राहुल-दीपेंद्र का VIDEO वायरल, ट्रक से उतारने के दावे पर कांग्रेस की सफाई
दिल्ली मार्च के दौरान राहुल गांधी और दीपेंद्र हुड्डा का वीडियो वायरल हुआ। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दीपेंद्र को भीड़ संभालने के लिए नीचे भेजा गया था।
राहुल गांधी और दीपेंद्र हुड्डा का वीडियो वायरल, ट्रक से नीचे उतारने के दावे पर कांग्रेस नेताओं ने दी सफाई
➤ वर्धन राव बोले- भीड़ संभालने और कार्यकर्ताओं को बैठाने की जिम्मेदारी देकर नीचे भेजा था
➤ जस्सी पेटवाड़ का दावा- बैरिकेडिंग के नीचे दबे कार्यकर्ताओं की मदद के लिए राहुल-प्रियंका भी नीचे उतरे
गुरुग्राम। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को हुए इंडी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी ने दीपेंद्र हुड्डा को ट्रक से नीचे उतार दिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस और हुड्डा परिवार को लेकर सवाल उठाए जाने लगे। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इस दावे को खारिज करते हुए सफाई दी है। गुरुग्राम के कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष और राहुल गांधी की टीम के सदस्य वर्धन राव ने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा को जबरन नीचे नहीं उतारा गया, बल्कि उन्हें भीड़ को संभालने और कार्यकर्ताओं को बैठाने की जिम्मेदारी देकर नीचे भेजा गया था। वहीं, नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने दावा किया कि बैरिकेडिंग गिरने से कुछ कार्यकर्ता उसके नीचे दब गए थे। उनकी मदद के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी नीचे उतरे थे।
वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने दी सफाई
सोमवार को दिल्ली में हुए मार्च के दौरान राहुल गांधी और दीपेंद्र हुड्डा का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो के आधार पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि राहुल गांधी ने दीपेंद्र हुड्डा को ट्रक से नीचे उतार दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस और हुड्डा परिवार को निशाना बनाया जाने लगा।
मामले ने उस समय राजनीतिक तूल पकड़ लिया, जब भाजपा नेताओं और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी इस वीडियो को लेकर पोस्ट साझा की गईं। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने सामने आकर घटना का अपना पक्ष रखा और वीडियो को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया।
वर्धन राव बोले- दीपेंद्र हुड्डा को भीड़ संभालने के लिए नीचे भेजा
गुरुग्राम के कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष और राहुल गांधी की टीम के सदस्य वर्धन राव ने वायरल वीडियो को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह खुद रथ पर राहुल गांधी के सामने खड़े थे और पूरी घटना के चश्मदीद हैं।
वर्धन राव के अनुसार, राहुल गांधी ने दीपेंद्र हुड्डा और राजा वड़िंग के कंधों पर हाथ रखकर उन्हें भीड़ संभालने और लोगों को बैठाने की जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा को जबरन नीचे उतारने की बात में कोई सच्चाई नहीं है।
राव ने इस पूरे मामले को भाजपा के आईटी सेल का भ्रामक दुष्प्रचार बताया। उनके मुताबिक, वीडियो को जिस तरह पेश किया जा रहा है, उससे घटना का गलत अर्थ निकाला जा रहा है।
जस्सी पेटवाड़ बोले- बैरिकेडिंग के नीचे दब गए थे कार्यकर्ता
नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने मंगलवार सुबह 9:11 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर वायरल वीडियो को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान बैरिकेडिंग गिरने से कुछ कार्यकर्ता उसके नीचे दब गए थे।
जस्सी पेटवाड़ के मुताबिक, भीड़ अधिक होने के कारण बैरिकेडिंग को उठाया नहीं जा सका। ऐसे में राहुल गांधी ने दीपेंद्र हुड्डा को नीचे जाकर कार्यकर्ताओं को संभालने के लिए कहा।
उन्होंने दावा किया कि इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी दीपेंद्र हुड्डा के साथ नीचे उतरे और कार्यकर्ताओं की मदद की। कांग्रेस विधायक की इस पोस्ट के जरिए वायरल वीडियो को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने की कोशिश की गई।
भाजपा नेता अरविंद सैनी ने साधा निशाना, मुख्यमंत्री के फैन पेज पर भी वीडियो पोस्ट
वायरल वीडियो को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। हरियाणा भाजपा के सोशल मीडिया इंचार्ज रहे अरविंद सैनी ने मंगलवार सुबह 9:51 बजे X पर पोस्ट कर दीपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधा।
अरविंद सैनी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “लो देख लो, दीपेंद्र सिंह हुड्डा को तो राहुल गांधी भी धक्का देकर स्टेज से नीचे उतार देता है और ये मुख्यमंत्री बनने के सपने देखते हैं।”
वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के फेसबुक फैन पेज पर भी यह वीडियो अपलोड किया गया। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया, “राहुल गांधी ने भावी CM दीपेंद्र हुड्डा को धक्के मारकर ट्रक से उतारा।”
इस तरह एक ही वीडियो को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं की ओर से अलग-अलग दावे किए गए। कांग्रेस नेताओं ने इसे भीड़ को संभालने के लिए उठाया गया कदम बताया, जबकि भाजपा की ओर से इसे दीपेंद्र हुड्डा पर राजनीतिक तंज कसने के लिए इस्तेमाल किया गया।
दीपेंद्र हुड्डा से संपर्क की कोशिश, नहीं मिला जवाब
इस मामले में दीपेंद्र सिंह हुड्डा का पक्ष जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। उन्हें मैसेज भी भेजा गया, लेकिन उसकी भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
ऐसे में वायरल वीडियो को लेकर दीपेंद्र हुड्डा का प्रत्यक्ष पक्ष सामने नहीं आया। फिलहाल कांग्रेस नेताओं की ओर से दी गई सफाई और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं के आधार पर मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
Akhil Mahajan