशल मीडिया पोस्ट हटाए और लगभग 100 हैंडल बंद किए जाने की जानकारी दी


नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को आगे की रणनीति पर चर्चा की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की चाय पर बैठक हुई। इसके बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष एकजुट है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा उनकी प्रमुख मांग है। उन्होंने वोट चोरी के आरोपों को लेकर जिम्मेदार लोगों का हिसाब करने की बात भी कही। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं, बिहार के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष हर कुर्बानी देने के लिए तैयार है और आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर सत्ता पक्ष की ओर से भी जवाब दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव प्रक्रिया, संवैधानिक संस्थाओं और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।

राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा ही हमारा मिशन

इंडिया गठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के संघर्ष में विपक्षी दल साथ हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को अपना मिशन बताया और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग की।

राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान जताते हुए जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के फैसले पर भी सवाल उठाए।

राहुल गांधी के आवास पर हुई चाय पर चर्चा

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को अपने आवास पर आमंत्रित किया था। बैठक में आगे के कार्यक्रमों और आंदोलन की दिशा पर चर्चा हुई।

बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हुईं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, गठबंधन के सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने और आगे की रणनीति तय करना था।

सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, नवरात्र और दुर्गापूजा के दौरान सड़कों पर प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।

तेजस्वी यादव बोले- विपक्ष हर कुर्बानी देने को तैयार

बैठक और विरोध प्रदर्शन के बीच तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।

समाजवादी पार्टी ने भी इंडिया गठबंधन के साथ खड़े रहने की बात कही। वहीं, शिवसेना नेता संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखी टिप्पणी की। उनके बयान गठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आए।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सत्ता पक्ष का जवाब

विपक्ष के आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने चुनाव आयोग को देशहित और जनहित में स्वतंत्र रूप से काम करने की स्वायत्तता दी है।

पीयूष गोयल ने राहुल गांधी से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के साथ कांग्रेस के पिछले रिकॉर्ड पर भी सवाल करने की बात कही। इस तरह चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट पर की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच करीब 500 सोशल मीडिया पोस्ट हटाए गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन पोस्ट के जरिए कथित तौर पर अफवाह फैलाने और लोगों के बीच अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही थी। इसके अलावा करीब 100 सोशल मीडिया हैंडल भी बंद किए जाने की जानकारी सामने आई।

पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक जानकारी और अफवाहों पर नजर रख रही है। हालांकि, हटाए गए पोस्ट और बंद किए गए हैंडल के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने पर ही कार्रवाई के सभी पहलुओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन जारी रखने की बात कही

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी आंदोलन में साथ हैं और आगे की रणनीति पर मिलकर फैसला किया जाएगा। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखने पर जोर दिया।

कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भी दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी और केंद्र सरकार की आलोचना की। वहीं, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर पार्टी अपना अभियान जारी रखेगी।

आगे की रणनीति पर रहेगी नजर

इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद अब सभी की नजर विपक्ष के अगले कदमों पर है। गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठा रहे हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से चुनाव आयोग की स्वायत्तता का बचाव किया गया है।

फिलहाल, यह राजनीतिक विवाद आरोपों, जवाबों और विरोध प्रदर्शनों के बीच आगे बढ़ रहा है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित तथ्यों और सक्षम संस्थाओं की जांच के आधार पर ही की जा सकती है।