हरियाणा में हाईवे जाम,किसान महापंचायत के बाद आंदोलन का ऐलान
यमुनानगर में किसान महापंचायत के बाद पंचकूला-सहारनपुर हाईवे जाम किया गया। धान खरीद, बारदाना, गन्ने के रेट और सरकार की नीतियों को लेकर किसानों में रोष है।
यमुनानगर में किसानों ने पंचकूला-सहारनपुर हाईवे किया जाम
➤ किसान महापंचायत में आंदोलन का ऐलान, राकेश टिकैत ने सरकार पर साधा निशाना
➤ धान खरीद, फसल और गन्ने के रेट को लेकर किसानों में रोष, बॉर्डर सील करने की चेतावनी
यमुनानगर के औरंगाबाद में रविवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की ओर से किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा गया। किसान नेता राकेश टिकैत ट्रैक्टर पर सवार होकर महापंचायत में पहुंचे और धान खरीद में आ रही परेशानियों, किसानों की फसल, गन्ने के रेट और सरकार की नीतियों को लेकर अपनी बात रखी।
महापंचायत के दौरान भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने यमुनानगर में हाईवे जाम करने का ऐलान किया। घोषणा के बाद किसान हाईवे की ओर बढ़े और पंचकूला-सहारनपुर हाईवे पर धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि अधिकारी उनकी मांगों का ज्ञापन लेने के लिए हाईवे पर ही आएं। हाईवे पर किसानों के धरने के बाद प्रशासन की ओर से एसडीएम विश्वनाथ किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
धान खरीद में परेशानी और गन्ने के दाम को लेकर किसानों में रोष
किसान नेताओं ने महापंचायत में कहा कि हरियाणा में किसानों की कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। धान की खरीद प्रक्रिया अभी भी सही तरीके से शुरू नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि खरीद के नाम पर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
राकेश टिकैत ने कहा कि ये वही किसान हैं, जिन्होंने 13 महीने तक दिल्ली को घेरकर रखा था। उन्होंने कहा कि सरकार की खराब नीतियों के कारण युवा खेती से दूर हो रहा है। टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर कहा कि हरियाणा के किसान जो भी निर्णय लेंगे, भारतीय किसान यूनियन उनके साथ खड़ी रहेगी।
टिकैत ने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो हरियाणा-उत्तर प्रदेश बॉर्डर को सील करने का फैसला भी लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसान कमेटी के निर्णय के साथ हैं और देशभर में किसानों के साथ अत्याचार हो रहा है। टिकैत ने कहा कि किसान ही देश को बचाएगा।
राकेश टिकैत बोले- हरियाणा के किसान जो निर्णय लेंगे, भाकियू साथ खड़ी रहेगी
राकेश टिकैत ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के किसान भी अपनी फसल हरियाणा में बेचने के लिए आते थे, लेकिन अब हरियाणा का किसान ही परेशान है। उन्होंने किसानों की फसल की खरीद सुचारु तरीके से कराने और उन्हें मंडियों में अनावश्यक परेशानी से बचाने की मांग की।
टिकैत ने धान खरीद व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को इस तरह संचालित किया जाना चाहिए कि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो। महापंचायत में किसानों से जुड़े इन मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर चर्चा हुई और आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
रतन मान बोले- न फसल खरीदी जा रही, न किसानों को गन्ने का सही दाम मिल रहा
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि हरियाणा में किसानों की कई समस्याएं हैं। उनके अनुसार, किसानों की फसल की खरीद को लेकर दिक्कतें बनी हुई हैं और गन्ने के दाम को लेकर भी किसानों में रोष है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी मांगों के लिए बार-बार आंदोलन करने पड़ रहे हैं।
रतन मान ने कहा कि धान की खरीद शुरू होने की बात कही जा रही है, लेकिन मंडियों में अभी तक पर्याप्त बारदाना नहीं पहुंचा है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही और खेती-किसानी को कमजोर करने वाली नीतियां अपनाई जा रही हैं।
हाईवे पर धरने के बाद किसानों के बीच पहुंचे एसडीएम विश्वनाथ
महापंचायत में हाईवे जाम करने के ऐलान के बाद किसान पंचकूला-सहारनपुर हाईवे पर पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों का ज्ञापन लेने के लिए अधिकारियों को धरनास्थल पर आना होगा।
किसानों के हाईवे पर बैठने की सूचना के बाद एसडीएम विश्वनाथ किसानों से मिलने पहुंचे। उन्होंने हाईवे पर किसानों के साथ बैठकर उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।
किसानों का कहना है कि धान खरीद में आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए, मंडियों में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया जाए, किसानों की फसल की खरीद सुचारु रूप से कराई जाए और गन्ने के रेट को लेकर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
आंदोलन को लेकर किसानों ने साफ किया रुख
किसान महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि किसानों को अपनी मांगों के लिए बार-बार आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। रतन मान ने कहा कि किसानों की फसल की खरीद को लेकर दिक्कतें बनी हुई हैं और गन्ने के दाम को लेकर भी किसान परेशान हैं।
महापंचायत के बाद हाईवे पर किसानों के धरने ने आंदोलन को लेकर उनकी आगे की रणनीति को स्पष्ट कर दिया। राकेश टिकैत ने भी कहा कि हरियाणा के किसान जो निर्णय लेंगे, भारतीय किसान यूनियन उनके साथ रहेगी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर हरियाणा-उत्तर प्रदेश बॉर्डर सील करने का फैसला लिए जाने की बात कही।
Akhil Mahajan