हाईवे जाम,मंड विवाद पर प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस मची भगदड़
अंबाला में गुरसिमरन सिंह मंड विवाद को लेकर सिख संगत के प्रदर्शन के बाद कई हाईवे जाम हो गए। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, स्कूल में बच्चे फंसे और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना सामने आई।
अंबाला में प्रदर्शनकारियों ने कई हाईवे किए जाम, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
➤ गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ FIR और गिरफ्तार युवाओं की रिहाई की मांग
➤ स्कूल में बच्चे फंसे, वाहनों में तोड़फोड़ के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति
अंबाला। हरियाणा के अंबाला में गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तार युवाओं की रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में बैठक के बाद बड़ी संख्या में सिख संगत हाईवे पर पहुंच गई और सड़क जाम कर दी।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे मौके पर भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी सामने आई है।
हाईवे पर आमने-सामने आई भीड़ और पुलिस
प्रदर्शनकारी अंबाला-नारायणगढ़ नेशनल हाईवे-7 पर पहुंच गए थे। यहां जाम लगने के बाद वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे।
इसके बाद दिल्ली-अमृतसर NH-44 को भी दोनों तरफ से जाम कर दिया गया। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि गुरसिमरन सिंह मंड के साथ मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए युवाओं को रिहा किया जाए। इसके साथ ही मंड के खिलाफ भी FIR दर्ज करने की मांग की जा रही है।
सिख संगत का कहना है कि जब तक दोनों मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक हाईवे से जाम हटाने पर सहमति नहीं बनेगी।
स्कूल में फंसे बच्चे, अभिभावकों की बढ़ी चिंता
हंगामे का असर हाईवे के आसपास स्थित एनसीसी स्कूल पर भी पड़ा। स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने छुट्टी रोक दी, जिससे बच्चे परिसर के अंदर ही फंसे रहे।
बच्चों के अभिभावक लगातार फोन कर उनकी जानकारी लेते रहे। हाईवे पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से हालात को नियंत्रित करने के प्रयास जारी रहे।
सात अगस्त की घटना के बाद शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद सात अगस्त को गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में हुई घटना से जुड़ा है। आरोप के मुताबिक, गुरसिमरन सिंह मंड अपनी Y+ सुरक्षा के साथ गुरुद्वारा पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी को लेकर विवाद हो गया था।
आरोप है कि मंड की गाड़ी से संगत को टक्कर लगी, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों और कुछ निहंगों ने मंड के साथ मारपीट की। इस दौरान उनकी इनोवा गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई थी।
घटना के दौरान मंड के साथ मौजूद लोगों में से कुछ के घायल होने की भी बात सामने आई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और मंड को भीड़ से बाहर निकाला था।
घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए थे, जिनमें मंड भीड़ के बीच हाथ जोड़ते और माफी मांगते दिखाई दिए थे।
पुलिस कार्रवाई को लेकर सिख संगत में नाराजगी
गुरुवार को गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में इसी घटना को लेकर बड़ी बैठक आयोजित की गई। इसमें हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी और विभिन्न जत्थेबंदियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में आरोप लगाया गया कि मंड की शिकायत पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की, जबकि गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से दी गई शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
संगत की ओर से दोनों पक्षों की शिकायतों पर निष्पक्ष और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई।
मंड की गाड़ी से हुई घटना की भी जांच की मांग
बैठक में उस कथित सड़क हादसे का मुद्दा भी उठाया गया, जिसमें मंड से संबंधित वाहन शामिल होने की बात कही गई है। संगत का दावा है कि घटना के समय वाहन मंड के बेटे भवजोत सिंह चला रहे थे।
संगत ने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। गुरुद्वारे के आसपास किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
बैठक में अमृतपाल सिंह के माता-पिता भी पहुंचे
बैठक में खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और माता बलविंदर कौर भी पहुंचे। इसके अलावा एचएसजीएमसी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा, उपाध्यक्ष गुरबीर सिंह तलाकौर समेत विभिन्न जत्थेबंदियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में आगे की रणनीति और प्रशासन से बातचीत को लेकर भी चर्चा की गई।
मंड ने अस्पताल से लगाए थे गंभीर आरोप
घटना में घायल हुए गुरसिमरन सिंह मंड ने अस्पताल से वीडियो जारी कर अपने ऊपर हुए हमले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
मंड के अनुसार, भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया था और तलवार, लाठी तथा ईंटों से हमला किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें और उनके बेटे को बचाने पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई।
मंड ने दावा किया था कि हमलावरों ने उनसे कुछ विशेष नारे लगाने के लिए कहा और इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने खुद को तिरंगे और देश के साथ खड़ा बताते हुए कहा था कि वह इस घटना से डरने वाले नहीं हैं।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की जा रही है।
आंसू गैस के बाद भगदड़, प्रशासन अलर्ट
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भीड़ आमने-सामने आ गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
इसके बाद मौके पर कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बनी। वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने और कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचने की सूचना भी सामने आई।
फिलहाल पंजोखरा साहिब से NH-44 तक पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन की कोशिश है कि हाईवे पर यातायात बहाल कराया जाए और स्थिति को आगे बिगड़ने से रोका जाए।
pooja