दादी की तेरहवीं में जा रहे युवक की मौ*त, रेलवे ट्रैक के पास मिला श*व

अंबाला में दादी की तेरहवीं में रायबरेली लौट रहे 28 वर्षीय दुर्गेश का रेलवे ट्रैक के पास शव मिला। GRP हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

दादी की तेरहवीं में जा रहे युवक की मौ*त, रेलवे ट्रैक के पास मिला श*व

दादी की तेरहवीं में शामिल होने रायबरेली लौट रहा था 28 वर्षीय दुर्गेश

➤ अंबाला कैंट-सिटी के बीच रेलवे ट्रैक के पास मिला शव, सिर में गंभीर चोट और पैर फ्रैक्चर

➤ लुधियाना से लखनऊ का जनरल टिकट मिला, GRP हादसे के कारणों की जांच में जुटी

 

अंबाला में दादी की तेरहवीं में शामिल होने घर लौट रहे 28 साल के युवक की ट्रेन हादसे में मौत हो गई। मृतक की पहचान रायबरेली निवासी दुर्गेश के रूप में हुई है। वह लुधियाना में रहकर पुताई का काम करता था और दादी की मौत के बाद तेरहवीं में शामिल होने अपने घर लौट रहा था। शनिवार सुबह अंबाला कैंट और अंबाला सिटी रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के पास उसका शव मिला।

दुर्गेश की मौत की सूचना मिलने के बाद रविवार को रायबरेली से उसके परिजन और रिश्तेदार अंबाला पहुंचे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया की गई। लुधियाना में रहने वाले उसके कुछ रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंचे।

मई में काम के लिए गया था लुधियाना, 23 सितंबर को हुई दादी की मौत

मृतक के छोटे भाई बृजेश ने बताया कि दुर्गेश लुधियाना में रहकर पुताई का काम करता था। वह मई महीने में ही घर से वापस लुधियाना काम पर गया था। इसी दौरान 23 सितंबर को उनकी दादी की मौत हो गई।

दादी की मौत की खबर मिलने के बाद दुर्गेश तेरहवीं में शामिल होने के लिए रायबरेली स्थित अपने घर लौट रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द ही घर पहुंच जाएगा, लेकिन रास्ते में ही वह हादसे का शिकार हो गया। परिवार के मुताबिक, दुर्गेश घर में कमाने वाला सदस्य था और मई से लुधियाना में काम कर रहा था।

भाई का दावा- ट्रेन के अंदर खड़ा था, किसी ने धक्का दे दिया

बृजेश ने बताया कि दुर्गेश ट्रेन के अंदर खड़ा था। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उसे धक्का दे दिया, जिससे वह ट्रेन से नीचे गिर गया। गिरने के बाद उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।

हालांकि, पुलिस जांच में अभी तक हादसे के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं हुई है। GRP मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्गेश ट्रेन से कैसे गिरा।

सिर में गंभीर चोट, छाती पर भी निशान और एक पैर फ्रैक्चर

पोस्टमार्टम के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार दुर्गेश के सिर में गंभीर चोट लगी थी। उसकी छाती पर भी चोट के निशान मिले हैं, जबकि एक पैर फ्रैक्चर हुआ था।

इन चोटों को ट्रेन से गिरने की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस अभी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हादसे की पूरी स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

जेब से मिला लुधियाना से लखनऊ का जनरल टिकट

पुलिस को दुर्गेश की जेब से लुधियाना से लखनऊ का जनरल टिकट मिला है। पुलिस के अनुसार, यह टिकट 2 अक्टूबर की रात करीब 2:10 बजे लुधियाना से रवाना होने वाली ट्रेन का था।

दुर्गेश के पास 60 रुपए नकद और POCO कंपनी का मोबाइल भी मिला। मोबाइल की स्क्रीन टूटी हुई थी। इन सामान और टिकट को भी पुलिस जांच का हिस्सा बना रही है।

शनिवार सुबह स्टेशन मास्टर ने दी थी शव की सूचना

GRP चौकी इंचार्ज यशपाल के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8 बजे स्टेशन मास्टर ने रेलवे ट्रैक के पास शव पड़े होने की सूचना दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की।

पुलिस ने शव की तलाशी लेने के साथ मौके से जरूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद शव को अंबाला सिटी सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को रायबरेली से परिजन और रिश्तेदार अंबाला पहुंचे।

रायबरेली से पांच लोग पहुंचे, लुधियाना के रिश्तेदार भी अस्पताल आए

दुर्गेश की मौत की सूचना मिलने के बाद रायबरेली से पांच लोग अंबाला पहुंचे। इसके अलावा लुधियाना में रहने वाले उसके कुछ रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंचे।

परिजनों के अनुसार, दुर्गेश परिवार में कमाने वाला सदस्य था। वह मई महीने से लुधियाना में पुताई का काम कर रहा था। दादी की तेरहवीं में शामिल होने के लिए वह घर लौट रहा था, लेकिन परिवार तक पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि दुर्गेश ट्रेन से किन परिस्थितियों में नीचे गिरा। भाई द्वारा लगाए गए धक्का देने के आरोप समेत हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच GRP कर रही है।