सुबह की डाइट में शामिल करें भीगे चने ,पेट से लेकर मांसपेशियों तक को मिलेंगे फायदे
सुबह भीगे चने खाने से शरीर को प्रोटीन और फाइबर मिलता है। यह ऊर्जा, मांसपेशियों, पाचन, वजन प्रबंधन, ब्लड शुगर और हार्ट हेल्थ में मददगार हो सकता है।
भीगे चने प्रोटीन और फाइबर से भरपूर, सुबह की डाइट में हो सकते हैं शामिल
➤ ऊर्जा और मांसपेशियों के साथ पाचन व वजन प्रबंधन में भी मददगार
➤ लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स के कारण डायबिटीज और हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद
अच्छी सेहत के लिए डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करना जरूरी है, जिनसे शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्व मिल सकें। इसके लिए हमेशा महंगे खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। हमारी रसोई में मौजूद कई सामान्य चीजें भी पोषण से भरपूर होती हैं। इन्हीं में से एक है चना।
खासकर रातभर पानी में भिगोकर रखे गए चने सुबह खाना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। चना लंबे समय से भारतीय खान-पान का हिस्सा रहा है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने से लेकर पाचन और मांसपेशियों के स्वास्थ्य तक में भूमिका निभाते हैं।
नियमित आहार में उचित मात्रा में भीगे चने शामिल करने से पेट लंबे समय तक भरा रह सकता है। इससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा और अनहेल्दी स्नैकिंग से बचने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ को डाइट में शामिल करते समय मात्रा और व्यक्ति की अपनी जरूरत का ध्यान रखना जरूरी है।
शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं भीगे चने
सुबह के समय भीगे चने खाना दिन की शुरुआत के लिए एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है। इनमें कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। इसके साथ ही चने में पाया जाने वाला प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं के रखरखाव के लिए जरूरी होता है।
इस वजह से शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों के लिए भी डाइट में चने बेहतर विकल्प हो सकते हैं। प्रोटीन शरीर के ऊतकों के निर्माण और मरम्मत में भी भूमिका निभाता है। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में चने शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं।
मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में प्रोटीन की भूमिका
मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत के लिए प्रोटीन जरूरी होता है और चना इसका अच्छा स्रोत है। नियमित रूप से व्यायाम या जिम करने वाले लोग संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसे ले सकते हैं।
चने में प्रोटीन के साथ फाइबर भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। प्रोटीन और फाइबर दोनों पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं। इससे बार-बार भूख लगने और जरूरत से ज्यादा खाने से बचने में मदद मिल सकती है। इस तरह वजन को बढ़ने से रोकने में भी यह मददगार हो सकता है।
फाइबर की वजह से पाचन स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद
भीगे चनों में मौजूद फाइबर पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है। पर्याप्त मात्रा में फाइबर लेने से मल को नरम रखने और नियमित मल त्याग में मदद मिल सकती है। इसी वजह से कब्ज जैसी समस्या से बचाव में फाइबर को काफी लाभकारी माना जाता है।
आहार में पर्याप्त फाइबर वाली चीजों को शामिल करने से पाचन स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में भी मदद मिल सकती है।
हालांकि, अचानक बहुत ज्यादा चना खाने से कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसलिए इसे डाइट में उचित मात्रा में शामिल करना बेहतर माना जाता है।
डायबिटीज और हार्ट हेल्थ के लिए भी हो सकते हैं फायदेमंद
चना लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला खाद्य पदार्थ है। इसलिए इसे खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने का खतरा कुछ दूसरे कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों की तुलना में कम होता है। इसमें मौजूद फाइबर भी ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
इसके अलावा संतुलित आहार में फाइबर वाली चीजों को पर्याप्त मात्रा में शामिल करने से कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदा मिलता है। यही वजह है कि चने को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
वजन प्रबंधन में भी मदद कर सकते हैं भीगे चने
वजन को नियंत्रित रखने के लिए लंबे समय तक पेट भरा महसूस होना महत्वपूर्ण हो सकता है। भीगे चनों में मौजूद प्रोटीन और फाइबर इस काम में मदद कर सकते हैं। इनके सेवन से बार-बार भूख लगने और अनावश्यक रूप से कुछ खाने की आदत से बचने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, केवल चने को डाइट में शामिल करने से वजन प्रबंधन संभव नहीं है। इसे संतुलित आहार का हिस्सा मानकर लेना अधिक उचित है।
Akhil Mahajan