Video: फेसबुक लाइव करते हुए मेडिकल स्‍टोर पहुंचा सोशल एक्टिविस्‍ट, बोला मत बेचो नशा तो गुस्‍साए संचालक ने तीन गोलियां मारकर कर दी हत्‍या

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया। पुलिस आरोपी की तलाश और घटना से जुड़े विवाद की जांच कर रही है।

Video: फेसबुक लाइव करते हुए मेडिकल स्‍टोर पहुंचा सोशल एक्टिविस्‍ट, बोला मत बेचो नशा तो  गुस्‍साए संचालक ने तीन गोलियां मारकर कर दी हत्‍या

➤ मानसा में फेसबुक लाइव के दौरान मेडिकल स्टोर पर पहुंचे परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने का आरोप

➤ घटना में झोटा के चार साथियों को भी गोली लगने की खबर, समर्थकों ने आरोपी की दुकान में तोड़फोड़ की

➤ पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी, घटना के बाद समर्थकों ने मानसा बंद करने और अंतिम संस्कार नहीं करने का ऐलान किया


पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक्टिविस्‍ट झोटा फेसबुक लाइव करते हुए एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। उनका आरोप था कि दुकान पर दवाओं की आड़ में नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं। इसी बात को लेकर उनकी मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी से बहस हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान अश्विनी ने झोटा पर तीन गोलियां चला दीं। घटना में उनके चार साथियों को भी गोली लगने की जानकारी दी गई है।

घटना के बाद झोटा के साथी उन्हें अस्पताल ले जाने लगे तो आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक पिस्तौल लेकर उनके पीछे दौड़ा। बाद में वह दुकान बंद करके फरार हो गया। घटना की जानकारी फैलने के बाद मृतक के परिजन और समर्थक मानसा के सिविल अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए। गुस्साए समर्थकों ने आरोपी की दुकान में तोड़फोड़ की। अस्पताल परिसर में पुलिस और समर्थकों के बीच हाथापाई होने की भी खबर है।

2023 से चल रही थी पुरानी रंजिश, पुलिस कर रही जांच

समाचार विवरण के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि वर्ष 2023 में परविंदर सिंह झोटा ने नशा बेचने के आरोप में इसी मेडिकल स्टोर संचालक को जूतों की माला पहनाकर घुमाया था। इसी घटना के बाद दोनों के बीच रंजिश होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पुराने विवाद और मंगलवार को हुई गोलीबारी के बीच संबंध की जांच कर रही है।

मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी के अनुसार, आरोपी की तलाश की जा रही है और उसके परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, घटना के बाद समर्थकों ने मानसा शहर बंद करने का ऐलान किया और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। समर्थक शव सौंपने की मांग कर रहे थे, जबकि पुलिस ने शव नहीं सौंपा।

घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल

इस घटना के बाद पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई और नशीली दवाओं की आपूर्ति को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। खबर के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है।

इससे पहले 30 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जालंधर में एक रैली के दौरान पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा तय करने की घोषणा की थी। इसके 13 दिन बाद एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या की यह घटना सामने आई है।

पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर क्या हैं आंकड़े

उपलब्ध समाचार सामग्री में एम्स और पंजाब सरकार के आर्थिक सर्वेक्षणों के अनुमानों के हवाले से बताया गया है कि पंजाब में हर साल करीब 7,500 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों की खपत होती है। इसमें लगभग 6,500 करोड़ रुपये अकेले हेरोइन यानी चिट्टे पर खर्च होने का अनुमान दिया गया है।

समाचार में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट के हवाले से यह भी कहा गया है कि देश में जब्त की जाने वाली हेरोइन का 58 प्रतिशत हिस्सा पंजाब से पकड़े जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में पंजाब में 2,086 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई थी।

पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के संबंध में दी गई जानकारी के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच नशा तस्करों की 2,730 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क और जब्त की गईं।

पंजाब में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के बताए गए तीन रास्ते

1. अंतरराष्ट्रीय सीमा से तस्करी। समाचार सामग्री के अनुसार, हेरोइन की आपूर्ति का एक प्रमुख रास्ता पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा है। इसमें अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान वाले क्षेत्र से जुड़े तस्करी नेटवर्क का उल्लेख किया गया है। सीमा पार से नशीले पदार्थ भेजने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल में वृद्धि का भी दावा किया गया है।

2. दवाओं के जरिए नशे की आपूर्ति। रिपोर्ट में ट्रामाडोल, एल्प्राजोलम और कोडीन सिरप जैसी दवाओं के अवैध इस्तेमाल और तस्करी का उल्लेख है। सामग्री के अनुसार, ऐसी दवाओं की खेप हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कुछ अवैध या नियमों का पालन नहीं करने वाले मेडिकल नेटवर्क के माध्यम से पंजाब पहुंचने की बात कही गई है।

3. अन्य राज्यों से पारंपरिक नशीले पदार्थों की तस्करी। समाचार में अफीम और भुक्की जैसे पदार्थों की आपूर्ति के लिए मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों से पंजाब तक अवैध नेटवर्क के इस्तेमाल का उल्लेख किया गया है।

फिलहाल मानसा में गोलीबारी की घटना की जांच और आरोपी की तलाश से जुड़ी आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण है। घटना के पीछे पुरानी रंजिश की भूमिका, गोलीबारी की परिस्थितियों और अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।