राफेल का देसी जोड़ीदार तैयार! Tejas Mk2 ने पार किया बड़ा पड़ाव, अब आसमान में दिखेगा दम
Tejas Mk2 के पहले प्रोटोटाइप की एयरफ्रेम असेंबली पूरी हुई। मार्च 2027 में ग्राउंड रन और 2027 में पहली उड़ान की योजना है।
➤ Tejas Mk2 के एयरफ्रेम की असेंबली पूरी, विकास में बड़ी प्रगति
➤ मार्च 2027 तक ग्राउंड रन, 2027 के मध्य से आखिर तक पहली उड़ान की योजना
➤ F414 इंजन के भारत में उत्पादन से घरेलू फाइटर जेट निर्माण को मिलेगा बढ़ावा
भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट Tejas Mk2 के पहले प्रोटोटाइप के एयरफ्रेम की स्ट्रक्चरल असेंबली पूरी कर ली है। विमान के फ्रंट, सेंटर और रियर फ्यूजलेज सेक्शन को जोड़कर पूरा एयरफ्रेम तैयार किया गया है। इसे तेजस Mk2 के विकास कार्यक्रम में एक अहम चरण माना जा रहा है, क्योंकि अब विमान डिजाइन और अलग-अलग कंपोनेंट तैयार करने के चरण से आगे बढ़कर पूरे विमान के स्तर पर इंटीग्रेशन और ट्रायल के चरण में पहुंच गया है। HAL के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर रवि कुमार के मुताबिक कंपनी मार्च 2027 तक विमान का पहला ग्राउंड रन कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके बाद 2027 के मध्य से आखिर तक तेजस Mk2 की पहली उड़ान कराए जाने की योजना है।
Tejas Mk2 को भारत के स्वदेशी मीडियम वेट लड़ाकू विमान कार्यक्रम के तहत विकसित किया जा रहा है। इसे राफेल के छोटे भाई या जोड़ीदार के तौर पर भी बताया जा रहा है। एयरफ्रेम की असेंबली पूरी होना इस परियोजना के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि विमान अब वास्तविक परीक्षण के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है। HAL ने औपचारिक रूप से कॉन्ट्रैक्ट नहीं होने के बावजूद प्रोटोटाइप के निर्माण पर काम जारी रखा है।
तेजस Mk2 के विकास में अगला महत्वपूर्ण चरण ग्राउंड रन होगा। मार्च 2027 में प्रस्तावित इस परीक्षण के दौरान विमान को उड़ाने से पहले उसके स्ट्रक्चर, इंजन, एवियोनिक्स, नियंत्रण प्रणालियों और अन्य आंतरिक सिस्टम की जांच की जाएगी। जमीन पर सिस्टम के प्रदर्शन और सुरक्षा मानकों के संतोषजनक पाए जाने के बाद प्रोटोटाइप को पहली उड़ान के लिए तैयार किया जाएगा।
HAL ने तेजस Mk2 के परीक्षण के लिए कुल 4 प्रोटोटाइप तैयार करने की रणनीति बनाई है। पहले दो प्रोटोटाइप का इस्तेमाल उड़ान सुरक्षा, एयरोडायनामिक्स और विभिन्न प्रणालियों के इंटीग्रेशन से जुड़े परीक्षणों के लिए किया जाएगा। वहीं तीसरे और चौथे प्रोटोटाइप को मुख्य रूप से हथियार परीक्षणों के लिए इस्तेमाल किए जाने की योजना है। लाइव हथियार परीक्षण करीब 2030 से शुरू होने की उम्मीद है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षण सफल रहने पर तेजस Mk2 को 2031 तक पूर्ण उत्पादन मंजूरी मिल सकती है।
भारत में बनेगा F414 इंजन
तेजस Mk2 को अमेरिकी कंपनी GE Aerospace का F414-INS6 आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन शक्ति देगा। यह इंजन मौजूदा तेजस Mk1 और Mk1A में इस्तेमाल हो रहे GE F404 इंजन से अधिक शक्तिशाली है। शुरुआती प्रोटोटाइप के लिए एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने कुछ F414 इंजन हासिल किए हैं।
भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए HAL और GE Aerospace भारत में F414 इंजन के संयुक्त उत्पादन की दिशा में बातचीत कर रहे हैं। HAL के CMD के मुताबिक तकनीकी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं और प्रस्तावित समझौते में करीब 80 प्रतिशत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर शामिल होगा। अब HAL को GE की ओर से अंतिम वाणिज्यिक प्रस्ताव का इंतजार है। इसके बाद कीमत, उत्पादन और अन्य शर्तों पर बातचीत आगे बढ़ेगी।
भारत में F414 इंजन का उत्पादन शुरू होने से घरेलू लड़ाकू विमान निर्माण के लिए इंजन की आपूर्ति अधिक स्थिर होने की उम्मीद है। इसके साथ ही विदेशी इंजन आपूर्ति पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है। स्वदेशी विमान और इंजन निर्माण की क्षमता बढ़ने से भारत के घरेलू रक्षा उत्पादन कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
भारत रक्षा उपकरणों के आयात पर हर साल बड़ी राशि खर्च करता है। ऐसे में घरेलू तकनीक से रक्षा उपकरण तैयार करने का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ भविष्य में निर्यात की संभावनाओं को बढ़ाना भी है। हाल के समय में भारत ने वैश्विक रक्षा बाजार में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की खरीद में दूसरे देशों की रुचि का भी उल्लेख किया गया है।
तेजस Mk2 के मामले में यदि विकास, परीक्षण और उत्पादन का निर्धारित कार्यक्रम आगे बढ़ता है, तो यह भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान निर्माण कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। फिलहाल परियोजना एयरफ्रेम असेंबली पूरी होने के बाद ग्राउंड रन और पहली उड़ान की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके बाद होने वाले परीक्षणों से विमान की विभिन्न प्रणालियों और प्रदर्शन की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
Akhil Mahajan